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महिलाओं को क्यों ज्यादा परेशान करता है इंसुलिन रेजिस्टेंस, जानिए इससे कौन-कौन सी बढ़ती हैं समस्याएं

Insulin Resistance in Women: क्या आप जानते हैं, पुरुषों की तुलना में इंसुलिन रेजिस्टेंस महिलाओं में ज्यादा खतरनाक साबित हो सकता है। इससे महिलाओं में कई हार्मोनल परेशानियां होने की संभावना काफी बढ़ जाती है।

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इंसुलिन रेजिस्टेस महिलाओं के लिए क्यों बन रहा मुसीबत

Insulin Resistance in Women: आजकल कई महिलाएं इस बात से परेशान रहती हैं कि उनका वजन बढ़ता जा रहा है, जल्दी थकान हो जाती है, बार-बार मीठा खाने का मन करता है या पीरियड्स भी समय पर नहीं आते। अक्सर लोग इन परेशानियों को सामान्य समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन इसके पीछे इंसुलिन रेजिस्टेंस नाम की एक समस्या हो सकती है। यह ऐसी स्थिति है जिसमें शरीर खाने से मिलने वाली शुगर का सही तरह इस्तेमाल नहीं कर पाता। धीरे-धीरे इसका असर सिर्फ शुगर तक सीमित नहीं रहता, बल्कि महिलाओं की पूरी सेहत पर पड़ने लगता है। यही वजह है कि महिलाओं की बेहतर सेहत (Women Health) के लिए इस समस्या को समय रहते समझना बहुत जरूरी है।

आखिर क्या होता है इंसुलिन रेजिस्टेंस

हम जो खाना खाते हैं, उससे शरीर को ऊर्जा मिलती है। इस ऊर्जा को शरीर की कोशिकाओं तक पहुंचाने का काम इंसुलिन करता है। लेकिन जब शरीर इंसुलिन की बात सुनना कम कर देता है, तो ज्यादा इंसुलिन बनने लगता है। यही स्थिति इंसुलिन रेजिस्टेंस कहलाती है। शुरुआत में इसके लक्षण बहुत साफ नहीं दिखते, इसलिए कई लोगों को पता ही नहीं चलता कि वे इस समस्या से जूझ रहे हैं।

पीरियड्स की गड़बड़ी बढ़ सकती है

महिलाओं में इंसुलिन रेजिस्टेंस का असर सबसे पहले पीरियड्स पर दिखाई दे सकता है। पीरियड्स अनियमित हो सकते हैं या कई बार महीनों तक नहीं आते। कुछ महिलाओं को ज्यादा ब्लीडिंग होती है तो कुछ को बहुत कम। ऐसी स्थिति रोजमर्रा की जिंदगी को भी प्रभावित कर सकती है।

वजन कम करना हो जाता है मुश्किल

कई महिलाएं नियमित वॉक करती हैं, खानपान का ध्यान रखती हैं, फिर भी वजन कम नहीं होता। इसकी एक वजह इंसुलिन रेजिस्टेंस हो सकती है। खासतौर पर पेट के आसपास चर्बी जमा होने लगती है। बढ़ता वजन आगे चलकर दूसरी स्वास्थ्य समस्याओं को भी बढ़ावा देता है।

मां बनने में आ सकती है परेशानी

यह समस्या महिलाओं की प्रजनन क्षमता पर भी असर डाल सकती है। इसके कारण अंडाशय सही तरीके से काम नहीं कर पाते, जिससे गर्भधारण करने में दिक्कत आ सकती है। इसकी यही कारण है कि डॉक्टर कई बार गर्भधारण में परेशानी होने पर इंसुलिन रेजिस्टेंस की जांच कराने की सलाह देते हैं।

थायराइड और पीओएमएस

इंसुलिन रेजिस्टेंस की समस्या को अगर लंबे समय तक अनदेखा किया जाता है, तो इसकी वजह से पीसीओएस (PCOS) या पीओएमएस (POMS) जैसी समस्याओं का रिस्क भी बढ़ जाता है।

शुगर और दिल की बीमारी का खतरा

अगर इंसुलिन रेजिस्टेंस लंबे समय तक बना रहे तो आगे चलकर ब्लड शुगर बढ़ सकती है। इससे डायबिटीज होने का खतरा बढ़ जाता है। इसके अलावा हाई ब्लड प्रेशर, खराब कोलेस्ट्रॉल और दिल से जुड़ी समस्याओं की आशंका भी बढ़ सकती है।

हर समय थकान और भूख लगना

कुछ महिलाओं को लगता है कि वे पूरा खाना खाती हैं, फिर भी शरीर में ताकत नहीं रहती। बार-बार भूख लगना, मीठा खाने की इच्छा होना और हर समय थकान महसूस करना भी इंसुलिन रेजिस्टेंस के संकेत हो सकते हैं। ऐसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

यह भी रखें ध्यान

इंसुलिन रेजिस्टेंस कोई छोटी समस्या नहीं है। यह धीरे-धीरे महिलाओं की सेहत को कई तरह से प्रभावित कर सकता है। अच्छी बात यह है कि सही खानपान, नियमित शारीरिक गतिविधि, पर्याप्त नींद और समय पर जांच के जरिए इसे काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है। अगर लंबे समय से वजन बढ़ रहा है, थकान रहती है या पीरियड्स में गड़बड़ी है, तो डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर रहेगा।

डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।

Vineet
विनीतauthor

विनीत टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में हेल्थ डेस्क के साथ बतौर चीफ कॉपी एडिटर जुड़े हैं। दिल्ली के रहने वाले विनीत को हेल्थ, फिटनेस और न्यूट्रिशन जैसे विषयों पर गहरी समझ है। इन्होंने हेल्थ, फिटनेस, न्यूट्रिशन और सप्लीमेंट के फील्ड में प्रोफेशनल सर्टिफिकेशन भी किए हैं। वे 6 साल से इस फील्ड से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर 7,000 से अधिक लेख लिख चुके हैं। विनीत की खासियत उनकी रिसर्च-बेस्ड लेखन शैली और जनहित को ध्यान में रखते हुए लिखी गई जानकारीपूर्ण स्टोरीज हैं।

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