Delhi News: दिल्ली में नाबालिग बच्चियों से जुड़े तीन गंभीर मामलों को लेकर दिल्ली महिला आयोग ने सख्त रुख अपनाया है। आयोग की अध्यक्ष लता गुप्ता ने इन घटनाओं का खुद संज्ञान लेते हुए दिल्ली पुलिस कमिश्नर अनुराग कुमार को पत्र भेजा है। आयोग ने पुलिस से तीनों मामलों में तेजी से जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने और सात दिनों के अंदर कार्रवाई की रिपोर्ट (ATR) सौंपने को कहा है।
चलती स्लीपर बस में गैंगरेप का मामला
इन मामलों में पहला और सबसे गंभीर मामला कश्मीरी गेट इलाके का बताया जा रहा है, जहां एक चलती स्लीपर बस में 16 वर्षीय स्कूली छात्रा के साथ कथित तौर पर सामूहिक दुष्कर्म किए जाने का आरोप है। इस घटना को लेकर आयोग ने पुलिस से मामले की गंभीरता को देखते हुए जल्द से जल्द जांच पूरी करने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने को कहा है।
जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग
दूसरा मामला बवाना स्थित एक निजी स्कूल से जुड़ा है। यहां तीन वर्षीय नर्सरी कक्षा की बच्ची के साथ कथित यौन उत्पीड़न का आरोप सामने आया है। महिला आयोग ने इस मामले में भी पुलिस से घटना की विस्तृत जांच करने और बच्ची की सुरक्षा को प्राथमिकता देने को कहा है। तीसरा मामला कल्याणपुरी का है, जहां आरोप है कि 10 वर्षीय बच्ची को सजा के तौर पर कई घंटे तेज धूप में खड़ा रखा गया। इसके बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई। इस घटना को लेकर भी आयोग ने जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की है।
किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जानी चाहिए
लता गुप्ता ने पुलिस कमिश्नर से कहा है कि सभी मामलों में भारतीय न्याय संहिता (BNS) और नाबालिगों की सुरक्षा से जुड़े अन्य लागू कानूनों के तहत कठोर कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि बच्चियों के खिलाफ ऐसे मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जानी चाहिए। आयोग का कहना है कि दोषियों पर प्रभावी कार्रवाई से पीड़ित बच्चियों और उनके परिवारों को न्याय मिलने का भरोसा मजबूत होगा।
