high protein roti recipe: रोटी हमारी थाली में नियमित तौर पर शामिल होती है। सब्जी बदल सकती है, दाल बदल सकती है, लेकिन ज्यादातर घरों में रोटी अपनी जगह बनाए रखती है। अब सोचिए, इसी रोज की रोटी में थोड़ा ज्यादा प्रोटीन मिलने लगे तो? योग गुरु डॉ. हंसा जी योगेंद्र ने ऐसी ही आसान रेसिपी बताई है। इसमें किसी महंगे प्रोटीन पाउडर की जरूरत नहीं पड़ती। बस गेहूं के आटे में दो आम चीजें सही अनुपात में मिलानी हैं।
हंसा जी के मुताबिक, इस मिश्रण से तैयार एक रोटी से लगभग 5 से 6 ग्राम तक प्रोटीन मिल सकता है। यानी सामान्य गेहूं की रोटी के मुकाबले करीब 5 से 6 ग्राम अतिरिक्त प्रोटीन जोड़ा जा सकता है। हालांकि वास्तविक मात्रा रोटी के आकार, उसमें इस्तेमाल हुए आटे और सामग्री के ब्रांड के अनुसार बदल सकती है।
हाई प्रोटीन रोटी का आटा कैसे तैयार करें
इस रोटी को बनाने के लिए तीन तरह के आटे या पाउडर को मिलाया गया है।
- 75 प्रतिशत साबुत गेहूं का आटा
- 15 प्रतिशत भुनी हुई सोयाबीन का आटा
- 10 प्रतिशत फैट निकाला हुआ मूंगफली पाउडर
इसे आसान भाषा में समझें तो 750 ग्राम गेहूं के आटे में 150 ग्राम भुना सोया आटा और 100 ग्राम डीफैटेड पीनट पाउडर मिला सकते हैं। सभी चीजों को अच्छी तरह मिलाकर एयरटाइट डिब्बे में रख लें। फिर जरूरत के हिसाब से आटा गूंथें और सामान्य रोटी की तरह सेंक लें।
पहली बार बना रहे हैं तो कम मात्रा से शुरुआत करें। उदाहरण के लिए, 150 ग्राम गेहूं के आटे में 30 ग्राम सोया आटा और 20 ग्राम मूंगफली पाउडर मिलाया जा सकता है।
गेहूं के आटे में सोया और मूंगफली मिलाने से क्या होगा
गेहूं की रोटी से कार्बोहाइड्रेट के साथ कुछ प्रोटीन भी मिलता है, लेकिन केवल उसी पर निर्भर रहने से भोजन में प्रोटीन की मात्रा कम रह सकती है। सोयाबीन प्रोटीन से भरपूर है। वहीं मूंगफली का पाउडर रोटी को हल्का नटी स्वाद देने के साथ उसकी पौष्टिकता भी बढ़ाता है।
इन दोनों को गेहूं में मिलाने का एक फायदा यह भी है कि रोटी घर की सामान्य रोटी जैसी ही रहती है। इसके लिए अलग से कोई मुश्किल व्यंजन नहीं बनाना पड़ता। खासकर शाकाहारी लोगों के लिए यह रोज के भोजन में प्रोटीन बढ़ाने का व्यावहारिक तरीका बन सकता है।
रोटी मुलायम बनाने के लिए क्या करें
सोया आटा मिलाने पर कई बार रोटी थोड़ी सूखी या सख्त लग सकती है। इसलिए आटा एकदम कड़ा न गूंथें। हल्के गुनगुने पानी का इस्तेमाल करें और गूंथने के बाद इसे 15 से 20 मिनट ढककर रख दें। आटे में थोड़ा दही या एक चम्मच तेल मिलाने से भी रोटी मुलायम बन सकती है।
इस रोटी को दाल, दही, पनीर की सब्जी या हरी सब्जियों के साथ खाया जाए तो भोजन अधिक संतुलित बनता है। याद रखें, केवल रोटी बदलना पूरी डाइट का विकल्प नहीं है। दिनभर के भोजन में दालें, दूध-दही, पनीर, बीन्स, चना, राजमा और मेवे भी शामिल होने चाहिए।
किन लोगों को सावधानी रखनी चाहिए
जिन लोगों को सोया या मूंगफली से एलर्जी है, वे यह रोटी न खाएं। थायरॉइड की दवा लेने वाले लोग सोया युक्त भोजन और दवा के बीच पर्याप्त अंतर रखने के बारे में अपने डॉक्टर से सलाह लें। किडनी की बीमारी या डॉक्टर द्वारा बताई गई सीमित प्रोटीन डाइट में भी इसे शुरू करने से पहले विशेषज्ञ की राय जरूरी है।
