International Women's Day: महिला अधिकारों उनकी उपलब्धियों और उनके योगदान को याद करने के लिए हर साल 8 मार्च को International Women’s Day (अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस) मनाया जाता है। यह दिन हमें याद दिलाता है कि महिलाओं को अपने पेशेवर जीवन में उपलब्धियां हासिल करने के साथ-साथ अपने व्यक्तिगत जीवन का भी ध्यान रखना चाहिए। यदि आप अपने निजी जिंदगी में बेहतर संतुलन चाहती हैं, तो तो आपको वर्क-लाइफ बैलेंस जरूर बनाकर रखना चाहिए। आज जब महिलाओं हर एक फील्ड में पुरुषों के कंधे से कंधा मिलाकर चल रही हैं, तो ऐसे में घर की अतिरिक्त जिम्मेदारी भी महिलाओं के कंधों पर आती है। ऐसे में वर्क-लाइफ बैलेंस को बनाना एक बड़ी चुनौती हो जाता है। आइए जानते हैं कुछ ऐसे टिप्स जो महिलाओं को वर्क-लाइफ बैलेंस बनाने में मदद करते हैं।
टाइम मैनेजमेंट की आदत बनाएं
जीवन में बेहतर टाइम मैनेजमेंट वर्क–लाइफ बैलेंस का सबसे महत्वपूर्ण आधार है। इसलिए अपने दिनभर के कामों की एक लिस्ट तैयार करें और प्राथमिकता के आधार पर उन्हें पूरा करें। इससे काम का दबाव कम होगा और इससे पर्सनल लाइफ के लिए भी समय निकल पाएगा।
‘ना’ कहने की आदत डालें
ज्यादातर महिलाएं हर जिम्मेदारी को खुद निभाने की कोशिश करती हैं, जिससे ऑफिस के काम के साथ घर का काम भी बढ़ जाता है। अगर कोई काम आपकी क्षमता या समय से ज्यादा है, तो विनम्रता से ‘ना’ कहना भी जरूरी है। यह भी वर्क-लाइफ बैलेंस का एक बड़ा नियम है।
अपने लिए समय निकालें
दिनभर की भागदौड़ में अक्सर महिलाएं खुद को नजरअंदाज कर देती हैं। आप रोज कुछ मिनट योग, ध्यान या अपनी फेवरेट एक्टिविटी जरूर करें। इससे तनाव कम होता है और एनर्जी बनी रहती है। यदि आप रोजाना खुद के लिए समय निकालती हैं तो आप काम के दौरान भी ज्यादा बेहतर परफॉर्म कर पाएंगी।
परिवार और काम के बीच संतुलन
परिवार के साथ समय बिताना मेंटल हेल्थ बेहतर बनाए रखने में मदद करता है। इसलिए हमेशा कोशिश करें कि ऑफिस के काम को घर के समय से अलग रखें। जब आप परिवार के साथ हों तो आपके ऑफिस का काम इसके बीच में नहीं आना चाहिए। वहीं जब आप ऑफिस में हों तो आपके घर के मसले किसी काम के आडे नहीं आने चाहिए।
मदद लेने में झिझकें नहीं
सब कुछ अकेले संभालने से अच्छा है कि आप कुछ कामों में अपने सहकर्मी या परिवार के सदस्यों की मदद लें। इससे मानसिक दबाव कम होता है और वर्क-लाइफ बैलेंस बेहतर होता है। जिम्मेदारियों को साझा करने से काम आसान हो जाता है और प्रोफेशनल और पर्सनल लाइफ भी बेहतर होती है।
