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8th Pay Commission Chennai Visit: केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए 5 बड़े अपडेट, फिटमेंट फैक्टर पर क्या है स्थिति?

8वें वेतन आयोग के सदस्य चेन्नई में बैठक के लिए पहुंचे हैं। यहां वे तमाम हितधारकों के साथ बातचीत करेंगे और केंद्रीय कर्मचारियों और पेशनर्स के लिए वेतन, भत्ते और पेशन में बढ़ोतरी से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।

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8वें वेतन आयेाग की सिफारिशों पर नजर

8th Pay Commission Chennai Visit : 8वें वेतन आयोग के सदस्य चेन्नई दौरे पर हैं। यात्रा 7 सितंबर से शुरू हो चुकी है और 8 सितंबर 2026 को इसका दूसरा दिन है। आयोग की आधिकारिक वेबसाइट के मुताबिक चेन्नई में 7 और 8 सितंबर को हितधारकों के साथ विचार-विमर्श किया जा रहा है। इस दौरान पात्र कर्मचारी संघ, संगठन और दूसरे हितधारक वेतन, भत्ते, पेंशन और सेवा शर्तों पर स्थितियों से जुड़े अपने मुद्दे और सुझाव आयोग के सामने रख सकते हैं।

चेन्नई में यह बैठक ऐसे समय में हो रही है, जब केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स की नजर इस बात पर है कि 8th Pay Commission सैलरी, पेंशन और भत्तों को लेकर लेकर क्या सिफारिशें करता है। आयोग के आधिकारिक नोटिस के मुताबिक चेन्नई दौरा 7 और 8 सितंबर 2026 को है। इसके लिए हितधारकों से सुझाव और आपत्तियों को लेकर आवेदन मांगे गए थे, जिसके लिए अंतिम तारीख 18 अगस्त, 2026 रखी गई थी।

इस बैठक का मकसद अलग-अलग कर्मचारी समूहों और पेंशनर्स से सीधे उनकी मांगें, समस्याएं और सुझाव समझना है। ऐसे विचार-विमर्श आयोग की उस प्रक्रिया का हिस्सा हैं, जिसके तहत हितधारकों के साथ व्यापक जुड़ाव है। इन बैठकों के आधार पर ही आखिर में आयोग अपनी सिफारिशें तय करेगा, जिसमें कर्मचारियों के हितों व सबसे जरूरी मुद्दों को निपटाया जा सके।

अब और कहां होनी है बैठक?

8th Pay Commission का कन्सल्टेशन प्रोग्राम चेन्नई के बाद भी जारी रहेगा। आधिकारिक शेड्यूल के मुताबिक आयोग के सदस्य 9 सितंबर को पुडुचेरी जाएंगे। इसके बाद चंडीगढ़ में 16, 17 और 18 सितंबर को तीन दिन का कार्यक्रम रखा गया है। बाद में 7 और 8 अक्टूबर 2026 को बेंगलुरु में बैठक होनी है, जिसके लिए आवेदन की आखिरी तारीख 18 सितंबर रखी गई है। इससे संकेत मिलता है कि आयोग अलग-अलग राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में कर्मचारियों और पेंशनर्स की मांगों को समझने के लिए विचार विमर्श का सिलसिला जारी रखे हुए है।

फिटमेंट फैक्टर पर सबसे ज्यादा नजर

8th Pay Commission को लेकर कर्मचारियों के बीच सबसे ज्यादा चर्चा फिटमेंट फैक्टर (Fitment Factor) को लेकर है। लेकिन अभी तक आयोग ने कोई फिटमेंट फैक्टर घोषित नहीं किया है। माना जा रहा है कि 2.15, 2.28 और 2.57 जैसे अलग-अलग फैक्टर के आधार पर सैलरी और पेंशन में संभावित बढ़ोतरी के कई अनुमान सामने आते रहे हैं। इससे पहले 7th Central Pay Commission में पे फिक्सेशन के लिए 2.57 का फिटमेंट फैक्टर इस्तेमाल किया गया था। 7th CPC की रिपोर्ट के अनुसार बेसिक पे को 2.57 से गुणा करके रिवाइज्ड पे स्ट्रक्चर में फिक्सेशन का तरीका तय किया गया था। अब 8th CPC में कौन-सा फैक्टर तय होगा, यह आयोग की सिफारिशों और उसके बाद सरकार पर निर्भर करेगा।

सैलरी ही नहीं, पेंशन और भत्ते भी बढ़ेंगे

8th Pay Commission का काम सिर्फ केंद्रीय कर्मचारियों की बेसिक सैलरी बढ़ाने की सिफारिशें करना नहीं है। बल्कि, पेंशन और भत्तों को लेकर भी सिफारिशें देना है। हालांकि, अंतिम सिफारिशों के आधार सरकार तय करेगी कि वेतन, भत्ते और पेंशन में कितनी बढ़ोतरी होगी। हालांकि, अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि पेंशन में कितना इजाफा होगा या कौन-से भत्तों में बदलाव किया जाएगा।

18 महीने देनी हैं सिफारिशें

8th Central Pay Commission का गठन 3 नवंबर 2025 को किया गया था। सरकार के टर्म ऑफ रेफरेंस के मुताबिक आयोग को गठन की तारीख से 18 महीने के भीतर अपनी सिफारिशें देनी हैं। जरूरत पड़ने पर आयोग किसी विषय पर अंतरिम रिपोर्ट भी दे सकता है। 8 सितंबर, 2026 तक आयोग के गठन को करीब 10 महीने हो चुके हैं। इसका मतलब है कि तय 18 महीने की समयसीमा का एक बड़ा हिस्सा बीत चुका है, जबकि अब भी बातचीत चल रही है।

Yateendra Lawaniya
यतींद्र लवानियाauthor

प्रिंट और डिजिटल मीडिया में बिजनेस एवं इकोनॉमी कैटेगरी में 10 वर्षों से अधिक का अनुभव। पिछले 7 वर्षों से शेयर बाजार, कॉरपोरेट सेक्टर और आर्थिक नीतियों से जुड़ी खबरों पर विशेष पकड़। लेखन में केवल हेडलाइन तक सीमित न रहकर आंकड़ों, नीतिगत फैसलों और कॉरपोरेट दावों के पीछे की वास्तविक तस्वीर को बैलेंस्ड और आसान शब्दों में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास। वर्तमान में Times Now Hindi के लिए बाजार की हर हलचल और आर्थिक घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।

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