Kitchen Garden Tips: मानसून दस्तक देने वाला है। अभी का जो मौसम है वो किचन गार्डन के लिए मुफीद है। अगर आप घर पर ही ताजी और केमिकल-फ्री सब्जियां उगाना चाहते हैं, तो मानसून शुरू होने से पहले का समय सबसे अच्छा माना जाता है। इस मौसम में मिट्टी में नमी बनी रहती है और पौधों की बढ़वार भी तेजी से होती है। ऐसे में कुछ सब्जियां लगाने से बरसात के दिनों में आपको भरपूर केमिकल फ्री सब्जियां मिल सकती हैं।
लौकी
लौकी की बेल गर्मी और नमी दोनों में अच्छी तरह बढ़ती है। मानसून से पहले इसके बीज बोने पर बारिश शुरू होते-होते पौधा तेजी से फैलने लगता है। थोड़ी सी जगह में भी इसकी अच्छी पैदावार हो जाती है।
भिंडी
भिंडी ऐसी सब्जी है जो गर्म और नम मौसम में खूब फलती-फूलती है। इसे गमलों या छोटे किचन गार्डेन में भी आसानी से उगाया जा सकता है। करीब डेढ़ से दो महीने में भिंडी तोड़ने लायक हो जाती है।
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खीरा
गर्मियों और बरसात के मौसम में खीरे की मांग बढ़ जाती है। मानसून से पहले लगाए गए खीरे के पौधे अच्छी नमी मिलने पर तेजी से बढ़ते हैं। नियमित सिंचाई और धूप मिलने से अच्छी पैदावार होती है।
तोरई
तोरई की बेल भी बरसात के मौसम में खूब फलती है। इसे लगाने के लिए ज्यादा देखभाल की जरूरत नहीं पड़ती। अगर आपके पास छत या आंगन में थोड़ी जगह है तो इसे आसानी से उगाया जा सकता है।
मिर्च
हरी मिर्च का पौधा लगभग पूरे साल लगाया जा सकता है, लेकिन मानसून से पहले लगाया गया पौधा ज्यादा तेजी से बढ़ता है। एक बार पौधा तैयार हो जाए तो कई महीनों तक ताजी मिर्च मिलती रहती है।
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बैंगन
बैंगन के पौधे को हल्की नमी और पर्याप्त धूप पसंद होती है। मानसून से पहले इसकी नर्सरी तैयार कर लें। बारिश के मौसम में पौधे तेजी से बढ़ेंगे और अच्छी फसल देंगे।
इन बातों का जरूर रखें ध्यान
किचन गार्डेन की मिट्टी में गोबर की खाद या कंपोस्ट जरूर मिलाएं। पानी का निकास अच्छा रखें ताकि बारिश का पानी जमा न हो। पौधों को पर्याप्त धूप मिलती रहे, इसका भी ध्यान रखें।
अगर सही समय पर ये सब्जियां लगा ली जाएं, तो बरसात के मौसम में आपके घर की रसोई ताजी, पौष्टिक और घर में उगाई गई सब्जियों से भर सकती है। इससे न सिर्फ पैसे की बचत होगी, ऑर्गेनिक सब्जियों के स्वाद का आनंद भी मिलेगा।
