Guru Gochar 2026: देवगुरु बृहस्पति 31 अक्टूबर 2026 की दोपहर 12 बजकर 50 मिनट पर सूर्य की राशि सिंह में प्रवेश करेंगे। गुरु 25 जनवरी 2027 तक सिंह राशि में रहेंगे। वैदिक ज्योतिष में गुरु को ज्ञान, धन, संतान, विवाह, भाग्य, विस्तार और शुभता का कारक माना जाता है। वहीं, सिंह राशि सूर्य के अधिकार, नेतृत्व, प्रतिष्ठा और आत्मविश्वास से जुड़ी है। ऐसे में गुरु का सिंह में पहुंचना उन राशियों के लिए खास महत्व रखता है जहां गुरु का गोचर शुभ भावों को सक्रिय करेगा। सिंह राशि में बैठकर गुरु की पंचम दृष्टि धनु, सप्तम दृष्टि कुंभ और नवम दृष्टि मेष पर पड़ेगी। इसका मतलब है कि जिन राशियों के लिए सिंह लाभ, कर्म, भाग्य, शिक्षा, विवाह या आर्थिक प्रगति के भाव को सक्रिय करता है, उन्हें इस गोचर का सीधा फायदा मिलेगा। आइए जानते हैं कि इससे किन राशि वालों को लाभ मिलेगा।
मेष राशि वालों के लिए गुरु पंचम भाव में प्रवेश कर रहे हैं। पंचम भाव बुद्धि, शिक्षा, संतान, प्रेम, प्रतिभा और रचनात्मकता का है। गुरु की यहां मौजूदगी ज्ञान को विस्तार देती है और व्यक्ति की प्रतिभा को सही दिशा मिलती है। विद्यार्थियों के लिए यह समय पढ़ाई में मजबूत पकड़ बनाने वाला रहेगा। प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे जातकों की रणनीति बेहतर होगी। मीडिया, लेखन, एक्टिंग, डिजाइन, शिक्षा और दूसरे क्रिएटिव क्षेत्रों में काम करने वालों को अपनी प्रतिभा दिखाने के अच्छे मौके मिलेंगे। प्रेम संबंध में स्थिरता बढ़ेगी और संतान से जुड़ा कोई महत्वपूर्ण फैसला सकारात्मक दिशा में जा सकता है। गुरु की नवम दृष्टि लग्न पर पड़ने से आत्मविश्वास और व्यक्तित्व भी मजबूत होगा।
मिथुन राशि के लिए सिंह दूसरा भाव है। दूसरा भाव धन, बचत, परिवार और वाणी से जुड़ा है। गुरु का यहां आना आर्थिक स्थिति को मजबूत करने वाला रहेगा। कमाई के साथ बचत बढ़ाने पर ध्यान जाएगा और पैसा संभालने की समझ बेहतर होगी। नौकरी करने वालों की आय में बढ़ोतरी के रास्ते बनेंगे। बिजनेस करने वालों को अपनी वाणी और समझदारी के जरिए फायदा मिलेगा। परिवार में किसी महत्वपूर्ण फैसले में आपकी भूमिका बढ़ेगी। गुरु की पंचम दृष्टि छठे भाव पर पड़ने से नौकरी और प्रतियोगिता में भी मदद मिलेगी, जबकि नवम दृष्टि दसवें भाव पर होने से करियर में आगे बढ़ने के मौके बनेंगे।
तुला राशि वालों के लिए सिंह ग्यारहवें भाव में है। यह गुरु के गोचर का सबसे महत्वपूर्ण स्थानों में से एक है क्योंकि ग्यारहवां भाव आय, लाभ, नेटवर्क और इच्छाओं की पूर्ति से जुड़ा है। गुरु यहां पहुंचकर कमाई के नए रास्ते खोलेंगे। पुराने संपर्क काम आएंगे और प्रभावशाली लोगों से संबंध मजबूत होंगे। नौकरी में प्रमोशन या बेहतर पैकेज की बातचीत आगे बढ़ सकती है। बिजनेस में नए क्लाइंट और बड़े प्रोजेक्ट मिलने के योग बनेंगे। मीडिया, मार्केटिंग, सेल्स और पब्लिक डीलिंग से जुड़े लोगों के लिए यह चरण खास तौर पर लाभकारी रहेगा। गुरु की दृष्टि तीसरे, पांचवें और सातवें भाव पर पड़ने से कम्युनिकेशन, क्रिएटिविटी और पार्टनरशिप को भी सहारा मिलेगा।
वृश्चिक राशि वालों के लिए सिंह दसवां भाव है। दसवां भाव कर्म, नौकरी, बिजनेस, पद और प्रतिष्ठा का माना जाता है। इसलिए गुरु का यहां गोचर सीधे करियर को प्रभावित करेगा। जो लोग काफी समय से अपनी मेहनत का बड़ा परिणाम चाहते थे, उनके लिए यह चरण महत्वपूर्ण रहेगा। नौकरी में जिम्मेदारी बढ़ सकती है और वरिष्ठ अधिकारियों के बीच प्रभाव मजबूत होगा। प्रमोशन, नई भूमिका या बड़े प्रोजेक्ट की स्थिति बनेगी। कारोबारी जातकों को बड़े संस्थानों और प्रभावशाली लोगों के साथ काम करने का अवसर मिल सकता है। गुरु की पंचम दृष्टि दूसरे भाव पर पड़ने से करियर की प्रगति का असर धन पर भी दिखाई देगा।
धनु राशि के लिए सिंह नवम भाव में है और यहां गुरु का गोचर भाग्य को सक्रिय करने वाला रहेगा। नवम भाव उच्च शिक्षा, धर्म, गुरु, लंबी यात्रा और जीवन की दिशा का प्रतिनिधित्व करता है। गुरु स्वयं भाग्य और ज्ञान के कारक हैं, इसलिए यह स्थिति ज्ञान और अवसर दोनों को मजबूत करेगी। उच्च शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षा, रिसर्च और स्किल डेवलपमेंट में फायदा मिलेगा। विदेश जाने की योजना या लंबी दूरी से जुड़ा कोई काम आगे बढ़ सकता है। किसी वरिष्ठ व्यक्ति की सलाह करियर में बड़ा बदलाव ला सकती है। धर्म और अध्यात्म में रुचि बढ़ेगी और जीवन को लेकर सोच अधिक स्पष्ट होगी।
कुंभ राशि से सिंह सातवां भाव है। सातवां भाव विवाह, जीवनसाथी, बिजनेस पार्टनर और पब्लिक डीलिंग से संबंधित है। गुरु का यहां गोचर रिश्तों में समझ बढ़ाने और साझेदारी को विस्तार देने वाला रहेगा। विवाह योग्य जातकों के लिए अच्छे रिश्ते सामने आ सकते हैं। शादीशुदा लोगों के दांपत्य में विश्वास मजबूत होगा। बिजनेस करने वालों को सही पार्टनर मिलने के साथ नया कारोबार बढ़ाने का अवसर मिलेगा। क्लाइंट बेस भी मजबूत होगा। गुरु की सप्तम दृष्टि सीधे कुंभ राशि पर पड़ने से व्यक्तित्व और फैसलों में परिपक्वता आएगी।