झगड़े नहीं होते तो आप पति-पत्नी ही नहीं- शादी पर सुधा मूर्ति की खरी और काम की सलाह

मशहूर लेखिका, समाजसेविका और इंफोसिस के सह-संस्थापक एन. आर. नारायण मूर्ति की पत्नी सुधा मूर्ति अपने व्यावहारिक और सहज विचारों के लिए जानी जाती हैं। उन्होंने हाल ही में आज के दौर के यंग कपल्स को दांपत्य जीवन से जुड़ी कई अहम और असरदार सलाह दीं।

Authored by: Suneet SinghUpdated Sep 18 2026, 13:48 IST
​रिश्तों में मतभेद और वास्तविकता​Image Credit : Sudha Murthy fb01 / 07

​रिश्तों में मतभेद और वास्तविकता​

सुधा मूर्ति का मानना है कि शादी का मतलब केवल एक साथ रहना नहीं, बल्कि एक-दूसरे को समझते हुए आगे बढ़ना है। वो कहती हैं कि हर रिश्ते में असहमति, चुनौतियां और वैचारिक मतभेद होना स्वाभाविक है। इसे रिश्ते की नाकामी मानने के बजाय सहजता से स्वीकार करना चाहिए।

​लड़ाई-झगड़े हैं रिश्ते की पहचान​Image Credit : Sudha Murthy fb02 / 07

​लड़ाई-झगड़े हैं रिश्ते की पहचान​

उनकी सबसे पहली और स्पष्ट सलाह यह है कि पति-पत्नी के बीच झगड़े होना बिल्कुल स्वाभाविक है। यदि कोई जोड़ा दावा करता है कि उनके बीच कभी लड़ाई नहीं हुई, तो वे वास्तव में पति-पत्नी की तरह नहीं रह रहे हैं। मतभेद होना सामान्य बात है।

​गुस्से को शांत करने का गोल्डेन रूल​Image Credit : Sudha Murthy fb03 / 07

​गुस्से को शांत करने का गोल्डेन रूल​

सुधा सलाह देती हैं कि एक ही समय पर पति-पत्नी दोनों को गुस्सा नहीं होना चाहिए। जब पति या पत्नी में से कोई एक व्यक्ति नाराज हो, तो दूसरे को शांत रहकर उसकी बात सुन लेनी चाहिए। दोनों का एक साथ आक्रामक होना विवाद को बढ़ावा देता है।

सुधा मूर्ति का अपना अनुभवImage Credit : Sudha Murthy fb04 / 07

सुधा मूर्ति का अपना अनुभव

सुधा मूर्ति ने अपने शादीशुदा जीवन का उदाहरण देते हुए कहती हैं कि जब नारायण मूर्ति गुस्से में होते हैं, तो वे चुप रहकर उनकी बात सुन लेती हैं। ठीक इसी तरह, जब वे खुद गुस्से में होती हैं, तो नारायण मूर्ति शांत रहते हैं। इससे बड़ी से बड़ी बहस बिना नुकसान पहुंचाए खत्म हो जाती है।

​कमियों के साथ स्वीकारें अपना पार्टनर​Image Credit : Sudha Murthy fb05 / 07

​कमियों के साथ स्वीकारें अपना पार्टनर​

तीसरी सलाह वो देती हैं कि दुनिया में कोई भी व्यक्ति या शादीशुदा जोड़ा सही या परफेक्ट नहीं होता। हर इंसान में कुछ अच्छाइयां और कमियां होती हैं। इसलिए साथी को बदलने की कोशिश करने के बजाय उसकी कमियों के साथ उसे स्वीकार करना ही समझदारी है।

​घर के कामों में बराबरी का सहयोग​Image Credit : Sudha Murthy fb06 / 07

​घर के कामों में बराबरी का सहयोग​

वर्किंग कपल्स में उन्होंने पुरुषों को घर की जिम्मेदारियों में बराबरी से हाथ बटाने की सलाह देती हैं। वह साफ कहती हैं कि अगर पत्नी नौकरी से लौटने के बाद खाना बनाने और बच्चों को संभालने का काम अकेले करती है, तो यह अनुचित और अन्यायपूर्ण है।

​मां से तुलना न करने की हिदायत​Image Credit : Sudha Murthy fb07 / 07

​मां से तुलना न करने की हिदायत​

अंत में सुधा मूर्ति ने पुरुषों को अपनी पत्नियों की तुलना अपनी माताओं से न करने की सलाह भी दी। उन्होंने समझाया कि गृहिणी मां के पास रसोई के लिए पर्याप्त समय होता था, जबकि कामकाजी पत्नी के पास समय की सीमाएं होती हैं। इसलिए आपसी सहयोग और समझ ही मजबूत दांपत्य की असली कुंजी है।

End of Photo Gallery
Subscribe to our daily Newsletter!