पीसीओएस यानी पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम आज कई महिलाओं की जिंदगी को प्रभावित कर रहा है। अनियमित पीरियड्स, वजन में बदलाव, मुंहासे या हार्मोन से जुड़ी दूसरी परेशानियों के कारण रोजमर्रा की जिंदगी भी प्रभावित हो सकती है। ऐसे में इलाज के साथ जीवनशैली पर ध्यान देना भी जरूरी माना जाता है। इसी विषय पर गैस्ट्रो विशेषज्ञ डॉ. पलानीअप्पन ने अपने एक वीडियो में पीसीओएस से जुड़ी कुछ आसान आदतों की बात की है।
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उनके अनुसार, केवल रोजाना टहलना या कार्डियो करना ही पर्याप्त नहीं माना जाना चाहिए, बल्कि शरीर को मजबूत बनाने वाली कसरत पर भी ध्यान देना चाहिए। उन्होंने खानपान में ज्यादा प्रोसेस्ड चीजों को कम करने, रोज एक तय समय पर सोने और तनाव को संभालने की जरूरत पर भी जोर दिया। हालांकि, पीसीओएस हर व्यक्ति में अलग तरह से दिखाई दे सकता है। इसलिए किसी भी बदलाव को अपनाने से पहले डॉक्टर से अपनी स्थिति के अनुसार सलाह लेना बेहतर है।
पीसीओएस में इन 4 आदतों पर दें ध्यान
1. सिर्फ वॉक नहीं, स्ट्रेंथ ट्रेनिंग भी
डॉ. पलानीअप्पन के अनुसार, पीसीओएस से जूझ रही महिलाओं को अपनी दिनचर्या में स्ट्रेंथ ट्रेनिंग को भी जगह देनी चाहिए। इसका मतलब यह नहीं है कि शुरुआत में भारी वजन उठाना जरूरी है। हल्के डम्बल या शरीर के वजन से की जाने वाली कसरत भी शुरुआत का हिस्सा हो सकती है।
2. पैकेट वाले ज्यादा प्रोसेस्ड खाने को करें कम
डॉ. पलानीअप्पन ने अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड से दूरी बनाने की सलाह दी है। आसान भाषा में समझें तो ऐसे फूड प्रोडक्ट्स को रोज की डाइट का हिस्सा बनाने से बचना चाहिए जिनमें बहुत ज्यादा प्रोसेसिंग, ज्यादा चीनी, नमक शामिल हों। इसके बजाय घर का ताजा और सिंपल, बैलेंस्ड खाना प्राथमिकता बनाना एक अच्छी आदत हो सकती है।
3. सोने का समय रोज रखें तय
अच्छी नींद शरीर के लिए जरूरी है और पीसीओएस में भी नींद की दिनचर्या को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। डॉ. पलानीअप्पन ने जल्दी सोने के साथ-साथ रोज लगभग एक ही समय पर सोने की आदत बनाने की बात कही है। रात को देर तक मोबाइल चलाने के बजाय सोने से पहले स्क्रीन टाइम कम करना भी मददगार आदत हो सकती है।
4. तनाव को हल्के में न लें
तनाव इस पूरी सलाह का एक अहम हिस्सा है। डॉ. पलानीअप्पन के मुताबिक, लंबे समय तक रहने वाला तनाव शरीर में कोर्टिसोल जैसे तनाव से जुड़े हार्मोन को प्रभावित कर सकता है। इसलिए तनाव को संभालना जरूरी है। इसके लिए योग, ध्यान, पर्याप्त नींद, पसंदीदा गतिविधियों या रोज कुछ समय खुद के लिए निकालने जैसी आदतें अपनाई जा सकती हैं।
PCOS का कोई एक तय समाधान सभी महिलाओं के लिए समान नहीं होता। खानपान, व्यायाम, नींद और तनाव प्रबंधन मददगार जीवनशैली कदम हो सकते हैं, लेकिन इन्हें डॉक्टर की सलाह और व्यक्ति की जरूरत के अनुसार अपनाना चाहिए। अगर पीरियड्स लंबे समय से अनियमित हैं या दूसरे लक्षण परेशान कर रहे हैं, तो विशेषज्ञ से जांच और उचित सलाह लेना सबसे सही कदम है।
