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Javed Akhtar Shayari: अब अगर आओ तो जाने के लिए मत आना.., सर्द रात में रजाई की गर्माहट से हैं जावेद अख्तर ये 21 शेर

Javed Akhtar Shayari in Hindi: जावेद अख्तर के इन मशहूर शायरियों को पढ़ आप महसूस करेंगे कि उन्होंने एहसास के हर रंग को कुरेदा है। हर जज्बात को कागज पर उतारा है। जावेद अख़्तर ने जो ग़ज़लें लिखी हैं उनमें इश्क़ के अफसाने और आशिकी कम बल्कि जीवन का दर्शन ज्यादा है। उनकी शायरी ने लोगों के दिलों को ऐसा छुआ कि उसकी चुभन भुलाए ना भूलती है।

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Javed Akhtar Shayari, Songs, Poetry in Hindi ( जावेद अख्तर की शायरी): भारतीय शायरों की जमात में जावेद अख्तर का नाम बड़े अदब से लिया जाता है। 80 साल के हो चुके जावेद अख्तर को शायरी का हुनर विरासत में मिला है। उनके पिता जां निसार अख्तर भी देश के बड़े शायर रहे हैं। जावेद अख्तर ने हर इंसानी जज्बात को बेहद खूबसूरत तरीके से अपनी शायरी में उतारा है। जावेद अख्तर ने ना जाने कितनी ही फिल्मों के गीत भी लिखे हैं। जावेद अख्तर की लेखनी में वो जादू है कि उनके लिखे नगमें सीधे लोगों के दिलों को छूते हैं। शायद यही कारण है कि उन्हें आवाम का बेइंतहां प्यार भी नसीब हुआ है। आइए पढ़ते हैं जावेद अख्तर के 10 चुनिंदा शेर:

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1. अब अगर आओ तो जाने के लिए मत आना

सिर्फ एहसान जताने के लिए मत आना

2. बंध गई थी दिल में कुछ उम्मीद सी

ख़ैर तुम ने जो किया अच्छा किया

3. कभी ये लगता है अब ख़त्म हो गया सब कुछ

कभी ये लगता है अब तक तो कुछ हुआ भी नहीं

4. दर्द के फूल भी खिलते हैं बिखर जाते हैं

ज़ख़्म कैसे भी हों कुछ रोज़ में भर जाते हैं

5. हर खुशी में कोई कमी-सी है

हंसती आंखों में भी नमी-सी है

6. तू तो मत कह हमें बुरा दुनिया

तू ने ढाला है और ढले हैं हम

7. छोड़ कर जिस को गए थे आप कोई और था

अब मैं कोई और हूं वापस तो आ कर देखिए

8. मैं पा सका न कभी इस ख़लिश से छुटकारा

वो मुझ से जीत भी सकता था जाने क्यूं हारा

9. दर्द अपनाता है पराए कौन

कौन सुनता है और सुनाए कौन

10. उस की आंखों में भी काजल फैल रहा है

मैं भी मुड़ के जाते जाते देख रहा हूं

11. कभी जो ख़्वाब था वो पा लिया है

मगर जो खो गई वो चीज़ क्या थी

12. जिधर जाते हैं सब जाना उधर अच्छा नहीं लगता

मुझे पामाल रस्तों का सफ़र अच्छा नहीं लगता

13. मुझे दुश्मन से भी ख़ुद्दारी की उम्मीद रहती है

किसी का भी हो सर क़दमों में सर अच्छा नहीं लगता

14. तब हम दोनों वक़्त चुरा कर लाते थे

अब मिलते हैं जब भी फ़ुर्सत होती है

15. डर हम को भी लगता है रस्ते के सन्नाटे से

लेकिन एक सफ़र पर ऐ दिल अब जाना तो होगा

16. ऊँची इमारतों से मकाँ मेरा घिर गया

कुछ लोग मेरे हिस्से का सूरज भी खा गए

17. तुम ये कहते हो कि मैं ग़ैर हूँ फिर भी शायद

निकल आए कोई पहचान ज़रा देख तो लो

18. इन चराग़ों में तेल ही कम था

क्यूँ गिला फिर हमें हवा से रहे

19. ग़लत बातों को ख़ामोशी से सुनना हामी भर लेना

बहुत हैं फ़ाएदे इस में मगर अच्छा नहीं लगता

20. धुआँ जो कुछ घरों से उठ रहा है

न पूरे शहर पर छाए तो कहना

21. हम तो बचपन में भी अकेले थे

सिर्फ़ दिल की गली में खेले थे

जावेद अख्तर के इन मशहूर शायरियों को पढ़ आपने भी महसूस किया होगा कि उन्होंने एहसास के हर रंग को कुरेदा है। हर जज्बात को कागज पर उतारा है। उनकी शायरी ने लोगों के दिलों को ऐसा छुआ कि उसकी चुभन भुलाए ना भूलती है।

Suneet Singh
सुनीत सिंहauthor

सुनीत सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में डिप्टी न्यूज एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और लाइफस्टाइल सेक्शन में स्पेशल स्टोरीज प्रोजेक्ट का नेतृत्व कर रहे हैं। टीवी और डिजिटल पत्रकारिता में 13 वर्षों के अनुभव के साथ, सुनीत उन बहुमुखी पत्रकारों में शामिल हैं जिन्होंने न्यूजरूम और फील्ड—दोनों मोर्चों पर खुद को साबित किया है। माइक, कैमरा और एडिटिंग डेस्क तीनों से उनकी सहज जुगलबंदी ने उन्हें एक संतुलित और विश्वसनीय मीडिया प्रोफेशनल के रूप में स्थापित किया है। पिछले 10 वर्षों से सुनीत लाइफस्टाइल, लिटरेचर, सिनेमा और संस्कृति से जुड़ी गहन व विश्लेषणात्मक स्टोरीज लिखते रहे हैं और अबतक 12,000 से अधिक आर्टिकल पब्लिश कर चुके हैं। उनकी लेखन शैली गहराई, मौलिक दृष्टिकोण और रिसर्च-आधारित प्रस्तुति से पहचानी जाती है। वे विषयों की बारीकियों को पकड़कर उन्हें सरल, प्रभावी और पाठकों से जुड़ने वाली भाषा में ढालने में दक्ष हैं।

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