Kal Ka Mausam 17 August 2026: देशभर में मानसून एक बार फिर सक्रिय नजर आ रहा है और कई राज्यों में बारिश का दौर जारी रहने वाला है। मौसम विभाग ने दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान से लेकर पहाड़ी, दक्षिणी और पूर्वोत्तर राज्यों तक बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना जताई है। कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश का भी अनुमान है, ऐसे में आने वाले दिनों में मौसम के बदलते मिजाज पर नजर रखना जरूरी होगा। वेदर सिस्ट्म की बात करें तो समुद्र तल पर मानसून ट्रफ का पश्चिमी सिरा अपनी सामान्य स्थिति से उत्तर की ओर और पूर्वी सिरा सामान्य स्थिति से दक्षिण की ओर बना हुआ है।
उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने ऊपरी वायु चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) के प्रभाव से 16 अगस्त 2026 को सुबह 5:30 बजे उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी तथा उससे सटे पश्चिम बंगाल और उत्तर ओडिशा के तटीय क्षेत्रों में एक निम्न दबाव का क्षेत्र विकसित हुआ, जो सुबह 8:30 बजे तक इसी क्षेत्र में सक्रिय रहा। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के दौरान इसके लगभग उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ने और और अधिक प्रभावी होने की संभावना जताई है। वहीं, 15 अगस्त की शाम झारखंड के दक्षिण-पूर्वी हिस्से और आसपास बना निम्न दबाव का क्षेत्र (Low Pressure Area) कमजोर होकर कम स्पष्ट हो गया। इसके अलावा, मध्य क्षोभमंडलीय स्तर पर करीब 22 डिग्री उत्तरी अक्षांश के साथ मध्य और आसपास के उत्तरी प्रायद्वीपीय भारत में एक शियर जोन (Shear Zone) सक्रिय है। मध्य क्षोभमंडल में दक्षिण-पूर्वी उत्तर प्रदेश और गुजरात के ऊपर ऊपरी वायु चक्रवाती परिसंचरण बने हुए हैं। निचले क्षोभमंडलीय स्तर पर उत्तर-पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी एक चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है। इसके अलावा, जम्मू संभाग और आसपास के क्षेत्रों में मध्य क्षोभमंडलीय स्तर पर एक अन्य ऊपरी वायु चक्रवाती परिसंचरण मौजूद है। इन सभी मौसमी प्रणालियों के चलते आने वाले दिनों में कई क्षेत्रों में बारिश और मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है।
दिल्ली में कल का मौसम
17 अगस्त यानी कल दिल्ली में दिनभर आसमान बादलों से घिरा रहने की संभावना है। सुबह से दोपहर के बीच एक-दो बार बहुत हल्की से हल्की बारिश हो सकती है। इसके बाद शाम से रात के दौरान भी हल्की बारिश का एक और दौर देखने को मिल सकता है। इस दौरान दिल्ली में अधिकतम तापमान 33 से 35 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 से 26 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। अधिकतर इलाकों में न्यूनतम और अधिकतम तापमान सामान्य स्तर के आसपास ही बने रहने की संभावना है। हवा की बात करें तो सुबह के समय पश्चिम दिशा से करीब 20 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से सतही हवाएं चल सकती हैं। दोपहर में हवा की गति कुछ कम होकर दक्षिण-पश्चिम दिशा से लगभग 15 किलोमीटर प्रति घंटे तक रह सकती है। वहीं, शाम और रात के दौरान दक्षिण-पश्चिम दिशा से हवाओं की रफ्तार बढ़कर करीब 18 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने का अनुमान है।
यूपी में कल का मौसम कैसा रहेगा?
उत्तर प्रदेश में कल मानसून के सक्रिय रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, पूर्वी उत्तर प्रदेश में 17 से 22 अगस्त तक कई स्थानों पर बारिश जारी रह सकती है, जबकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 17 अगस्त को बारिश होने के आसार हैं। 17 अगस्त को खासकर पूर्वी यूपी के कई हिस्सों में बारिश देखने को मिल सकती है। इस दौरान पूर्वी उत्तर प्रदेश में 17 और 18 अगस्त तक गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना भी जताई गई है। वहीं, पश्चिमी यूपी में भी 17 अगस्त को कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। हालांकि, 17 अगस्त को भारी बारिश का प्रमुख अलर्ट पूर्वी यूपी के लिए नहीं दिया गया है; पूर्वी यूपी में भारी बारिश की संभावना 19 अगस्त को बताई गई है।
बिहार में अगले पांच दिनों का मौसम
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, बिहार में अगले पांच दिनों यानी 17 से 21 अगस्त 2026 तक बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। 17 से 19 अगस्त के बीच बिहार में कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इसके अलावा, 17 से 20 अगस्त के दौरान कुछ इलाकों में भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। खास तौर पर 17 और 18 अगस्त को बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं, जबकि 19 और 20 अगस्त को भी बिहार के कुछ हिस्सों में भारी बारिश देखने को मिल सकती है। मौसम विभाग के अनुसार, इस दौरान अलग-अलग स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना बनी रहेगी। कुल मिलाकर, अगले पांच दिनों में बिहार में मौसम सुहावना लेकिन बारिश वाला रहने की उम्मीद है। कई जिलों में रुक-रुककर बारिश हो सकती है, जबकि कुछ इलाकों में भारी बारिश के कारण जलभराव जैसी स्थिति भी बन सकती है।
राजस्थान में कल के मौसम का हाल
17 अगस्त को राजस्थान में मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। राज्य के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है, हालांकि बारिश की गतिविधियां हर जगह एक जैसी नहीं रहेंगी। खास तौर पर पूर्वी राजस्थान में आने वाले दिनों में बारिश का दौर सक्रिय होने की संभावना है और 19 से 21 अगस्त के बीच कुछ स्थानों पर भारी बारिश भी हो सकती है। 17 अगस्त को राजस्थान में कुछ इलाकों में बादल छाए रह सकते हैं और स्थानीय स्तर पर बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। वहीं, राज्य के अन्य हिस्सों में कहीं-कहीं छिटपुट बारिश होने का अनुमान है।
पर्वतीय राज्यों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना
मौसम विभाग के अनुसार, 17 से 22 अगस्त के बीच देश के प्रमुख पहाड़ी राज्यों में बारिश का दौर सक्रिय रहने वाला है। हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और उत्तराखंड में इस दौरान कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। कुछ क्षेत्रों में बारिश की तीव्रता बढ़ने के साथ भारी बारिश भी देखने को मिल सकती है। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में 16 अगस्त को भारी बारिश की संभावना है, जबकि 17 से 19 अगस्त के बीच कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश हो सकती है। हिमाचल प्रदेश में 16 अगस्त और फिर 19 से 22 अगस्त के बीच भारी बारिश के आसार हैं। वहीं, 17-18 अगस्त को हिमाचल के कुछ इलाकों में बहुत भारी बारिश हो सकती है। उत्तराखंड में 18 से 22 अगस्त के दौरान भारी बारिश का अनुमान है, जबकि 16-17 अगस्त को कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश भी हो सकती है। बारिश के साथ उत्तराखंड में 17 से 22 अगस्त तक गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना बनी रहेगी। ऐसे में पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों और पर्यटकों को मौसम में अचानक बदलाव, तेज बारिश और स्थानीय स्तर पर बनने वाली प्रतिकूल परिस्थितियों को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है।
17 से 22 अगस्त तक दक्षिण में रहेगा बारिश का दौर जारी
दक्षिण भारत के कई हिस्सों में 17 से 22 अगस्त के दौरान बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। तटीय आंध्र प्रदेश और यनम, रायलसीमा, उत्तर आंतरिक कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल तथा तेलंगाना में इस अवधि के दौरान कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। वहीं, 21 और 22 अगस्त को केरल, माहे और लक्षद्वीप में भी छिटपुट बारिश होने के आसार हैं। केरल और माहे के साथ लक्षद्वीप में 17 से 20 अगस्त तक कई स्थानों पर बारिश होने की संभावना है, जबकि तटीय कर्नाटक में 17 से 22 अगस्त के बीच व्यापक स्तर पर बारिश जारी रह सकती है। इस दौरान कुछ इलाकों में मौसम के अचानक बदलने के साथ गरज-चमक भी देखने को मिल सकती है। 17 से 20 अगस्त के बीच तटीय आंध्र प्रदेश, यनम, रायलसीमा और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराईकल में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना है। इन क्षेत्रों में हवा की गति 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है और झोंकों के साथ इसकी रफ्तार 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक जा सकती है। तेलंगाना में 17-18 अगस्त के दौरान भी गरज-चमक और तेज हवाओं का असर देखने को मिल सकता है। बारिश की तीव्रता की बात करें तो तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 18-19 अगस्त को कुछ स्थानों पर भारी बारिश होने का अनुमान है। वहीं, तटीय आंध्र प्रदेश और यनम में भी 17 अगस्त को अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा, तटीय आंध्र प्रदेश, यनम और रायलसीमा में 17 से 20 अगस्त के बीच तेज सतही हवाएं चलने की संभावना बनी रहेगी।
पूर्वोत्तर भारत के मौसम का पूर्वानुमान
पूर्वोत्तर भारत के कई राज्यों में 17 से 22 अगस्त 2026 के दौरान बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। अरुणाचल प्रदेश में 17 से 21 अगस्त तक कई स्थानों पर बारिश हो सकती है, जबकि 22 अगस्त को कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार हैं। वहीं, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी 17 से 22 अगस्त के बीच कई स्थानों पर बारिश होने की संभावना जताई गई है। 17 से 20 अगस्त के दौरान पूर्वोत्तर के कई हिस्सों में गरज-चमक और बिजली गिरने की आशंका बनी रह सकती है। अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय तथा नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में मौसम खराब होने के साथ आकाशीय बिजली की घटनाएं देखने को मिल सकती हैं। बारिश की तीव्रता की बात करें तो असम, मेघालय और नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा में 17 से 22 अगस्त तक अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। वहीं, अरुणाचल प्रदेश में 17 और 18 अगस्त को कुछ इलाकों में बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। ऐसे में पहाड़ी और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को मौसम संबंधी अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी जाती है।
