Bhaum Pradosh Vrat Katha: भौम प्रदोष व्रत आज, यहां पढ़ें प्रदोष व्रत कथा इन हिंदी, हर मनोकामना होगी पूरी
Aaj Ka Ankfal : अपनी बर्थडेट से जानिए आज के दिन का हाल, पढ़ें 8 सितंबर का अंकफल
Sep 08, 12:30 AMAaj Ka Rashifal : आज इन 5 राशियों पर बरसेगी हनुमान जी कृपा, बनेंगे सारे काम
Sep 08, 12:00 AMAaj Ka Panchang : आज कौन सा व्रत-त्योहार है, पंचांग से जानिए 8 सितंबर के शुभ मुहूर्त और राहुकाल का समय
Sep 07, 11:30 PM8 या 9 सितंबर? कब रखा जाएगा प्रदोष व्रत, जानिए भाद्रपद माह के पहले प्रदोष व्रत की सही तारीख और प्रदोष काल
Sep 07, 3:24 PMधनवर्षा को तैयार हो जाएं इन 5 राशियों के लोग, सूर्य-गुरु ने बना लिया द्विद्वादश योग
Sep 07, 2:00 PMभारत को क्यों कहा जाता है नागों की धरती, अक्षत गुप्ता ने खोले नागलोक के ये पौराणिक रहस्य
Sep 07, 10:49 AMअच्छे दिनों की हो गई शुरुआत, इन 6 राशियों को मोटा लाभ देगा बुध-शनि का 160 डिग्री पर आना
Sep 07, 9:44 AMJanmashtami 2027 Date: साल 2027 में जन्माष्टमी कब है, 24 या 25 अगस्त- जानें सही तारीख और पूजा मुहूर्त
Sep 07, 9:09 AMकान्हा जी की छठी कब है, कब मनाया जाएगा लड्डू गोपाल का छठी उत्सव
Sep 07, 8:22 AM
शुभ मुहूर्त
FAQs
मासिक पंचांग क्या होता है?
मासिक पंचांग एक वैदिक कैलेंडर है जो पूरे महीने के तिथियों, नक्षत्रों, योग, करण, वार, चंद्र राशि, सूर्योदय-सूर्यास्त समय, व्रत-त्योहार और शुभ मुहूर्त की जानकारी प्रदान करता है।
क्या मासिक पंचांग सभी स्थानों के लिए समान होता है?
मासिक पंचांग कहां से प्राप्त करें?
मासिक पंचांग का क्या महत्व है?1
हिंदू कैलेंडर में दिन की शुरुआत स्थानीय सूर्योदय से मानी जाती है और यह अगले दिन के सूर्योदय पर समाप्त होता है। चूँकि प्रत्येक स्थान पर सूर्योदय का समय अलग होता है, इसलिए जो हिंदू कैलेंडर एक शहर के लिए उपयुक्त होता है, वह किसी अन्य स्थान के लिए सही नहीं माना जा सकता। इसी कारण, स्थान-विशिष्ट कैलेंडर जैसे कि Timesnowhindi.com का उपयोग करना अधिक सटीक और आवश्यक होता है।1
मासिक पंचांग क्या है
हिंदू धर्म में पंचांग का बहुत ही विशेष स्थान होता है। जैसे कि दैनिक पंचांग हमें रोज़मर्रा के शुभ-अशुभ समय, तिथि, नक्षत्र, योग और करण की जानकारी देता है, वैसे ही मासिक पंचांग (Monthly Panchang) पूरे महीने के महत्वपूर्ण ज्योतिषीय योगों, व्रत-त्योहारों और ग्रह गोचर की स्थिति का संपूर्ण विवरण प्रदान करता है।1
मासिक पंचांग क्या होता है?
मासिक पंचांग एक प्रकार का हिंदू कैलेंडर है, जिसमें एक पूर्ण मास के सभी दिन, तिथियाँ, वार, नक्षत्र, योग, करण, चंद्रमा की स्थिति, सूर्य की राशि परिवर्तन (सूर्य संक्रांति) और प्रमुख पर्वों का विवरण शामिल होता है। यह पंचांग न केवल धार्मिक कार्यों के लिए उपयोगी होता है बल्कि जीवन के हर क्षेत्र — जैसे विवाह, गृह प्रवेश, व्यवसाय आरंभ या यात्रा — के लिए भी शुभ समय जानने में सहायक होता है।
मासिक पंचांग का महत्व
मासिक पंचांग हमें यह बताता है कि आने वाले महीने में कौन-कौन से शुभ मुहूर्त, व्रत-त्योहार, अमावस्या-पूर्णिमा, एकादशी, प्रदोष, संक्रांति, और ग्रहों के गोचर कब पड़ रहे हैं। यह जानकारी व्यक्ति को अपने कार्यों की योजना बनाने में मदद करती है ताकि वह गलत समय या अशुभ योग में कोई बड़ा कार्य आरंभ न करे। वैदिक परंपरा में माना गया है कि समय का अपना एक प्रभाव होता है, और सही समय पर किए गए कार्यों का फल भी अधिक शुभ और स्थायी होता है।
मासिक पंचांग कैसे बनाया जाता है?
मासिक पंचांग की गणना सूर्य और चंद्रमा की गति के आधार पर की जाती है। इसमें मुख्यतः पाँच अंग होते हैं —
1 तिथि (Tithi) – चंद्रमा और सूर्य के बीच के कोण से तय होती है।
2 वार (Vaar) – सात दिनों के नाम जैसे रविवार, सोमवार आदि।
3 नक्षत्र (Nakshatra) – चंद्रमा जिस नक्षत्र में रहता है, वही उस दिन का नक्षत्र कहलाता है।
4 योग (Yoga) – सूर्य और चंद्रमा की संयुक्त गति से बनने वाले योग।
5 करण (Karana) – आधी तिथि को दर्शाने वाला भाग।
इन सभी पाँच अंगों को मिलाकर "पंचांग" कहा जाता है। संस्कृत में ‘पंचांग’ शब्द ‘पंच’ (अर्थात पाँच) और ‘अंग’ (अर्थात भाग) से मिलकर बना है। इसलिए, वह हिंदू कैलेंडर जो इन सभी पाँच अंगों को प्रदर्शित करता है, पंचांग कहलाता है। दक्षिण भारत में इसे ‘पंचांगम’ के नाम से जाना जाता है।