Jhumka Vs Chandbali (झुमका और चांद बाली में अंतर): हर लुक में चार चांद एड करने के लिए महिलाएं गले में हार के साथ साथ कान में ईयररिंग्स भी पहनती हैं। लुक वेस्टर्न हो या इंडियन अलग अलग तरह की ईयररिंग्स लुक को पूरा करने में मदद कर सकती है। ऐसे में जब खासतौर से भारतीय गहनों की या श्रृंगार की बात आती है, तो झुमके और चाँदबाली दोनों ही महिलाओं के पसंदीदा आभूषणों में शामिल किए जाते हैं। इन इंडियन ईयररिंग्स को हालांकि कई लोग एक जैसा ही मानते हैं, लेकिन बता दें कि, इनके डिज़ाइन, आकार तो इतिहास में भी काफी अंतर है। ऐसे में यहां देखें आखिर झुमका और चाँदबाली क्या होती है, और दोनों में से ज्यादा डिमांड मार्केट में किसकी है।
Difference Between Jhumka-Chandbali, झुमका और चाँदबाली में अंतर
झुमकाझुमके का आकार गोल या घंटी के आकार का होता है और ये हिलते-डुलते हुए लटकते हैं। इनमें अक्सर नीचे की ओर घंटी या लटकन लगी होती है, जो चलने पर मधुर आवाज़ करती है। छतरी जैसा ये डिजाइन ट्रेडिशनल इंडियन आउटफिट्स के साथ बहुत ही ज्यादा सूट करता है।

Earrings Design
चाँदबाली
चाँदबाली का आकार अर्धचंद्र (चाँद की तरह) होता है, जिसके कारण इसे "चाँदबाली" नाम मिला है। ये झुमकों की तुलना में चौड़े और भारी होते हैं तथा इनमें जड़ाऊ काम या मीनाकारी अधिक देखने को मिलती है। हालांकि कई बार चाँदबालियों को भी लोग झुमका ही कह देते हैं, जो पूरी तरह सही नहीं है।
ये भी है अलग
न केवल दिखने में ये दोनों अलग होती हैं, हालांकि इन दोनों में और भी कई अंतर होते हैं। जैसे कि डिटेलिंग में आमतौर पर झुमकों में नक्काशी, मोती, कलगी या पेंडेंट्स लगे होते हैं। वहीं चांदबालियों में मीनाकारी वर्क या कुंदन का काम होता है। हालांकि ये हर जगह अलग अलग हो सकते हैं। और दोनों की ही मार्केट में काफी डिमांड रहती है। लेकिन चांदबालियों की तुलना में झुमके गर्ल्स ज्यादा पहनती हैं। क्योंकि ये छोटी बड़ी साइज में बहुत लाइट वेट के साथ उपलब्ध होते हैं। आने वाली ईद पर ट्राई करने के लिए चांद बालियां बहुत ही अच्छी रहेंगी। मार्केट में चांद तो सितारों की डिजाइन वाली काफी डिजाइन्स मिलती हैं।
