Famous Temples of Shimla: हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) की राजधानी शिमला (Shimla) एक प्रसिद्ध हिल स्टेशन है। यहां पूरे वर्ष पर्यटकों का तांता लगा रहता है। अपनी छुट्टियां बिताने लोग यहां आते हैं। यहां पर कई टूरिस्ट स्पॉट हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं शिमला शहर में कई प्रसिद्ध मंदिर भी है। दरअसल हिमाचल को देवभूमि कहा जाता है और यही कारण है कि यहां पर जगह जगह मंदिर बने हुए हैं। यहां पर भगवान हनुमान, शिव, काली देवी और सूर्य मंदिर बने हुए हैं। जाखू मंदिर हनुमान जी का सबसे प्रसिद्ध मंदिर शिमला में ही है। शिमला शहर का नाम भी श्यामला देवी मंदिर के नाम पर ही पड़ा हैं। देखें शिमला के मंदिरों की लिस्ट।
जाखू मंदिर शिमला
शिमला में बना हुआ हनुमान जी का यह मंदिर प्रसिद्ध है। मान्यता है कि जब हनुमान जी लक्ष्मण जी के लिए संजीवनी बूटी लेने गए थे, तब उन्होंने यहां पर ही रुककर विश्राम किया था। तभी से लेकर आज तक यह मंदिर प्रसिद्ध है। यहां पर हनुमान जी की 108 फीट ऊंची प्रतिमा है। जाखू मंदिर एक धार्मिक पर्यटन के साथ-साथ ट्रेकिंग के लिए भी जाना जाता है।
भीमाकली मंदिर
यह मंदिर शिमला के सहारन में स्थित है। सहारन शहर को किन्नौर जिले का मुख्य द्वार भी कहा जाता है। इस शहर का प्राचीन इतिहास है बुशहर शासकों ने यह मंदिर बनवाया था। मंदिर को विशेष अवसरों पर ही खोला जाता है। यहां देवी की मूर्ति को एक कुंवारी लड़की के रूप में पूजा जाता है।
कालीबाड़ी मंदिर
काली माता को समर्पित कालीबाड़ी मंदिर बैटनी हिल पर स्थित है। इस मंदिर में काली माता की विशेष पूजा अर्चना की जाती है और इसलिए यह मंदिर श्यामला के नाम से भी प्रसिद्ध है। यहां पर लोग दूर-दूर से दर्शन करने आते हैं। शिवरात्रि पर यहां विशेष पूजा का आयोजन होता है। कहा जाता है कि शिमला का नाम श्यामला देवी के नाम पर ही रखा गया है।
शिव मंदिर
शिमला के माल रोड पर स्थित शिव मंदिर काफी प्राचीन है। इसमें लगे हुए पत्थर और शिल्प कला बहुत साल पुरानी है। कहा जाता है कि इसमें मौजूद शिवलिंग स्वयं धरती से उत्पन्न हुआ था मंदिर का निर्माण 1882 में किया गया था। शिवभक्त यहां पर हर रोज दर्शन के लिए आते हैं। शिवरात्रि पर विशेष पूजा का आयोजन भी होता है।
तारा देवी मंदिर
पहाड़ी पर स्थित तारा देवी मंदिर में देवी तारा की पूजा की जाती है। यह शिमला के प्रसिद्ध मंदिरों में से एक है। कहा जाता है तारा मंदिर का निर्माण बलवीर सिंह ने करवाया था। इस मंदिर में तारा देवी की लकड़ी की मूर्ति को स्थापित किया गया है। यह शिमला से करीब 12 किलोमीटर दूर है। मंदिर का निर्माण ढाई सौ वर्ष पुराना है।
संकटमोचन मंदिर
तारा देवी मंदिर के पास ही संकटमोचन मंदिर भी है। इस मंदिर का निर्माण 1962 में हुआ था। यहां पर राम,सीता,लक्ष्मण और भगवान शिव की मूर्तियां भी हैं। मंगलवार के दिन मंदिर में विशेष पूजा का आयोजन होता है। कहा जाता है कि यहां पर भगवान हनुमान सबके कष्ट दूर करते हैं।
सूर्य मंदिर शिमला
उत्तर भारत का एकमात्र सूर्य मंदिर शिमला में बना हुआ है। यह मंदिर लकड़ी से बनाया गया है। कहा जाता है कि पांडव अपने अज्ञातवास के समय कुछ समय यहां पर रुके थे। यह मंदिर सूर्य को समर्पित है और इसके प्रांगण में बहुत सारे शिवलिंग भी स्थापित किए गए हैं। दिसंबर महीने में मंदिर में मेले का आयोजन होता है।
