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Femina and Grazia fashion Runway East 2026: कोलकाता में हुआ भारतीय फैशन, शिल्प और विरासत का शानदार संगम

Femina and Grazia Fashion Runway East 2026 में आईएनएसडी कोलकाता ने ‘नवरूपा' पेश किया। इस कलेक्शन का आधार महिलाओं के नौ अलग-अलग रूप थे। नौ लुक के जरिए स्त्रित्व को अलग-अलग नजरिए से दिखाने की कोशिश की गई।

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Femina and Grazia Fashion Runway East 2026 कोलकाता में 29 सिंतंबर को आयोजिक किया गया(Photo: Femina, Grazia)

कोलकाता में फैशन के साथ ही भारतीय इतिहास, कला, शिल्प और संस्कृति भी चलती है। इसी नायाब सोच के साथ 28 सिंतबर को कोलकाता में Femina and Grazia Fashion Runway East 2026 का आयोजन किया गया। इस फैशन शो में अलग-अलग डिजाइनरों, फैशन संस्थानों और कारीगर कम्युनिटी ने हिस्सा लिया। खास बात यह रही कि शो में भारतीय पारंपरिक विरासत को नए माडर्न सिल्हूट और डिजाइन के साथ पेश किया गया।

फेमिना एंड ग्रेजिया फैशन रनवे ईस्ट 2026 की शुरुआत 'थ्रेड्स ऑफ इंडिया - अ जर्नी थ्रो हेरिटेज' से हुई। इसे जेडी बिरला स्कूल के स्कूल ऑफ फैशन एंड टेक्सटाइल्स ने प्रजेंट किया। इस कलेक्शन में भारत के पारंपरिक टेक्सटाइल की झलक दिखाई गई। जामदानी, इंडिगो, गमछा और अज्रख जैसे कपड़ों और प्रिंट को आधुनिक कपड़ों के साथ जोड़ा गया। मकसद यह दिखाना था कि पारंपरिक भारतीय कपड़े सिर्फ विरासत का हिस्सा नहीं हैं। उन्हें आज के फैशन में भी नए तरीके से इस्तेमाल किया जा सकता है।

(Photos: Femina, Grazia)

(Photos: Femina, Grazia)

इसके बाद हाउस ऑफ इंदूज बाई इंदु कपिल ने ‘बैक टू रूट्स' कलेक्शन पेश किया। नाम की तरह ही इस कलेक्शन का फोकस जड़ों की ओर लौटने पर था। इसमें पारंपरिक कढ़ाई और कारीगरी को आधुनिक कॉउचर के साथ मिलाया गया। यहां पुराने हस्तशिल्प को जस का तस रखने के बजाय उसे नए सिल्हूट और डिजाइन में ढालने की कोशिश दिखाई दी। यह कलेक्शन इस बात पर ध्यान खींचता है कि विरासत को बचाने का एक तरीका उसे आज की जरूरतों और पसंद के मुताबिक नया रूप देना भी है।

(Photos: Femina, Grazia)

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फैशन शो में आईएनएसडी कोलकाता ने ‘नवरूपा' पेश किया। इस कलेक्शन का आधार महिलाओं के नौ अलग-अलग रूप थे। नौ लुक के जरिए स्त्रित्व को अलग-अलग नजरिए से दिखाने की कोशिश की गई। यहां फैशन एक महिला के व्यक्तित्व और उसकी अलग-अलग पहचान को सामने रखने का माध्यम बना।

शो में ग्लैमर का हिस्सा भी कम नहीं था। लेबल फॉरेवर नवीन कुमार ने ‘शाइन ब्राइटर दैन नाइट' कलेक्शन पेश किया। इसमें सीक्विन से सजे कपड़ों, स्कल्प्टेड सिल्हूट और स्टेटमेंट गाउन को जगह मिली। यह कलेक्शन खास तौर पर शाम और खास मौकों के पहनावे पर केंद्रित रहा। शाइनी लेयरिंग और स्ट्रक्चर्ड डिजाइन ने इसे बाकी प्रस्तुतियों से अलग रूप दिया।

(Photos: Femina, Grazia)

(Photos: Femina, Grazia)

इस आयोजन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रूरल क्राफ्ट एंड कल्चरल हब्स की प्रजंटेशन रही। इसमें पश्चिम बंगाल की 22 पारंपरिक साड़ियों को प्रदर्शित किया गया। इसके साथ प्राकृतिक रेशों से बने बैग और दूसरी एक्सेसरीज भी दिखाई गईं। इसमें उन महिला और युवा कारीगरों को भी सामने लाया गया, जो इन पारंपरिक बुनाई और हस्तशिल्प को आगे बढ़ा रहे हैं। यह पहल यूनेस्को और पश्चिम बंगाल सरकार के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम एवं वस्त्र विभाग की साझेदारी में पेश की गई।

फैशन का एक दूसरा पहलू उपयोगिता भी है। Aristocrat के 'एजेंशियल्स' कलेक्शन ने इसी पर फोकस किया। इसमें बारिश के मौसम के लिए रेनवियर, रोजमर्रा में पहनी जा सकने वाली लेयरिंग और ऐसे भारतीय सिल्हूट दिखाए गए, जिन्हें सामान्य जीवन में आसानी से अपनाया जा सके। इसके तहत फैशन को सिर्फ रैंप और खास मौकों तक सीमित न रखकर रोजमर्रा की जरूरतों से जोड़ने की कोशिश की गई।

(Photos: Femina, Grazia)

(Photos: Femina, Grazia)

शो का समापन डिजाइनर संदीप जैसवाल के ‘RED × BLACK – THE HERITAGE OF TOMORROW’ कलेक्शन से हुआ। इसमें पुराने दौर के ग्लैमर, सांस्कृतिक विरासतों और उन सिल्हूट को मॉडर्न अंदाज में पेश किया गया, जो भारतीय फैशन की सामूहिक स्मृति का हिस्सा रहे हैं।

Femina & Grazia Fashion Runway East 2026 की खासियत यही रही कि यहां भारतीय फैशन को एक ही नजरिए से नहीं देखा गया। एक तरफ जामदानी, अज्रख, गमछा और बंगाल की पारंपरिक साड़ियां थीं। दूसरी तरफ आधुनिक कॉउचर, सीक्विन, स्टेटमेंट गाउन और रोजमर्रा के उपयोगी कपड़े। इस तरह शो ने भारतीय फैशन के उस बदलाव को सामने रखा, जिसमें परंपरा और आधुनिकता एक-दूसरे के साथ चलती दिखाई देती हैं।

इस आयोजन ने यह भी दिखाया कि भारतीय फैशन की असली ताकत सिर्फ नए ट्रेंड बनाने में नहीं है। उसकी ताकत उन बुनकरों, कारीगरों, कपड़ों और तकनीकों में भी है, जो पीढ़ियों से चले आ रहे हैं।

Suneet Singh
सुनीत सिंहauthor

सुनीत सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में डिप्टी न्यूज एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और लाइफस्टाइल सेक्शन में स्पेशल स्टोरीज प्रोजेक्ट का नेतृत्व कर रहे हैं। टीवी और डिजिटल पत्रकारिता में 13 वर्षों के अनुभव के साथ, सुनीत उन बहुमुखी पत्रकारों में शामिल हैं जिन्होंने न्यूजरूम और फील्ड—दोनों मोर्चों पर खुद को साबित किया है। माइक, कैमरा और एडिटिंग डेस्क तीनों से उनकी सहज जुगलबंदी ने उन्हें एक संतुलित और विश्वसनीय मीडिया प्रोफेशनल के रूप में स्थापित किया है। पिछले 10 वर्षों से सुनीत लाइफस्टाइल, लिटरेचर, सिनेमा और संस्कृति से जुड़ी गहन व विश्लेषणात्मक स्टोरीज लिखते रहे हैं और अबतक 12,000 से अधिक आर्टिकल पब्लिश कर चुके हैं। उनकी लेखन शैली गहराई, मौलिक दृष्टिकोण और रिसर्च-आधारित प्रस्तुति से पहचानी जाती है। वे विषयों की बारीकियों को पकड़कर उन्हें सरल, प्रभावी और पाठकों से जुड़ने वाली भाषा में ढालने में दक्ष हैं।

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