लाइफस्टाइल

काजोल ने बताया मैरिड लाइफ का ये बड़ा राज, शादी के रिश्ते में 100 फीसदी सच है ये बात

Kajol Married Life Secret: काजोल ने शादीशुदा जिंदगी को लेकर ऐसी बात कही, जिससे हर मैरिड कपल खुद को जोड़ पाएगा। जानिए क्यों कोई भी शादी 24x7 खुश नहीं रह सकती।

Image

kajol ki salah

Kajol Married Life Secret: तुम पहले जैसे नहीं रहे - शादी के कुछ साल बाद शायद ही कोई ऐसा रिश्ता होगा, जहां यह लाइन कभी न बोली गई हो। कभी नाराजगी में, कभी मजाक में और कभी बिल्कुल गंभीर होकर।

असल में शादी की शुरुआत जितनी फिल्मों जैसी होती है, कुछ साल बाद जिंदगी उतनी ही असली हो जाती है। EMI, ऑफिस, बच्चों की जिम्मेदारियां, घर के काम, थकान- इन सबके बीच प्यार कहीं गायब नहीं होता, बस उसका तरीका बदल जाता है।

हाल ही में काजोल ने शादीशुदा जिंदगी की इसी सिचुएशन को लेकर एक ऐसी बात कही, जिससे हर शादीशुदा इंसान खुद को जोड़ सकता है। उन्होंने कहा कि कोई भी शादी 24 घंटे, साल के 365 दिन खुश नहीं रह सकती। रिश्ते को निभाने के लिए दोनों लोगों को बराबर मेहनत करनी पड़ती है।

शादी में लड़ाई होना समस्या नहीं है

हमारे यहां अक्सर खुशहाल शादी की पहचान यह मान ली जाती है कि पति-पत्नी कभी लड़ते नहीं होंगे। लेकिन सच तो यह है कि जहां दो लोग साथ रहेंगे, वहां मतभेद भी होंगे। किसी दिन चाय में चीनी ज्यादा होने पर बहस हो जाएगी, तो किसी दिन इस बात पर कि बच्चों को कौन लेने जाएगा। कभी किसी की बात बुरी लग जाएगी, कभी कोई बिना वजह चिड़चिड़ा होगा।

ये छोटी-छोटी बातें हर घर में होती हैं। हर कपल के बीच ऐसे पल आते हैं। लेकिन रिश्ता इन बातों से नहीं टूटता। बल्कि इसकी नींव तब कमजोर पड़ जाती है - कपल अपास में बात करना बंद कर देता है। बातचीत से बड़ी-बड़ी समस्याएं सुलझ जाती हैं, तो रिश्तों का तो आधार ही संवाद होता है।

टाइम्स नाउ नवभारत पर ये भी पढ़ें: PM मोदी के एक वीडियो ने फिर छेड़ दी संतूर की कहानी

सोशल मीडिया ने रिश्तों की तस्वीर बदली

आज अगर इंस्टाग्राम देखें, तो हर दूसरा कपल छुट्टियां मना रहा है, सरप्राइज प्लान कर रहा है या एक-दूसरे के लिए लंबे-लंबे पोस्ट लिख रहा है। उन्हें देखकर कई बार लगता है कि शायद हमारी शादी में ही कुछ कमी है।

लेकिन सोशल मीडिया जिंदगी का ट्रेलर दिखाता है, पूरी फिल्म नहीं। कोई यह नहीं दिखाता कि उसी ट्रिप से पहले किस बात पर बहस हुई थी या पोस्ट डालने के दस मिनट बाद किस बात पर मुंह फूला हुआ था।

शादी बड़े मौकों से नहीं, रोजमर्रा की आदतों से चलती है

याद रखें कि रिश्तों को सबसे ज्यादा मजबूत करने वाले पल अक्सर कैमरे में कैद ही नहीं होते। ऑफिस से लौटते वक्त बिना पूछे पसंदीदा मिठाई ले आना, रात को दूसरे की थकान देखकर चुपचाप रसोई संभाल लेना, या फिर किसी मुश्किल दिन सिर्फ इतना कहना - चिंता मत करो, मैं हूं।

यही छोटी-छोटी बातें धीरे-धीरे भरोसा बनाती हैं।

परफेक्ट शादी जैसी कोई चीज शायद होती ही नहीं

समय के साथ हर इंसान बदलता है। पसंद बदलती है, जिम्मेदारियां बदलती हैं, सोच बदलती है। ऐसे में अगर हम यह उम्मीद करें कि सामने वाला हमेशा वैसा ही रहेगा जैसा शादी के पहले दिन था, तो निराशा होना तय है।

अच्छी शादी शायद वही है, जहां दोनों लोग एक-दूसरे को बदलने से ज्यादा, बदलते हुए समझने की कोशिश करते हैं।

इसलिए काजोल की बात सच लगती है

काजोल ने रिश्तों का कोई नया फॉर्मूला नहीं दिया। उन्होंने बस वह बात कह दी, जिसे ज्यादातर शादीशुदा लोग जानते तो हैं, लेकिन मानने से थोड़ा बचते हैं। यह पूरी तरह सच है कि शादी में हर दिन बहुत खुश नहीं रहा जा सकता है। यह भी सच है कि कपल के बीच आपसी मतभेद कई बातों पर होते हैं।

कुछ दिन आसान होंगे, कुछ मुश्किल। कुछ दिन खूब हंसी होगी, कुछ दिन चुप्पी भी। लेकिन अगर हर बार दोनों लोग रिश्ते की तरफ लौट आते हैं, तो शायद वही शादी सबसे मजबूत होती है। और शायद यही मैरिड लाइफ का सबसे बड़ा राज भी है।

Medha Chawla
मेधा चावलाauthor

मेधा चावला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर एसोसिएट एडिटर हैं और लाइफस्टाइल सेक्शन की लीड हैं। लाइफस्टाइल पत्रकारिता में 20 वर्षों का अनुभव रखने वाली मेधा की विशेषज्ञता हेल्थ, वेलनेस, फिटनेस, मेंटल हेल्थ, डेली लाइफ इम्प्रूवमेंट, ह्यूमन-इंटरेस्ट फीचर्स और रिसर्च-बेस्ड स्टोरीज तक फैली है। उनकी लेखन शैली पाठकों को जटिल स्वास्थ्य और जीवनशैली संबंधी विषयों को आसान, समझने योग्य और व्यवहारिक रूप में प्रस्तुत करती है, जिससे उनका कंटेंट व्यापक पाठक समूह से जुड़ता है। अबतक 30,000 से अधिक कंटेंट पीस लिख चुकी मेधा की कई एक्सक्लूसिव स्टोरीज डिजिटल प्लेटफॉर्म पर ट्रेंड सेट कर चुकी हैं।

और पढ़ें
End of Article