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Parenting: दोस्तों की हर बात मान लेता है बच्चा? इन आसान तरीकों से सिखाएं सही-गलत का फर्क

कुछ तरीके हैं जिनकी मदद से आप अपने बच्चों को भविष्य की किसी भी परेशानी से बचा सकते हैं। बतौर पेरेंट्स हमारा फर्ज बनता है कि हम अपने बच्चों को हर सही गलत से रूबरू करवाएं।

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बच्चों को कैसे सिखाएं कि दोस्तों की हर बात मानना नहीं है जरूरी (Photo: iStock)

Parenting Tips: बच्चों के बड़े होने के साथ दोस्त उनकी जिंदगी का अहम हिस्सा बन जाते हैं। वे अपने दोस्तों से बहुत कुछ सीखते हैं। हालांकि, कई बार यही दोस्त गलत आदतों या गलत फैसलों की वजह भी बन सकते हैं। अगर आपका बच्चा भी दोस्तों की हर बात बिना सोचे-समझे मान लेता है, तो उसे डांटने के बजाय सही तरीके से समझाना ज्यादा जरूरी है। आइए जानें बतौर पेरेंट्स आप क्या कर सकते हैं:

बच्चे को 'ना' कहना सिखाएं

कई बच्चे सिर्फ इसलिए दोस्तों की बात मान लेते हैं क्योंकि उन्हें मना करना नहीं आता। उन्हें समझाएं कि हर बात मानना जरूरी नहीं होता। अगर कोई दोस्त ऐसी बात कहे जिससे वह असहज महसूस करे या जो गलत लगे, तो विनम्रता से ना कहना बिल्कुल ठीक है।

सही और गलत में फर्क समझाएं

बच्चे को समझाएं कि कौन सी बातें अच्छी हैं और कौन सी नुकसान पहुंचा सकती हैं। बच्चा जब खुद सही गलत का फैसला करना सीख जाएगा तो आपकी ये दिक्कत खत्म हो जाएगी।

बच्चों से खूब बात करें

आप बच्चे से जितना ज्यादा बात करेंगे उतना ज्यादा समझ पाएंगे कि उसके दोस्त किस तरह के हैं। कैसे दोस्तों के साथ उसका वक्त बीत रहा है।

बच्चे का कॉन्फिडेंस बढ़ाएं

जिन बच्चों में आत्मविश्वास कम होता है, वे दूसरों के दबाव में जल्दी आ जाते हैं। इसलिए बच्चे का कॉन्फिडेंस बढ़ाना जरूरी है। उसकी अच्छी आदतों की तारीफ करें और उसे अपने फैसले लेने के लिए प्रोत्साहित करें। जब उसे अपनी सोच पर भरोसा होगा, तो वह भीड़ के साथ बहने के बजाय सही फैसला लेने की कोशिश करेगा।

दोस्त चुनने की समझ दें

हर दोस्त बुरा नहीं होता। बच्चे को यह सिखाएं कि अच्छे दोस्त वही होते हैं जो उसका सम्मान करें, सही सलाह दें और गलत काम करने के लिए दबाव न डालें। बच्चे को सिखाएं दोस्त भले बहुत कम हों, लेकिन सही हो।

सबसे अंत में अपनाएं डर वाली ट्रिक

बच्चो को हर तरह से समझाएं कि कब दोस्तों की बात माननी है और कब उनसे किनारा कर लेना है। अगर वह समझ जाए तो ठीक नहीं तो सबसे अंत में डर वाली ट्रिक आजमा कर देखें।

बच्चे को समझाएं कि अगर वह गलत कामों में दोस्तों का साथ देगा तो उसका नतीजा बुरा हो सकता है। उससे डराएं कि तुम्हारा पूरा जीवन बर्बाद हो सकता है। आप ये भी कह सकते हैं कि अगर ऐसे दोस्तों के साथ रहोगे तो कभी आगे नहीं बढ़ पाओगे। डराने के लिए आप दूसरे तरीके भी अपना सकते हैं।

ये कुछ तरीके हैं जिनकी मदद से आप अपने बच्चों को भविष्य की किसी भी परेशानी से बचा सकते हैं। बतौर पेरेंट्स हमारा फर्ज बनता है कि हम अपने बच्चों को हर सही गलत से रूबरू करवाएं। कुछ समय बाद बच्चा खुद इतना समझदार हो जाएगा कि अपने लिए सही और गलत का चुनाव आसानी से कर ले।

Suneet Singh
सुनीत सिंह author

सुनीत सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में डिप्टी न्यूज एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और लाइफस्टाइल सेक्शन में स्पेशल स्टोरीज प्रोजेक्ट का नेतृत्व कर रहे ... और देखें

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