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No Sugar Diet: 21 दिन चीनी छोड़ने का मुझपर क्या असर हुआ, 5 जरूरी बातें मेरे अनुभव से जानें

21 दिन का No Sugar Diet मेरे लिए एक छोटा लेकिन पावरफुल एक्सपेरिमेंट रहा। जो बदलाव मेरे शरीर और दिमाग में हुए अपने उन अनुभव की 5 सबसे जरूरी बातें में यहां आपसे शेयर कर रहा हूं।

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चीनी छोड़ने का क्या असर हुआ (फोटो: AI)

No Sugar Diet: आजकल हमारी जिंदगी में चीनी इतनी ज्यादा शामिल हो चुकी है कि हमें अंदाजा भी नहीं होता कि हम पूरे दिन में कितनी शुगर खा रहे हैं। चाय-कॉफी से लेकर कोल्ड ड्रिंक, पैकेट वाले जूस, बिस्किट, मिठाई, चॉकलेट हर जगह चीनी मौजूद है। इसी वजह से मैंने 21 दिन के लिए चीनी छोड़ने का फैसला किया और इस दौरान मैंने शरीर और दिमाग में जो बदलाव महसूस किए, वो काफी दिलचस्प थे।

1- शुरुआत के दिन सबसे मुश्किल रहे

पहले कुछ दिन (शुरुआत के 3-4 दिन) काफी मुश्किल थे। चाय बिना चीनी के अजीब लग रही थी और बार-बार कुछ मीठा खाने का मन कर ही जाता था। शरीर अपनी पुरानी आदत मांग रहा था लेकिन, धीरे-धीरे कुछ दिनों बाद ये क्रेविंग कम होने लगी। मुझे महसूस हुआ कि हम कई बार स्वाद के लिए नहीं बल्कि आदत की वजह से ही मीठा खा लेते हैं।

2- एनर्जी लेवल में बड़ा बदलाव आया

एनर्जी लेवल में बदलाव मुझे 7-8 दिन में ही महसूस होने लगा था। पूरे 21 दिन चीनी छोड़ने के बाद मुझे ज्यादा ऊर्जावान महसूस हुआ। शुरुआती दिनों में कई बार थकान महसूस होती थी, लेकिन बाद में शरीर ज्यादा एक्टिव और हल्का लगने लगा। काम करने में मन ज्यादा लगने लगा और मूड भी पहले से बेहतर महसूस हुआ।

3- वजन और पेट दोनों पर दिखा असर

वैसे 21 दिन में कोई बहुत बड़ा वजन तो कम नहीं हुआ, लेकिन शरीर में बदलाव साफ नजर आ रहा था। ब्लोटिंग यानी पेट फूलने की समस्या कम हुई। चीनी में सिर्फ कैलोरी होती है, पोषण बहुत कम होता है। इसलिए इसे कम करने से शरीर को फायदा मिलने लगता है और ऐसा मैंने खुदके साथ होते हुए देखा।

4- स्किन में सुधार दिखा

चीनी छोड़ने के बाद मुझे लगा कि चेहरे पर पहले से ज्यादा फ्रेशनेस आई है। स्किन भी थोड़ी साफ और हेल्दी महसूस हुई। चीनी ज्यादा खाने का असर हमारी त्वचा पर भी पड़ सकता है। चीनी छोड़ने से पिंपल्स और स्किन से जुड़ी परेशानियां काफी हद तक कम हुईं।

5- मीठे की क्रेविंग हुई कंट्रोल

शुरुआत में मीठा खाने की बहुत क्रेविंग होती थी, लेकिन धीरे-धीरे दिमाग ने मीठे की आदत छोड़ दी। अब मीठा खाने का मन उतनी बार नहीं करता और अगर करता भी है तो बहुत कम मात्रा में।

21 दिन बाद क्या सीखा?

इस पूरे प्रयोग के दौरान सबसे बड़ी सीख मुझे यही मिली कि हमें स्वाद से ज्यादा अपनी आदतों पर ध्यान देना चाहिए। चीनी छोड़ना सिर्फ एक चैलेंज नहीं बल्कि एक हेल्दी लाइफस्टाइल की शुरुआत हो सकती है। अगर आप भी 21 दिन का No Sugar Challenge लेते हैं, तो शुरुआत में मुश्किल लगेगा, लेकिन कुछ समय बाद शरीर खुद बदलाव महसूस करने लगेगा।

prabhat sharma
प्रभात शर्माauthor

प्रभात शर्मा टाइम्स नाउ हिंदी डिजिटल के फीचर डेस्क में कार्यरत ट्रैवल और लाइफस्टाइल राइटर हैं। यात्राओं के प्रति उनका गहरा जुनून और नई जगहों को समझने–परखने की क्षमता उनकी लेखन शैली को बेहद जीवंत और पाठकों से जोड़ने वाली बनाती है। वे ऑफबीट डेस्टिनेशन, लोकल कल्चर, हेरिटेज साइट्स, रोड ट्रिप्स, फूड जर्नी और बजट ट्रैवल जैसे विषयों पर मजबूत पकड़ रखते हैं। प्रभात की स्टोरीज़ सिर्फ जानकारी नहीं देतीं, बल्कि यात्रा के माहौल, भाव और अनुभव को भी महसूस कराती हैं। अब तक 7,000 से अधिक कंटेंट लिख चुके प्रभात अपनी सहज भाषा, प्रामाणिक जानकारी और अनुभव-आधारित दृष्टिकोण के लिए जाने जाते हैं।

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