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Moon Gardening: रात में खिलने वाले पौधों से सजाएं अपना आशियाना, खुशबू और रोशनी के कॉकटेल का दिखेगा कमाल

मून गार्डन घर की सुंदरता बढ़ाने के साथ ही यह एक तरह की नेचर थेरेपी भी है। रात के शांत माहौल में सफेद फूलों को निहारना और उनकी खुशबू महसूस करना दिन भर की मानसिक थकावट को मिटा देता है।

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घर पर इन फूलों से सजाएं अपना मून गार्डन (AI generated and newsroom verified image)

Moon Gardening Tips: दिनभर की थकान और भागदौड़ के बाद जब शाम ढलती है, तो हर कोई शांति के कुछ पल तलाशता है। ऐसे में जरा सोचिए कि रात के सन्नाटे में आपकी बालकनी या बगीचा हल्की चांदनी रोशनी में चमक उठे और हवा में भीनी-भीनी खुशबू तैरने लगे। बहुत से लोग आजकल इसी का आनंद ले रहे हैं। इसे मून गार्डनिंग कहा जा रहा है। मून गार्डनिंग एक ऐसा अनोखा कॉन्सेप्ट है, जिसे विशेष रूप से रात के समय देखने और महसूस करने के लिए डिज़ाइन किया जाता है। आइए जानते हैं कि आप अपने घर में एक मून गार्डन कैसे तैयार कर सकते हैं।

क्या होता है मून गार्डन?

मून गार्डन का सीधा सा मतलब एक ऐसा बगीचा है जो रात में चांदनी और कम रोशनी में सबसे खूबसूरत दिखता है। इसमें मुख्य रूप से दो तरह के पौधे लगाए जाते हैं। एक तो रात में खिलने वाले सफेद या हल्के रंग के फूल, जो चांद की रोशनी को रिफ्लेक्ट करते हैं और रात में महकते हैं। दूसरे सिल्वर या वेरीगेटेड पत्तियों वाले पौधे, जिनकी पत्तियां हल्की रोशनी में चांदी की तरह चमकती हैं।

मून गार्डन के लिए बेस्ट हैं ये पौधे

अगर आप अपने घर की बालकनी, छत या लॉन में मून गार्डन बनाना चाहते हैं, तो इन पौधों का चुनाव करें:

रात की रानी: मून गार्डन की जान मानी जाने वाली रात की रानी के छोटे सफेद फूल रात होते ही खिलते हैं और पूरा माहौल मनमोहक खुशबू से भर देते हैं।

ब्रह्मकमल या मूनफ्लावर: यह बेल प्रजाति का पौधा है जिसके बड़े सफेद फूल शाम ढलते ही खिलते हैं और सुबह होते ही बंद हो जाते हैं।

सफेद कनेर और पारिजात: इनके सुंदर सफेद फूल न केवल देखने में आकर्षक लगते हैं, बल्कि इनकी सुगंध तनाव दूर करने में बेहद मददगार होती है।

डस्टी मिलर: इस पौधे की मखमली और सिल्वर-ग्रे रंग की पत्तियां रात में चांदनी पड़ते ही चमकने लगती हैं।

सफेद पिटूनिया और कामिनी: बालकनी या गमलों के लिए ये छोटे पौधे बेहतरीन विकल्प हैं।

तेजी से बढ़ रहा है मून गार्डनिंग का ट्रेन्ड

तेजी से बढ़ रहा है मून गार्डनिंग का ट्रेन्ड

मून गार्डन तैयार करने के खास टिप्स

मून गार्डन को घर के ऐसे हिस्से में बनाएं जहां रात में सीधी चांदनी आती हो। ध्यान रखें कि उस जगह पर बहुत तेज कृत्रिम रोशनी न पड़े, वरना प्राकृतिक चमक कम हो जाएगी। बगीचे में बहुत तेज लाइट लगाने से बचें। पौधों के बीच छोटी वार्म-व्हाइट फेयरी लाइट्स या सोलर गार्डन लाइट्स का इस्तेमाल करें जो रात के माहौल को रोमांटिक और शांत बनाएं।

मून गार्डन के पास एक लकड़ी की बेंच या झूला लगाएं, जहां आप रात में चाय या कॉफी की चुस्की के साथ तारों की छांव और फूलों की खुशबू का लुत्फ उठा सकें। इसके साथ ही अगर संभव हो तो एक छोटा सा टेबल-टॉप वॉटर फाउंटेन लगाएं। बहते पानी की हल्की आवाज और फूलों की महक मिलकर मन को गहरा सुकून देती है।

मन को शांति देता है मून गार्डन

आज की तनावभरी लाइफस्टाइल में मून गार्डन घर की सुंदरता बढ़ाने के साथ ही यह एक तरह की नेचर थेरेपी भी है। रात के शांत माहौल में सफेद फूलों को निहारना और उनकी खुशबू महसूस करना दिन भर की मानसिक थकावट को मिटा देता है।

Suneet Singh
सुनीत सिंहauthor

सुनीत सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में डिप्टी न्यूज एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और लाइफस्टाइल सेक्शन में स्पेशल स्टोरीज प्रोजेक्ट का नेतृत्व कर रहे हैं। टीवी और डिजिटल पत्रकारिता में 13 वर्षों के अनुभव के साथ, सुनीत उन बहुमुखी पत्रकारों में शामिल हैं जिन्होंने न्यूजरूम और फील्ड—दोनों मोर्चों पर खुद को साबित किया है। माइक, कैमरा और एडिटिंग डेस्क तीनों से उनकी सहज जुगलबंदी ने उन्हें एक संतुलित और विश्वसनीय मीडिया प्रोफेशनल के रूप में स्थापित किया है। पिछले 10 वर्षों से सुनीत लाइफस्टाइल, लिटरेचर, सिनेमा और संस्कृति से जुड़ी गहन व विश्लेषणात्मक स्टोरीज लिखते रहे हैं और अबतक 12,000 से अधिक आर्टिकल पब्लिश कर चुके हैं। उनकी लेखन शैली गहराई, मौलिक दृष्टिकोण और रिसर्च-आधारित प्रस्तुति से पहचानी जाती है। वे विषयों की बारीकियों को पकड़कर उन्हें सरल, प्रभावी और पाठकों से जुड़ने वाली भाषा में ढालने में दक्ष हैं।

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