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नींबू का छिलका या केले का छिलका- पौधों के लिए कौन सा है बेहतर, तुलसी को हरा भरा रखने के लिए क्या डालें

Gardening Tips in Hindi: नींबू का छिलका या केले का छिलका, पौधों के लिए कौन सा ज्यादा फायदेमंद है। जानिए तुलसी को हरा-भरा रखने के लिए इनमें क्या डालना बेहतर रहेगा।

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तुलसी के पौधे में कौन सा छिलका डालें

Gardening Tips in Hindi: घर की बालकनी या आंगन में लगे पौधों को हरा-भरा रखने के लिए लोग अक्सर घरेलू उपाय अपनाते हैं। खासतौर पर रसोई से निकलने वाले फल और सब्जियों के छिलकों का इस्तेमाल आजकल काफी बढ़ गया है। इनमें सबसे ज्यादा चर्चा होती है नींबू और केले के छिलकों की। कई लोग सोचते हैं कि कौन सा छिलका पौधों के लिए ज्यादा फायदेमंद है और तुलसी जैसे पौधे में क्या डालना चाहिए ताकि वह हमेशा ताजी और घनी बनी रहे। अगर आपके मन में भी यही सवाल है, तो आइए आसान भाषा में समझते हैं कि कौन सा छिलका किस तरह काम करता है।

केले का छिलका पौधों के लिए कैसे फायदेमंद होता है

केले के छिलके में पोटैशियम, फॉस्फोरस और कैल्शियम जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं। यही वजह है कि इसे पौधों के लिए प्राकृतिक खाद माना जाता है। खासतौर पर फूल वाले पौधों और तुलसी में केले का छिलका काफी अच्छा असर दिखाता है। इससे पौधों की जड़ें मजबूत होती हैं और पत्तियों में चमक बनी रहती है।

आप केले के छिलकों को छोटे-छोटे टुकड़ों में काटकर मिट्टी में दबा सकते हैं। चाहें तो इन्हें पानी में भिगोकर एक-दो दिन बाद उस पानी को पौधों में डाल सकते हैं। इससे पौधों को धीरे-धीरे पोषण मिलता रहता है।

नींबू का छिलका पौधों के लिए कैसे फायदेमंद होता है

नींबू के छिलके में भी कुछ पोषक तत्व होते हैं, लेकिन इसका इस्तेमाल बहुत सोच-समझकर करना चाहिए। नींबू की तासीर अम्लीय यानी acidic होती है। अगर इसे ज्यादा मात्रा में मिट्टी में डाल दिया जाए तो मिट्टी का pH बिगड़ सकता है। इससे कुछ पौधों की जड़ें कमजोर पड़ सकती हैं।

हालांकि, सही तरीके से इस्तेमाल किया जाए तो नींबू का छिलका कीड़ों को दूर रखने में मदद कर सकता है। कई लोग सूखे नींबू के छिलकों का पाउडर बनाकर थोड़ी मात्रा में मिट्टी में मिलाते हैं। लेकिन तुलसी जैसे नाजुक पौधों में इसका ज्यादा इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।

तुलसी को हरा-भरा रखने के लिए क्या डालें

तुलसी का पौधा बहुत ज्यादा केमिकल वाली खाद पसंद नहीं करता। इसे हल्की और प्राकृतिक पोषण वाली चीजें ज्यादा सूट करती हैं। तुलसी को स्वस्थ रखने के लिए आप केले के छिलके का पानी, चायपत्ती की हल्की खाद, गोबर की सड़ी खाद या घर में बनी कम्पोस्ट का इस्तेमाल कर सकते हैं।

इसके अलावा तुलसी में रोज थोड़ा पानी देना, सुबह की धूप मिलना और सूखी पत्तियों को हटाते रहना भी जरूरी है। ध्यान रखें कि गमले में पानी जमा न हो, वरना जड़ें सड़ सकती हैं।

नींबू का छिलका या केले का छिलका - दोनों में कौन सा है बेहतर

अगर बात सीधे तौर पर पौधों की ग्रोथ और हरियाली की करें, तो केले का छिलका ज्यादा सुरक्षित और फायदेमंद माना जाता है। खासकर तुलसी, मनी प्लांट और फूल वाले पौधों के लिए यह बेहतर विकल्प हो सकता है। वहीं नींबू का छिलका सीमित मात्रा में और सही तरीके से इस्तेमाल करना चाहिए।

यानी अगर आप चाहते हैं कि आपकी तुलसी हमेशा हरी-भरी और ताजी दिखे, तो केले के छिलके से बनी प्राकृतिक खाद ज्यादा अच्छा विकल्प साबित हो सकती है।

Medha Chawla
मेधा चावलाauthor

मेधा चावला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर एसोसिएट एडिटर हैं और लाइफस्टाइल सेक्शन की लीड हैं। लाइफस्टाइल पत्रकारिता में 20 वर्षों का अनुभव रखने वाली मेधा की विशेषज्ञता हेल्थ, वेलनेस, फिटनेस, मेंटल हेल्थ, डेली लाइफ इम्प्रूवमेंट, ह्यूमन-इंटरेस्ट फीचर्स और रिसर्च-बेस्ड स्टोरीज तक फैली है। उनकी लेखन शैली पाठकों को जटिल स्वास्थ्य और जीवनशैली संबंधी विषयों को आसान, समझने योग्य और व्यवहारिक रूप में प्रस्तुत करती है, जिससे उनका कंटेंट व्यापक पाठक समूह से जुड़ता है। अबतक 30,000 से अधिक कंटेंट पीस लिख चुकी मेधा की कई एक्सक्लूसिव स्टोरीज डिजिटल प्लेटफॉर्म पर ट्रेंड सेट कर चुकी हैं।

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