चीन को हराकर 44 साल बाद एशियाई खेलों में गोल्ड मेडल जीतने वाली भारतीय टीम ने लॉस एंजिलिस ओलंपिक 2028 के लिये क्वालीफाई कर लिया है। भारत की ओर से एकमात्र गोल 200वां मुकाबला खेल रही लालरेम्सियामी ने दसवें मिनट में किया। जीत के बाद दीपिक कुमारी ने स्पोर्ट्स नाउ से एक्सक्लूसिव बात की है। उन्होंने इस जीत को अपने परिवार और कोच को समर्पित किया है। दीपिका ने सेलिब्रेशन के बारे में बताया कि ये तो शुरुआत है। अभी होटल में जाके तो सब पागल होने वाले हैं। बस में तो फुल डांस चलता हुआ जाएगा।
गोल्ड का मन बनाकर आए थे
दीपिका ने इस मुकाबले को जिक्र करते हुए कहा 'जब हम लास्ट टाइम एशियन गेम्स खेलने आए थे तो ब्रॉन्ज पे गए थे तो उधर से माइंडसेट यह था कि नेक्स्ट टाइम जाएंगे तो गोल्ड ही लेके आएंगे। ओलंपिक में ना जाने का मलाल था। ओलंपिक का सपना टूटता है तो बहुत ऐसे था कि ये क्या हो गया अभी हॉकी खत्म तो नहीं हो जाएगी हमारी? हम इसी माइंडसेट से आए थे कि हमें इधर से ही क्वालीफाई करके जाना है।
कप्तान सलीमा की इंजरी पर दीपिका
दीपिका ने कप्तान सलीमा टेटे की इंजरी पर बात की जो गोल सेव करते हुए चोटिल हो गईं थीं। उन्होंने कहा 'ऑफ कोर्स उनको इंजरी हुई है और उन्होंने इतना अच्छा वो एक गोल बचाने के चक्कर में ही उनको इंजरी हुई है। सलीमा ने बहुत अच्छा डिफेंस किया है पीसी में और ऑफ कोर्स उसको चोट लगी बट फिर भी उसने कमबैक किया तो वो एक कहीं ना कहीं हमारे लिए हेल्प ही थी।
किसे करेंगे मेडल डेडिकेट
दीपिका ने इस जीत को फैमिली और कोच को डेडिकेट किया। उन्होंने कहा उनकी सपोर्ट की वजह से आज मैं इधर हूं और स्पेशली जो मुझे रिहैब कराते हैं। आज मैं इधर हूं तो मेबी उन्होंने मेरे ऊपर बहुत काम किया है और ऑफ कोर्स कोचेस भी हैं। मेरे फर्स्ट कोच भी हैं। मेरी फैमिली भी है। बहुत लोग हैं जो पीछे काम करते हैं। सो थैंक यू सो मच सभी को।
कोच के साथ अनोखा सेलिब्रेशन
जीत के बाद पूरी टीम ने कोच मारिन को हवा में उछालकर सेलिब्रेट किया था। इस पर दीपिका ने कहा पहले से कुछ नहीं था। सडनली ये हुआ कि अभी तो उठाना है। बाद में कोच मारिन ने इस वीडियो को अपने एक्स पर भी पोस्ट किया।
एचआईएल (HIL) में मिले ज्यादा मौके
दीपिका ने HIL को लेकर कहा 'हम तो यही चाहेंगे कि ज्यादा मौके मिले। एक जूनियर प्लेयर को मौका मिलेगा एचएल खेलने का एक उनके लिए भी फाइनेंशियल हर एक चीज के लिए सपोर्ट होती है और आगे आने वाले टाइम में उनको कैंप भी मिलते हैं। बाहर के खिलाड़ियों के साथ खेलने का भी फायदा मिलता है।
