लाइफस्टाइल

Monsoon Plant Care Tips: 90% लोग मानसून में करते हैं ये गलती, इसलिए सूख जाते हैं उनके पौधे

Monsoon Plant Care Tips: बरसात के मौसम में पौधों की देखभाल का सबसे बड़ा नियम है कि मिट्टी देखकर ही पानी दें, आदत से नहीं।

Image

मानसून में पौधों को पानी देने से पहले कुछ बातों का जरूर रखें ध्यान (Photo: iStock)

Monsoon Plant Care Tips: मानसून आते ही बगीचे और गमलों में लगे पौधे चहक उठते हैं। बारिश का पानी पौधों के लिए किसी प्राकृतिक अमृत से कम नहीं होता, लेकिन कई लोग इसी मौसम में सबसे बड़ी गलती कर बैठते हैं। ये लोग बिना जरूरत के भी पौधों को रोज पानी देते हैं। नतीजा यह होता है कि पौधों की जड़ें सड़ने लगती हैं और हरे-भरे पौधे भी मुरझाने लगते हैं। इसलिए बारिश के दिनों में पानी देने का सही तरीका जानना बेहद जरूरी है।

मानसून में कब दें पौधों को पानी?

अगर लगातार बारिश हो रही है तो अधिकांश पौधों को अलग से पानी देने की जरूरत नहीं होती। पानी देने से पहले हमेशा गमले या मिट्टी की नमी जांच लें। अगर मिट्टी गीली है तो पानी बिल्कुल न दें। जब मिट्टी सूखी लगे तभी सिंचाई करें। अगर कई दिनों से बारिश नहीं हुई है और तेज धूप निकल रही है, तब सुबह जल्दी या शाम के समय हल्का पानी देना सबसे अच्छा रहता है।

कब बिल्कुल नहीं देना चाहिए पानी?

- बारिश होने के तुरंत बाद।

- जब गमले की मिट्टी पहले से गीली हो।

- अगर गमले की ट्रे में पानी जमा हो।

- लगातार बादल रहे और मिट्टी को सूखने का मौका ही न मिले।

ज्यादा पानी देने से जड़ों तक ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाती और पौधे धीरे-धीरे कमजोर होने लगते हैं।

जल निकासी का रखें खास ध्यान

बरसात में सबसे जरूरी बात है कि गमले में पानी जमा न हो। हर गमले के नीचे ड्रेनेज होल होना चाहिए ताकि अतिरिक्त पानी आसानी से बाहर निकल सके। अगर पानी लंबे समय तक रुका रहेगा तो फफूंद और रूट रॉट जैसी समस्याएं पैदा हो सकती हैं।

टाइम्स नाउ नवभारत पर ये भी पढ़ें: बरसात में क्यों मुरझाने लगती है तुलसी

पत्तियों पर नजर रखें

मानसून में नमी बढ़ने से फंगल इंफेक्शन का खतरा भी बढ़ जाता है। अगर पत्तियों पर सफेद धब्बे, काले निशान या सड़न दिखे तो प्रभावित हिस्से को तुरंत हटा दें। पौधों के बीच पर्याप्त दूरी रखें ताकि हवा का प्रवाह बना रहे।

इंडोर और आउटडोर पौधों का रखें अलग ध्यान

घर के अंदर रखे पौधों को बाहर के पौधों जितना पानी नहीं चाहिए। उन्हें तभी पानी दें जब उनकी मिट्टी वास्तव में सूख जाए। वहीं खुले में रखे पौधे बारिश से पहले ही पर्याप्त नमी पा लेते हैं।

टाइम्स नाउ नवभारत पर ये भी पढ़ें: गुलाब के पास गेंदे के पौधा लगाना चाहिए या नहीं

कुल मिलाकर बरसात के मौसम में पौधों की देखभाल का सबसे बड़ा नियम है कि मिट्टी देखकर ही पानी दें, आदत से नहीं। सही समय पर सिंचाई, अच्छी जल निकासी और नियमित निगरानी से आपके पौधे पूरे मानसून में हरे-भरे और स्वस्थ बने रहेंगे।

Suneet Singh
सुनीत सिंहauthor

सुनीत सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में डिप्टी न्यूज एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और लाइफस्टाइल सेक्शन में स्पेशल स्टोरीज प्रोजेक्ट का नेतृत्व कर रहे हैं। टीवी और डिजिटल पत्रकारिता में 13 वर्षों के अनुभव के साथ, सुनीत उन बहुमुखी पत्रकारों में शामिल हैं जिन्होंने न्यूजरूम और फील्ड—दोनों मोर्चों पर खुद को साबित किया है। माइक, कैमरा और एडिटिंग डेस्क तीनों से उनकी सहज जुगलबंदी ने उन्हें एक संतुलित और विश्वसनीय मीडिया प्रोफेशनल के रूप में स्थापित किया है। पिछले 10 वर्षों से सुनीत लाइफस्टाइल, लिटरेचर, सिनेमा और संस्कृति से जुड़ी गहन व विश्लेषणात्मक स्टोरीज लिखते रहे हैं और अबतक 12,000 से अधिक आर्टिकल पब्लिश कर चुके हैं। उनकी लेखन शैली गहराई, मौलिक दृष्टिकोण और रिसर्च-आधारित प्रस्तुति से पहचानी जाती है। वे विषयों की बारीकियों को पकड़कर उन्हें सरल, प्रभावी और पाठकों से जुड़ने वाली भाषा में ढालने में दक्ष हैं।

और पढ़ें
End of Article