Happy
यहां हम मदर्स डे के मौके पर एक खास महिला के बारे में आपको बताएंगे जो सिर्फ सामान्य दिखती हैं लेकन उनकी कोख से एक ऐसा बेटा जन्मा जिसने न केवल सांसारिक मोह माया को त्याग कर आध्यात्म के रास्ते पर चलने का रास्ता चुना। बल्कि आज धर्म आध्यात्म और राजसत्ता के बीच बेहतर संतुलन और समन्वय स्थापित करते हुए देश के सबसे बड़े सूबे का सीएम है।
अविभाजित उत्तर प्रदेश के पौड़ी गढ़वाल (वर्तमान में उत्तराखंड) का छोटा सा गांव पंचुर आम गांवों की तरह ही था। 1972 में आनंद सिंह और सावित्री देवी के घर एक बच्चे का जन्म हुआ। मात्र 22 साल की उम्र में इस बच्चे ने सांसारिक मोह माया के बंधन का त्याग कर दिया और संन्यास के रास्ते को चुन लिया। ये बच्चा कोई और नहीं यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हैं। आज यह गांव सीएम योगी के गांव के नाम से जाना जाता है।
सामान्य महिला हैं सीएम योगी की मां
सीएम योगी आदित्यनाथ की मां सावित्री देवी है और वह एक आम महिला की तरह जीवन जीती हैं। उनमें किसी तरह की कोई बनावट नहीं हैं। सीएम योगी के अलावा उनके तीन बेटे मानेंद्र सिंह, शैलेंद्र मोहन और महेंद्र सिंह हैं, जबकि तीन बेटियां पुष्पा देवी, कौशल्या और शशि देवी भी हैं।
5 साल बाद हुई थी मुलाकात
बीते साल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उत्तराखंड स्थित अपने पैतृक गांव पंचूर अपनी 84 साल की मां सावित्री देवी से मिलने पहुंचे थे। वर्षों बाद मिले मां-बेटे की आंखों में आंसू छलक आए। मां ने डांटते हुए कहा ‘क्यूं रे, इतने सालों में तुझे मेरी याद नहीं आई’। इससे पहले सीएम योगी ने अपनी मां के पैर छूकर आशीर्वाद लिया था।
