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नींद की कमी कैसे बनती है हड्डियों की दुश्मन, कितनी कमी बना रही अंदर से खोखला, समझें बोन और स्लीप का कनेक्शन

How Sleep Affect Bone Health: क्या आप रोज पूरी नींद नहीं लेते? अगर नहीं तो बता दें कि नींद की कमी सिर्फ थकान ही नहीं, बल्कि आपकी हड्डियों को भी अंदर से कमजोर कर सकती है। जानिए नींद और बोन हेल्थ का साइंटिफिक कनेक्शन, कितनी नींद की कमी हड्डियों के लिए खतरा बन सकती है और कैसे खराब स्लीप पैटर्न हड्डियों को खोखला करने लगता है।

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नींद की कमी और बोन हेल्थ का क्या है कनेक्शन

How Sleep Affect Bone Health: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में नींद सबसे ज्यादा नजरअंदाज की जाने वाली चीज बन चुकी है। देर रात तक मोबाइल चलाना, ओवरथिंकिंग या काम का दबाव - इन सबके बीच नींद कम होना अब आम बात लगती है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि आपकी ये अधूरी नींद चुपचाप आपकी हड्डियों को नुकसान पहुंचा रही है? अक्सर हम हड्डियों की कमजोरी को उम्र या कैल्शियम की कमी से जोड़ते हैं, लेकिन नींद की कमी भी इसका एक बड़ा कारण हो सकती है। नींद और हड्डियों के बीच का ये कनेक्शन साइंस से जुड़ा हुआ है और इसे समझना आज के समय में बहुत जरूरी हो गया है।

नींद में होती है हड्डियों की मरम्मत

जब हम गहरी नींद में होते हैं, तभी शरीर खुद को रिपेयर करता है। इसी दौरान हड्डियों में नए टिश्यू बनने और पुराने डैमेज को ठीक करने की प्रक्रिया चलती है। अगर नींद पूरी नहीं होती, तो ये रिपेयर सिस्टम सही से काम नहीं कर पाता। नतीजा यह होता है कि हड्डियां धीरे-धीरे कमजोर होने लगती हैं, भले ही आप कैल्शियम ले रहे हों।

हार्मोन का असंतुलन का असर

नींद की कमी से शरीर में ग्रोथ हार्मोन और मेलाटोनिन का स्तर प्रभावित होता है। ये दोनों हार्मोन हड्डियों की मजबूती में अहम भूमिका निभाते हैं। जब नींद कम होती है, तो हड्डियों को मजबूत बनाने वाले हार्मोन कम बनने लगते हैं और हड्डियों के टूटने का खतरा बढ़ जाता है।

कैल्शियम एब्जॉर्प्शन पर सीधा असर

कई रिसर्च में यह बात सामने आई है कि नींद की कमी से शरीर कैल्शियम को सही तरीके से एब्जॉर्ब नहीं कर पाता। यानी आप चाहे कितना भी अच्छा खानपान क्यों न लें, अगर नींद पूरी नहीं है तो हड्डियों तक पोषण सही से नहीं पहुंच पाता। यही वजह है कि नींद कम लेने वालों में बोन डेंसिटी कम पाई जाती है।

ऑस्टियोपोरोसिस का खतरा

अगर नींद की कमी लंबे समय तक बनी रहे, तो यह ऑस्टियोपोरोसिस जैसी गंभीर समस्या का कारण बन सकती है। इसमें हड्डियां अंदर से खोखली होने लगती हैं और हल्की सी चोट में भी फ्रैक्चर का खतरा बढ़ जाता है। खासतौर पर महिलाओं और बुजुर्गों में यह जोखिम ज्यादा देखा गया है।

सूजन और स्ट्रेस से भी हड्डियों को नुकसान

नींद पूरी न होने पर शरीर में स्ट्रेस हार्मोन बढ़ जाता है, जिससे सूजन बढ़ती है। ये सूजन हड्डियों के मेटाबॉलिज्म को बिगाड़ देती है। धीरे-धीरे हड्डियां कमजोर होती जाती हैं और शरीर थका-थका सा महसूस करने लगता है।

हेल्दी बोन्स के लिए कितनी नींद जरूरी

वैज्ञानिक अध्ययन और हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो एक स्वस्थ वयस्क को रोजाना 7 से 8 घंटे की नींद जरूरी होती है। ये नींद सिर्फ समय पूरा करने के लिए नहीं, बल्कि क्वालिटी स्लीप होनी चाहिए। सही समय पर सोना, मोबाइल से दूरी और एक तय रूटीन - ये छोटी-छोटी बातें हड्डियों को लंबे समय तक मजबूत बनाए रखने में मदद करती हैं।

नींद को हल्के में लेना आपकी हड्डियों के लिए भारी पड़ सकता है। अगर आप चाहते हैं कि उम्र बढ़ने के साथ भी आपकी हड्डियां मजबूत रहें, तो आज से ही नींद को अपनी सेहत की प्राथमिकता बनाएं। क्योंकि अच्छी नींद सिर्फ दिमाग को नहीं, हड्डियों को भी मजबूती देती है।

Vineet
विनीतauthor

विनीत टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में हेल्थ डेस्क के साथ बतौर चीफ कॉपी एडिटर जुड़े हैं। दिल्ली के रहने वाले विनीत को हेल्थ, फिटनेस और न्यूट्रिशन जैसे विषयों पर गहरी समझ है। इन्होंने हेल्थ, फिटनेस, न्यूट्रिशन और सप्लीमेंट के फील्ड में प्रोफेशनल सर्टिफिकेशन भी किए हैं। वे 6 साल से इस फील्ड से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर 7,000 से अधिक लेख लिख चुके हैं। विनीत की खासियत उनकी रिसर्च-बेस्ड लेखन शैली और जनहित को ध्यान में रखते हुए लिखी गई जानकारीपूर्ण स्टोरीज हैं।

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