बादाम या ओट्स नहीं, सद्गुरु ने इस ड्राई फ्रूट के दूध को बताया सेहत का खजाना
- Authored by: Srishti
- Updated Feb 2, 2026, 04:57 PM IST
आजकल बाजार में बादाम, जई, सोया और मटर के दूध के विकल्पों की भरमार है, लेकिन सद्गुरु के अनुसार, सबसे अच्छा दूध का विकल्प ग्राउंडनट (मूंगफली) है। यह न केवल सस्ता और पोषक तत्वों से भरपूर है, बल्कि इसे सही तरीके से तैयार करने पर यह एक संपूर्ण भोजन के रूप में भी काम कर सकता है।
सद्गुरू ने मूंगफली के दूध को बताया सेहत का खजाना (pc: pinterest)
बाजार में आजकल कई तरह के दूध के विकल्प उपलब्ध हैं, जैसे कि बादाम, जई, सोया और मटर का दूध। लेकिन सद्गुरु ने हाल ही में एक ऐसे विकल्प की बात की है जो न केवल सस्ता है, बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद है। यह विकल्प है ग्राउंडनट या मूंगफली। सद्गुरु का मानना है कि भारतीय घरों में लंबे समय से यह एक महत्वपूर्ण भोजन रहा है, और यह बिना किसी ब्रांडिंग के पोषण प्रदान करता है।
मूंगफली के दूध की जरूरत
दूध को हमेशा से एक पोषण का आधार माना जाता है, जो कैल्शियम, प्रोटीन और विटामिन B12 से भरपूर होता है। लेकिन दूध में मिलावट और लैक्टोज असहिष्णुता की बढ़ती चिंताओं के कारण लोग अब इसके विकल्पों की तलाश कर रहे हैं। सद्गुरु का कहना है कि भिगोई हुई मूंगफली का दूध न केवल दूध का विकल्प है, बल्कि यह खुद में एक संपूर्ण भोजन भी है। सद्गुरु ने बताया कि एक बड़ा गिलास ग्राउंडनट दूध या दूध शेक एक व्यक्ति को चार से पांच घंटे तक तृप्त रख सकता है। यह विशेष रूप से उन लोगों के लिए लाभकारी है जो नाश्ता छोड़ देते हैं या प्रोसेस्ड अनाज पर निर्भर रहते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि भारत में कई योगियों ने पारंपरिक रूप से ग्राउंडनट आहार पर निर्भरता बनाई है।
मूंगफली का दूध बनाने का सही तरीका
ग्राउंडनट को सही तरीके से तैयार करने की प्रक्रिया भी महत्वपूर्ण है। सद्गुरु के अनुसार, मूंगफली को कम से कम छह घंटे तक पानी में भिगोना चाहिए। इससे इसके पित्त तत्व कम होते हैं और यह पाचन में मददगार बनता है। इसके बाद, भिगोई हुई मूंगफली को पीसकर दूध बनाया जा सकता है।
ग्राउंडनट दूध का उपयोग विभिन्न तरीकों से किया जा सकता है। इसे साधारण रूप से पिया जा सकता है, हल्का गर्म किया जा सकता है या इसे स्मूथी और दलिया के लिए आधार के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। साधगुरु ने एक ग्राउंडनट दूध शेक बनाने की सरल विधि भी साझा की है, जिसमें भिगोई हुई मूंगफली, एक केला, और थोड़ी मात्रा में पानी मिलाई जाती है।
मूंगफली के दूध के फायदे-
इसके अलावा, सद्गुरु ने चने की दाल को भी एक अन्य विकल्प के रूप में बताया है, जो कैल्शियम, प्रोटीन और आयरन से भरपूर है। हालांकि, उन्होंने चेतावनी दी कि गर्मियों में इसका सेवन संतुलित आहार के साथ करना चाहिए। ग्राउंडनट के स्वास्थ्य लाभों का समर्थन आधुनिक विज्ञान भी करता है। शोध से पता चलता है कि मूंगफली हृदय, तंत्रिका और हड्डियों के स्वास्थ्य के लिए आवश्यक खनिजों से भरपूर होती है। यह कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाले खाद्य पदार्थों में से एक है, जो मधुमेह के प्रबंधन में मददगार है। इस प्रकार, सद्गुरु के अनुसार, ग्राउंडनट दूध न केवल एक स्वस्थ विकल्प है, बल्कि यह भारतीय पारंपरिक आहार का एक महत्वपूर्ण हिस्सा भी है, जो सस्ते और पौष्टिक विकल्प की तलाश करने वालों के लिए एक आदर्श समाधान प्रस्तुत करता है।
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