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'अवैध रूप से बनाई हो पांचवीं मंजिल तो तुरंत कर दो सील', सत्य निकेतन हादसे के बाद सीएम रेखा गुप्ता ने दे दिया आदेश

दिल्ली के भवन उपनियमों के तहत 17.5 मीटर की ऊंचाई महत्वपूर्ण सीमा मानी जाती है। इस सीमा तक स्टिल्ट पार्किंग के साथ अधिकतम चार मंजिल का निर्माण किया जा सकता है, जिससे कुल पांच स्तर की संरचना बनती है। बिना स्टिल्ट के इमारत की ऊंचाई 15 मीटर तक सीमित रहती है।

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दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता।

Photo : PTI

दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में एक बिल्डिंग जिसमें पीजी चलाई जा रही थी, के धाराशायी होने के बाद रेखा सरकार ने अवैध निर्माण के खिलाफ सख्त रुख अपना लिया है। हादसे के बाद कार्रवाई के क्रम में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार को राजधानी में अवैध रूप से पांचवीं मंजिल बनवाने वाले भवनों को तत्काल रूप से सील करने के आदेश दिए। इसके साथ ही नगर निगम के अधिकारियों को जर्जर और खतरनाक इमारतों की नए सिरे से पहचान करने के लिए सर्वेक्षण तेज करने को कहा गया है।

मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि दिल्ली भर में अनधिकृत रूप से पांचवीं मंजिल वाले भवनों को तत्काल सील करने का आदेश दिया गया है। उन्होंने कहा कि आसपास के पीजी और अन्य इमारतों का भी गहन निरीक्षण किया जा रहा है। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर सीलिंग समेत सख्त कार्रवाई की जाएगी।

यह कार्रवाई दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में इमारत ढहने की घटना के बाद की जा रही है, जिसमें सात लोगों की मौत हुई थी। अधिकारियों के मुताबिक, इस मामले में एमसीडी ने एक उपायुक्त और चार इंजीनियरिंग अधिकारियों समेत पांच कर्मचारियों को निलंबित किया है। वहीं,ढही इमारत के मालिक को गिरफ्तार कर लिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार इस मामले को गंभीरता से ले रही है और पुलिस ने इमारत के मालिक को हिरासत में लेकर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

खतरनाक इमारतों का फिर होगा सर्वे

एमसीडी के उत्तर-पश्चिम जोन ने सोमवार को अधिकारियों को दिल्ली नगर निगम (डीएमसी) अधिनियम के तहत अनधिकृत निर्माण के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करने का निर्देश दिया। सहायक अभियंताओं को नियमित रूप से मौके पर निरीक्षण करने और निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने को कहा गया है। एमसीडी के भवन विभाग के कनिष्ठ अभियंताओं को अनधिकृत इलाकों में खतरनाक इमारतों का नए सिरे से सर्वे करने का निर्देश दिया गया है। इस दौरान ऐसी इमारतों की पहचान की जाएगी जो जर्जर हो चुकी हैं या अपनी संरचनात्मक आयु पूरी कर चुकी हैं।

आदेश में कहा गया है कि ऐसी इमारतों के खिलाफ डीएमसी अधिनियम के तहत निर्धारित कार्रवाई तुरंत शुरू की जाए। आदेश में स्पष्ट किया गया कि इस मामले में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

17.5 मीटर से ऊपर बदल जाते हैं निर्माण के नियम

दिल्ली के भवन उपनियमों के तहत 17.5 मीटर की ऊंचाई महत्वपूर्ण सीमा मानी जाती है। इस सीमा तक स्टिल्ट पार्किंग के साथ अधिकतम चार मंजिल का निर्माण किया जा सकता है, जिससे कुल पांच स्तर की संरचना बनती है। बिना स्टिल्ट के इमारत की ऊंचाई 15 मीटर तक सीमित रहती है। 17.5 मीटर की सीमा पार होने पर भवन पर अतिरिक्त सुरक्षा और अग्निशमन संबंधी नियम लागू होते हैं। ऐसे निर्माण में अग्निशमन वाहनों के लिए अतिरिक्त खुली जगह, कड़े संरचनात्मक मानक और दिल्ली अग्निशमन सेवा से अनिवार्य मंजूरी जैसी आवश्यकताएं शामिल हो जाती हैं।

एमसीडी ने अपने अधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करने को कहा है कि भवन मालिक और बिल्डर स्वीकृत नक्शे के अनुसार ही निर्माण करें तथा यूनिफाइड बिल्डिंग बायलॉज-2016 और दिल्ली के मास्टर प्लान में निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन करें।

Shiv Shukla
शिव शुक्लाauthor

शिव शुक्ला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में कार्यरत एक अनुभवी न्यूज राइटर हैं। छह वर्षों के पेशेवर अनुभव के साथ वे डिजिटल पत्रकारिता में तेज, सटीक और प्रभावी कंटेंट तैयार करने के लिए पहचाने जाते हैं। वह राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खबरों, राजनीतिक घटनाक्रमों और गहन विश्लेषण पर विशेष पकड़ रखते हैं। ब्रेकिंग न्यूज कवरेज, लाइव ब्लॉग, एक्सप्लेनर और एनालिसिस आर्टिकल तैयार करने में उन्हें विशेषज्ञता हासिल है। शिव शुक्ला 8,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट प्रकाशित कर चुके हैं। मजबूत न्यूज सेंस, विश्लेषण क्षमता और स्पष्ट लेखन शैली उनकी खासियत है। उन्हें नए स्थानों की यात्रा करना और किताबें पढ़ने का शौक है, जो उनकी लेखन शैली एवं दृष्टिकोण को और समृद्ध बनाता है।

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