Imporve Personality: दुनिया की सबसे खूबसूरत महिलाओं में शुमार ऐश्वर्या राय बच्चन ने अपने करियर में जितनी सराहना पाई है, उतनी ही आलोचनाओं का सामना भी किया है। मिस वर्ल्ड का ताज जीतने से लेकर बॉलीवुड की सबसे सफल अभिनेत्रियों में शामिल होने तक, उनकी जिंदगी हमेशा लोगों की नजरों में रही। उनके अभिनय, उनके रिश्तों, उनके कपड़ों और यहां तक कि उनके वजन तक पर सार्वजनिक बहस होती रही है।
मां बनने के बाद बढ़े वजन को लेकर उन्हें लगातार ट्रोल किया गया, लेकिन उन्होंने कभी आलोचकों से लड़ने या सफाई देने का रास्ता नहीं चुना। समय के साथ उन्होंने खुद को उसी आत्मविश्वास और गरिमा के साथ प्रस्तुत किया जिसके लिए वे जानी जाती हैं। शायद यही वजह है कि जब उनसे आलोचकों और हेटर्स के बारे में पूछा गया तो उनका जवाब बेहद सादा लेकिन गहरा था -
I've always said that haters are a drop in the ocean. There's that much more love.
यानी
हेटर्स समुद्र में एक बूंद की तरह हैं, प्यार उससे कहीं ज्यादा है।
यह सिर्फ एक फिल्म स्टार का बयान नहीं है। यह जिंदगी को देखने का एक नजरिया है, जो हम सभी के लिए किसी सीख से कम नहीं।
हर किसी को खुश करना संभव नहीं
हममें से ज्यादातर लोग अपनी जिंदगी का बड़ा हिस्सा इस चिंता में बिताते हैं कि लोग क्या सोचेंगे। ऑफिस में कोई क्या कहेगा, रिश्तेदार क्या सोचेंगे, सोशल मीडिया पर कौन क्या टिप्पणी करेगा - इन सवालों के बीच कई बार हम अपने फैसले लेने से भी डरने लगते हैं।
लेकिन सच्चाई यह है कि दुनिया में ऐसा कोई इंसान नहीं है जिसे सभी लोग पसंद करते हों। अगर आप कुछ नया करेंगे तो आलोचना होगी। अगर आप अलग सोचेंगे तो सवाल उठेंगे। अगर आप सफल होंगे तो कुछ लोग आपकी तारीफ करेंगे और कुछ लोग आपकी कमियां खोजने लगेंगे।
इसलिए हर किसी को खुश करने की कोशिश छोड़ देना ही बेहतर है। क्योंकि यह एक ऐसी दौड़ है जिसकी कोई मंजिल नहीं होती।
आलोचना हमेशा आपकी कमजोरी नहीं बताती
कई बार लोग दूसरों की बातों को सुनकर खुद पर शक करने लगते हैं। एक नकारात्मक टिप्पणी कई सकारात्मक शब्दों पर भारी पड़ जाती है। लेकिन जरूरी नहीं कि हर आलोचना आपके बारे में सच ही कह रही हो।
कुछ आलोचनाएं हमें बेहतर बनने का मौका देती हैं। वहीं कुछ आलोचनाएं केवल दूसरे व्यक्ति की सोच, निराशा या पूर्वाग्रह को दर्शाती हैं। समझदारी इसी में है कि दोनों के बीच फर्क पहचाना जाए।
अगर कोई आपको सुधारने की नीयत से कुछ कह रहा है तो उसे सुनिए। लेकिन अगर कोई सिर्फ आपको नीचा दिखाने के लिए बोल रहा है तो उसकी बातों को अपनी आत्मा का हिस्सा मत बनाइए।
जिंदगी में प्यार करने वाले लोग ज्यादा होते हैं
हमारी एक आदत होती है। सौ लोगों की तारीफ भूल जाते हैं लेकिन एक व्यक्ति की आलोचना पूरे दिन याद रखते हैं। सोशल मीडिया पर हजार अच्छे कमेंट हों और एक बुरा कमेंट आ जाए तो हमारा ध्यान उसी पर अटक जाता है।
ऐश्वर्या राय की बात यहीं सबसे ज्यादा मायने रखती है। हमें यह याद रखने की जरूरत है कि हमारी जिंदगी में ऐसे लोगों की संख्या कहीं ज्यादा है जो हमारी खुशी चाहते हैं। परिवार, दोस्त, शिक्षक, सहकर्मी और शुभचिंतक- ये सभी लोग हमारी ताकत होते हैं।
अगर कभी किसी की बात से मन दुखी हो जाए तो उन लोगों को याद कीजिए जिन्होंने आपके संघर्ष के दिनों में आपका हाथ थामा था। तब एहसास होगा कि दुनिया में प्यार और समर्थन की मात्रा वास्तव में नफरत से कहीं ज्यादा है।
अपनी कीमत दूसरों की राय से तय मत कीजिए
सबसे खतरनाक स्थिति तब होती है जब हम अपनी पहचान दूसरों की राय के आधार पर तय करने लगते हैं। किसी की तारीफ से बहुत ज्यादा खुश होना और किसी की आलोचना से पूरी तरह टूट जाना, दोनों ही हमें भीतर से कमजोर बनाते हैं।
आत्मविश्वास का मतलब यह नहीं कि आपको किसी की बात सुननी ही नहीं है। आत्मविश्वास का मतलब है कि आप अपनी अच्छाइयों, अपनी मेहनत और अपने इरादों को जानते हैं। इसलिए बाहरी शोर आपकी दिशा तय नहीं कर सकता।
जो लोग अपने मूल्य को पहचान लेते हैं, वे आलोचनाओं के बीच भी आगे बढ़ते रहते हैं। और जो लोग हर टिप्पणी को अपनी सच्चाई मान लेते हैं, वे अक्सर वहीं रुक जाते हैं।
याद रखिए, आपकी कहानी किसी एक टिप्पणी से बड़ी है
हर इंसान की जिंदगी एक लंबी कहानी है। उसमें संघर्ष भी हैं, सपने भी, सफलताएं भी और असफलताएं भी। लेकिन दुनिया अक्सर हमारी पूरी कहानी नहीं पढ़ती। वह सिर्फ एक पन्ना देखकर फैसला सुना देती है।
इसलिए अगली बार जब आपको लगे कि लोग क्या कहेंगे, कौन आपकी आलोचना करेगा या कौन आपका मजाक उड़ाएगा, तो एक पल रुककर ऐश्वर्या राय की यह बात याद कर लीजिए- हेटर्स समुद्र में सिर्फ एक बूंद हैं।
अपनी नजर उस समुद्र पर रखिए जिसमें आपके लिए सम्मान, प्यार, विश्वास और शुभकामनाएं भरी हुई हैं। क्योंकि जिंदगी में आगे बढ़ने वाले लोग वही होते हैं जो नफरत के शोर से ज्यादा अपने भीतर की आवाज सुनते हैं।
