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Aaj Ka Panchang : आज कौन सा व्रत-त्योहार है, पंचांग से जानिए 8 सितंबर के शुभ मुहूर्त और राहुकाल का समय

Aaj Ka Panchang (आज का पंचांग) 8 सितंबर 2026 : आज भौम प्रदोष व्रत रखा जा रहा है। आज के दिन प्रदोष काल क्या रहेगा, यह आप दैनिक पंचांग से जान सकते हैं। आइए जानते हैं।

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8 सितंबर का पंचांग

Aaj Ka Panchang (आज का पंचांग) 8 सितंबर 2026 : 8 सितंबर 2026, मंगलवार का दिन है। आज भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की द्वादशी तिथि दोपहर 02:42 बजे तक रहेगी। इसके बाद कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि शुरू होगी। मंगलवार होने के कारण आज भौम प्रदोष व्रत रखा जाएगा। आज का प्रदोष काल शाम 6 बजकर 35 मिनट से रात 8 बजकर 52 मिनट तक रहेगा। पुष्य नक्षत्र शाम 04:39 बजे तक रहेगा, इसके बाद अश्लेशा नक्षत्र शुरू होगा। आज परिघ योग रात 12:40 बजे तक रहेगा। इसके बाद शिव योग शुरू होगा। आइए जानते हैं आज का पूरा पंचांग, शुभ-अशुभ समय क्या रहेगा।

सूर्योदय एवं चन्द्रोदय (Sunrise and Moonrise)

आज सूर्य का उदय सुबह 06:02 बजे और सूर्यास्त शाम 06:35 बजे होगा। चंद्रमा का उदय 9 सितंबर की सुबह 03:58 बजे और चन्द्रास्त शाम 04:45 बजे होगा।

तिथि, नक्षत्र और योग (Tithi, Nakshatra and Yog)

आज कृष्ण पक्ष की द्वादशी तिथि दोपहर 02:42 बजे तक रहेगी। इसके बाद कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि शुरू होगी। त्रयोदशी तिथि 9 सितंबर की रात 01:35 बजे तक रहेगी। इसके बाद चतुर्दशी तिथि शुरू होगी। मंगलवार को त्रयोदशी तिथि पड़ने के कारण आज भौम प्रदोष व्रत रखा जाएगा। प्रदोष व्रत में भगवान शिव की पूजा प्रदोष काल में करने का विशेष महत्व माना जाता है। पुष्य नक्षत्र शाम 04:39 बजे तक रहेगा। इसके बाद अश्लेशा नक्षत्र शुरू होगा। योग की बात करें तो परिघ योग रात 12:40 बजे तक रहेगा। इसके बाद शिव योग शुरू होगा।

करण (Karan)

तैतिल करण दोपहर 02:42 बजे तक रहेगा। इसके बाद गर करण शुरू होगा, जो 9 सितंबर की रात 01:35 बजे तक रहेगा। इसके बाद वणिज करण शुरू होगा।

वार एवं पक्ष (Day and Paksha)

आज मंगलवार है और कृष्ण पक्ष की द्वादशी तिथि है। दोपहर 02:42 बजे के बाद त्रयोदशी तिथि शुरू होगी। मंगलवार और त्रयोदशी के संयोग के कारण आज भौम प्रदोष व्रत का पर्व है।

चन्द्र मास, सम्वत (Lunar Month and Samvat)

आज विक्रम संवत 2083 सिद्धार्थी, शक संवत 1948 पराभव और गुजराती संवत 2082 पिंगल है। चन्द्र मास भाद्रपद (पूर्णिमान्त) और श्रावण (अमान्त) है। प्रविष्टे/गते 23 है।

राशि तथा नक्षत्र (Rashi and Nakshatra)

आज चंद्रमा कर्क राशि में स्थित हैं। पुष्य नक्षत्र सुबह 11:02 बजे तक तीसरे चरण में रहेगा। इसके बाद पुष्य का चौथा चरण शाम 04:39 बजे तक रहेगा। शाम 04:39 बजे के बाद अश्लेशा नक्षत्र शुरू होगा। सूर्य सिंह राशि में स्थित हैं और पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र में गोचर कर रहे हैं।

ऋतु तथा अयन (Season and Ayana)

द्रिक ऋतु के अनुसार शरद ऋतु चल रही है, जबकि वैदिक ऋतु के अनुसार वर्षा ऋतु है। दक्षिणायण का प्रभाव बना हुआ है। दिनमान 12 घंटे 32 मिनट 15 सेकंड और रात्रिमान 11 घंटे 28 मिनट 13 सेकंड रहेगा। मध्याह्न 12:19 बजे होगा।

8 सितंबर का शुभ मुहूर्त (Auspicious Timings)

ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:31 बजे से 05:17 बजे तक

प्रातः सन्ध्या: सुबह 04:54 बजे से 06:02 बजे तक

अभिजित मुहूर्त: सुबह 11:54 बजे से दोपहर 12:44 बजे तक

विजय मुहूर्त: दोपहर 02:24 बजे से 03:14 बजे तक

गोधूलि मुहूर्त: शाम 06:35 बजे से 06:58 बजे तक

सायाह्न सन्ध्या: शाम 06:35 बजे से 07:44 बजे तक

अमृत काल: सुबह 10:40 बजे से दोपहर 12:10 बजे तक

निशिता मुहूर्त: रात 11:56 बजे से 9 सितंबर की रात 12:42 बजे तक

सर्वार्थ सिद्धि योग: शाम 04:39 बजे से 9 सितंबर की सुबह 06:03 बजे तक

8 सितंबर के अशुभ मुहूर्त (Inauspicious Timings)

राहुकाल: दोपहर 03:27 बजे से 05:01 बजे तक

यमगण्ड: सुबह 09:11 बजे से 10:45 बजे तक

गुलिक काल: दोपहर 12:19 बजे से 01:53 बजे तक

विडाल योग: शाम 04:39 बजे से 9 सितंबर की सुबह 06:03 बजे तक

वर्ज्य: 9 सितंबर की सुबह 04:41 बजे से 06:12 बजे तक

दुर्मुहूर्त: सुबह 08:33 बजे से 09:23 बजे तक और रात 11:10 बजे से 11:56 बजे तक

गण्ड मूल: शाम 04:39 बजे से 9 सितंबर की सुबह 06:03 बजे तक

बाण: रज बाण 9 सितंबर की सुबह 02:44 बजे से पूरी रात तक रहेगा।

भौम प्रदोष व्रत 2026 (Bhaum Pradosh Vrat)

मंगलवार के दिन आने वाला प्रदोष व्रत भौम प्रदोष व्रत कहलाता है। आज कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि दोपहर 02:42 बजे से शुरू होगी। ऐसे में भगवान शिव की पूजा प्रदोष काल में करना विशेष महत्वपूर्ण रहेगा। भौम प्रदोष व्रत के दिन भगवान शिव के साथ माता पार्वती और भगवान गणेश की पूजा की जाती है। श्रद्धालु अपनी श्रद्धा के अनुसार व्रत रखते हैं और प्रदोष काल में शिवलिंग पर जल, दूध और बेलपत्र अर्पित कर भगवान शिव की पूजा करते हैं।

आनन्दादि एवं तमिल योग (Anandadi and Tamil Yog)

आनन्दादि योग में वर्धमान योग शाम 04:39 बजे तक रहेगा। इसके बाद आनन्द योग शुरू होगा। तमिल योग में सिद्ध योग शाम 04:39 बजे तक रहेगा। इसके बाद आनन्द योग शुरू होगा।

जीवनम: अर्ध जीवन रहेगा।

नेत्रम: नेत्रहीन रहेगा।

निवास और शूल (Nivas and Shool)

होमाहुति केतु की रहेगी।

दिशा शूल: उत्तर दिशा में रहेगा।

अग्निवास: पृथ्वी पर रहेगा।

चन्द्र वास: उत्तर दिशा में रहेगा।

राहु वास: पश्चिम दिशा में रहेगा।

शिववास: दोपहर 02:42 बजे तक नन्दी पर रहेगा। इसके बाद भोजन में रहेगा।

कुम्भ चक्र: कण्ठ में रहेगा।

डिस्क्लेमर: यह जानकारी दिए गए पंचांग के आधार पर तैयार की गई है। अलग-अलग क्षेत्र और पंचांग पद्धति के अनुसार तिथि एवं समय में मामूली अंतर संभव है। Times Now Navbharat इसकी पुष्टि नहीं करता है।

Mohit Tiwari
मोहित तिवारीauthor

मोहित तिवारी को पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 साल का अनुभव है। इन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रतिष्ठित न्यूजपेपर में फील्ड रिपोर्टिंग से की थी। मोहित ने प्रिंट, टीवी और डिजिटल तीनों प्लेटफॉर्म पर काम किया है। देश-विदेश, लाइफस्टाइल, धर्म और आध्यात्मिक विषयों में गहरी रुचि रखने वाले मोहित ने ज्योतिष का भी व्यापक अध्ययन किया है। मोहित के आलेख लाइफस्टाइल, हेल्थ, न्यूज, धर्म, ज्योतिष आदि विषयों पर गहरी शोध और प्रामाणिकता पर आधारित होते हैं और इन विषयों पर वह 12,000 से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं।

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