यदि आप भी लैपटॉप या कंप्यूटर इस्तेमाल करते हैं तो आपके लिए बड़ी खबर है। आपकी एक गलती आपको बहुत महंगी पड़ सकती है। भारत की साइबर सुरक्षा एजेंसी CERT-In (Computer Emergency Response Team - India) ने Google Chrome और Microsoft Edge ब्राउजर में मिले खतरनाक सिक्योरिटी बग्स को लेकर चेतावनी जारी की है।
Google Chrome (Windows, macOS और Linux), Microsoft Edge (Chromium आधारित)। CERT-In ने कहा है कि पुराने वर्जन चलाने वाले सिस्टम सबसे ज़्यादा जोखिम में हैं, इसलिए तुरंत अपडेट करने की सलाह दी गई है।
CERT-In के अनुसार यह दिक्कत Type Confusion, और Google Updater, DevTools, Downloads आदि के गलत इम्प्लीमेंटेशन की वजह से हो रही है। Type Confusion वह स्थिति होती है जब सॉफ्टवेयर किसी डेटा को गलत फॉर्मेट में प्रोसेस करता है, जिससे सिस्टम हैंग, डेटा चोरी या हैकिंग की स्थिति बन सकती है।
Windows: 143.0.7499.40/.41 से पहले के वर्जन, macOS: 143.0.7499.40/.41 से पहले के वर्जन, Linux: 143.0.7499.40 से पहले के वर्जन।
Microsoft Edge Stable Channel के 143.0.3650.66 से पहले के वर्जन भी उन्हीं कमजोरियों से प्रभावित हैं, इसलिए Edge यूजर्स को भी तुरंत अपडेट करना जरूरी है।
CERT-In ने सलाह दी है कि Google Chrome को अपडेट करें। इसके लिए क्रोम के मेन्यू Menu > Help > About Google Chrome में जाएं। अपडेट अपने आप डाउनलोड और इंस्टॉल हो जाएगा।