लाइफस्टाइल

हाथ से बुनी बनारसी साड़ी में इतनी सुंदर लगीं नीता अंबानी, ब्लाउज-ईयररिंग्स का डिजाइन देखते रह जाएंगे

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर Nita Ambani ने भारतीय परंपरा और महिला सशक्तिकरण का सुंदर संदेश दिया। उन्होंने स्वदेश पहल से खरीदी गई हाथ से बुनी बनारसी सिल्क साड़ी पहनकर भारतीय कारीगरों की कला को सम्मान दिया और साथ ही ‘HERoes’ नामक अभियान की शुरुआत कर महिलाओं की उपलब्धियों को पहचान देने की पहल की।

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Nita Ambani

महिला दिवस के अवसर पर नीता अंबानी ने एक खास बनारसी सिल्क साड़ी पहनकर भारतीय वस्त्र परंपरा को सम्मान दिया। यह साड़ी हाथ से बुनी हुई थी और भारतीय बुनकरों की मेहनत और कला का प्रतीक मानी जाती है। इस खास मौके पर उन्होंने ‘HERoes’ नाम से एक अभियान भी शुरू किया, जिसका उद्देश्य समाज में महिलाओं की ताकत, प्रतिभा और योगदान को पहचान दिलाना है। यह पहल महिलाओं को प्रेरित करने और उनके अंदर छिपे नायकों को सामने लाने का प्रयास है।

अनामिका खन्ना के डिजाइनर ब्लाउज के साथ पूरा किया लुक

नीता अंबानी ने अपनी बनारसी साड़ी को मशहूर फैशन डिजाइनर Anamika Khanna द्वारा डिजाइन किए गए हाथ से कढ़ाई वाले ब्लाउज के साथ पहना।उनके इस लुक को स्टेटमेंट इयररिंग्स, एक खूबसूरत अंगूठी, हल्के मेकअप और लाल बिंदी ने और आकर्षक बना दिया। पारंपरिक और आधुनिक स्टाइल का यह मेल फैशन प्रेमियों के बीच काफी चर्चा में रहा।

बनारसी सिल्क साड़ी की खास पहचान

बनारसी साड़ी भारत की सबसे प्रसिद्ध पारंपरिक साड़ियों में से एक है, जो मुख्य रूप से Varanasi में तैयार की जाती है। इन साड़ियों की सबसे बड़ी खासियत इन पर किया गया सुनहरा और चांदी का जरी काम होता है। बनारसी साड़ी न केवल भारतीय कपड़ा उद्योग की पहचान है, बल्कि यह देश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का भी अहम हिस्सा मानी जाती है। इसकी बुनाई की परंपरा सदियों पुरानी बताई जाती है।

क्रिकेट थीम वाली बनारसी साड़ियों की नई पहल

हाल ही में वाराणसी के बुनकरों ने एक अनोखी पहल करते हुए क्रिकेट थीम पर आधारित खास बनारसी साड़ियां तैयार की हैं। इन साड़ियों में क्रिकेट से जुड़े मोटिफ और विश्व कप ट्रॉफी जैसे डिजाइन बनाए गए हैं। बताया जा रहा है कि ऐसी करीब 15 साड़ियां बनाई गई हैं, जिन्हें भारतीय क्रिकेट टीम के खिलाड़ियों को उपहार के रूप में देने की योजना है। इस पहल का उद्देश्य बनारसी कला को वैश्विक स्तर पर और ज्यादा पहचान दिलाना है।

इतिहास और संस्कृति से जुड़ी बनारसी बुनाई

बनारसी वस्त्रों का इतिहास भारत की प्राचीन परंपराओं से जुड़ा माना जाता है। कई ऐतिहासिक मान्यताओं के अनुसार काशी के कपड़े धार्मिक और सांस्कृतिक रूप से भी महत्वपूर्ण रहे हैं। इन साड़ियों के डिज़ाइन में मुगलकालीन कला, लघु चित्रों और वास्तुकला की झलक देखने को मिलती है। जरी का धागा अक्सर Surat से आता है या फिर वाराणसी में ही तैयार किया जाता है।

भारतीय परंपरा और आधुनिकता का सुंदर मेल

नीता अंबानी की बनारसी सिल्क साड़ी सिर्फ एक फैशन स्टेटमेंट नहीं है, बल्कि यह भारतीय कारीगरों की मेहनत, परंपरा और सांस्कृतिक विरासत को भी सम्मान देती है। महिला दिवस के मौके पर उनका यह कदम महिलाओं के सशक्तिकरण के साथ-साथ भारतीय हस्तशिल्प को बढ़ावा देने का भी एक प्रेरणादायक संदेश देता है।

Avni Bagrola
अवनी बागरोलाauthor

अवनी बागरोला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के लाइफस्टाइल सेक्शन में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं। फैशन, ब्यूटी, ट्रेंड्स, पर्सनल स्टाइलिंग और आधुनिक जीवनशैली से जुड़े कंटेंट पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें युवा और स्टाइल-सेवी ऑडियंस के बीच खास पहचान दिलाती है। अवनी की लेखन शैली सरल, ट्रेंडी और यूज़र-फ्रेंडली है, जो पाठकों को तेजी से बदलते फैशन व लाइफस्टाइल ट्रेंड्स को समझने में मदद करती है। अब तक 2,500 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुकी अवनी क्रिएटिव अप्रोच, अपडेटेड नॉलेज और रियल-टाइम ट्रेंड सेंस के लिए जानी जाती हैं।

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