कोई पूरी तरह वेजिटेरियन बन रहा है, तो कोई वीगन डाइट अपना रहा है। लेकिन, अगर आप मीट या चिकन पूरी तरह छोड़ नहीं सकते, तो आपके लिए फ्लेक्सिटेरियन डाइट एक अच्छा विकल्प हो सकती है।
फ्लेक्सिटेरियन डाइट का मतलब है कि आपकी डाइट में ज्यादातर खाना शाकाहारी होगा, लेकिन कभी-कभी आप मीट, अंडे या मछली खा सकते हैं। यानी आपको पूरी तरह वेजिटेरियन बनने की जरूरत नहीं है। आप धीरे-धीरे अपने खाने में प्लांट बेस्ड फूड बढ़ाते हैं और मीट की मात्रा कम करते हैं।
एक रिपोर्ट के अनुसार, फ्लेक्सिटेरियन डाइट में डेयरी, अंडे, मीट या फिश महीने में कम से कम एक बार लेकिन हफ्ते में एक बार से ज्यादा नहीं ली जाती।
फ्लेक्सिटेरियन डाइट में फल, सब्जियां और दालों की मात्रा ज्यादा होती है, जिससे शरीर को फाइबर, विटामिन और जरूरी पोषक तत्व मिलते हैं। यह दिल की सेहत के लिए अच्छी हो सकती है इसके अलावा पाचन बेहतर करने में भी मदद कर सकती है।
वेजिटेरियन दिनों में आप- ओट्स में फल, नट्स और चिया सीड्स, दाल और सलाद, चने या बीन्स से बनी डिश खा सकते हैं। इसके अलावा टोफू और सब्जियों की डिश पोहा, उपमा जैसी चीजें डाइट में शामिल कर सकते हैं।
कभी-कभी नॉन-वेज भी लिया जा सकता है। जैसे आप ग्रिल्ड फिश और सब्जियां, अंडे के साथ होल ग्रेन टोस्ट या फिर चिकन के साथ सलाद या अनाज डाइट में शामिल कर सकते हैं।