Elder Abuse: बुजुर्ग किसी भी परिवार की सबसे बड़ी ताकत और अनुभव का खजाना होते हैं। उन्होंने पूरी जिंदगी अपने बच्चों और परिवार के लिए मेहनत की होती है। लेकिन दुख की बात यह है कि कई बार बढ़ती उम्र के साथ उन्हें सम्मान और प्यार की जगह उपेक्षा, तिरस्कार या गलत व्यवहार का सामना करना पड़ता है। इसी समस्या के बारे में लोगों को जागरूक करने के लिए हर साल 15 जून को विश्व बुजुर्ग दुर्व्यवहार जागरूकता दिवस (World Elder Abuse Awareness Day) मनाया जाता है। यह दिन हमें याद दिलाता है कि बुजुर्गों को सिर्फ देखभाल ही नहीं, बल्कि सम्मान और सुरक्षा भी मिलनी चाहिए।
क्या होता है एल्डर अब्यूज
एल्डर अब्यूज (Elder Abuse) का मतलब है किसी बुजुर्ग व्यक्ति के साथ गलत व्यवहार करना। यह सिर्फ मारपीट तक सीमित नहीं है। किसी बुजुर्ग को बार-बार अपमानित करना, उनकी बातों को नजरअंदाज करना, उन्हें अकेला छोड़ देना या उनके पैसे और संपत्ति का गलत इस्तेमाल करना भी बुजुर्ग दुर्व्यवहार माना जाता है।
टाइम्स नाउ नवभारत पर ये भी पढ़े: क्या Heatwave में रक्तदान करना सुरक्षित है, जानिए सेहत पर क्या पड़ता है असर
15 जून को क्यों मनाया जाता है यह दिवस
हर साल 15 जून को इस दिन को मनाने का मकसद लोगों को यह समझाना है कि बुजुर्गों के साथ होने वाला दुर्व्यवहार एक गंभीर सामाजिक समस्या है। इस दिन दुनिया भर में जागरूकता अभियान चलाए जाते हैं ताकि लोग बुजुर्गों के अधिकारों और सम्मान के महत्व को समझ सकें।
टाइम्स नाउ नवभारत पर ये भी पढ़े: Blood Donation के बाद शरीर कितने दिनों में दोबारा खून बना लेता है
बुजुर्गों पर क्या असर पड़ता है
जब किसी बुजुर्ग के साथ गलत व्यवहार होता है तो उसका असर केवल उनके मन पर ही नहीं, बल्कि उनकी पूरी जिंदगी पर पड़ता है। वे खुद को अकेला, दुखी और असुरक्षित महसूस कर सकते हैं। कई बार उनका आत्मविश्वास भी कम हो जाता है और वे लोगों से दूरी बनाने लगते हैं।
परिवार और समाज की क्या जिम्मेदारी है
बुजुर्गों को सम्मान देना केवल परिवार की नहीं, बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी है। उनकी बात सुनना, उनकी जरूरतों का ध्यान रखना और उन्हें अपनेपन का एहसास कराना बहुत जरूरी है। छोटी-छोटी बातें भी उनके चेहरे पर मुस्कान ला सकती हैं।
संदेश यही है..
विश्व बुजुर्ग दुर्व्यवहार जागरूकता दिवस हमें यह सीख देता है कि बुजुर्गों के साथ प्यार, सम्मान और धैर्य से पेश आना चाहिए। आखिरकार, आज जिनकी उम्र ढल रही है, कल हम भी उसी दौर से गुजरेंगे। इसलिए एक ऐसा समाज बनाना जरूरी है जहां हर बुजुर्ग खुद को सुरक्षित, सम्मानित और खुश महसूस कर सके।
