लाइफस्टाइल

Baby Names: वेदों-पुराणों पर रखना चाहते हैं बच्चों का नाम, इस लिस्ट से चुनें बेटे-बेटी के संस्कारी नाम

  • Authored by: Ritu raj
  • Updated May 28, 2023, 11:41 AM IST

इस बात से तो हम सभी लोग वाकिफ होंगे कि बच्‍चों का नाम रखने के लिए सबसे पहले उनका नामकरण किया जाता है। बच्चों के नाम से ही उसके धर्म, देश और संस्कृति की झलक मिलती है।

Image

वेदों-पुराणों पर रखना चाहते हैं बच्चों का नाम

Baby Names: इस बात से तो हम सभी लोग वाकिफ होंगे कि बच्‍चों का नाम रखने के लिए सबसे पहले उनका नामकरण किया जाता है। बच्चों के नाम से ही उसके धर्म, देश और संस्कृति की झलक मिलती है। हर पेरेंट्स अपने बच्चों का नाम काफी यूनिक रखना चाहते हैं। कई पेरेंट्स तो ऐसे भी हैं जो बच्चों के जन्म से पहले से ही उनके नाम सोच लेते हैं। ऐसे में अगर आप भी अपने बच्चों के नाम रखने जा रहे हैं तो इन हिंदू संस्कृति के नामों में से चुन सकते हैं। इस लिस्ट में बेटे-बेटी के सभी नामों में से हिंदू वेदों और पुराणों से संबंध है। देखें लिस्ट।

वेद-पुराणों से जुड़े "अ" से शुरू नाम की इस लिस्ट से चुने अपने बच्चों के लिए नाम

आरव

अभिर

आशमान

अभिमन्यु

आरुष

आर्यन

अमृत

आलेख्य

अगस्त्य

अविघ्न

अंगद

अवलीन

अविरल

अनमोल

अरिन

बेटियों के लिए इस लिस्ट से चुने नाम

प्रणाली, मयूरी, अवनि, अरहा, आरोही, महिमा, मांडवी, फाल्गुनी, राशि, रूमा, ईशा, इप्सिता, इशिका, कैकशी, जानकी, काव्या, सृष्टितारा, वैदेही, त्रिशिरा।
रितु राज
Ritu rajauthor

<p>ऋतु राज टाइम्स नाऊ नवभारत डिजिटल में लाइफस्टाइल डेस्क में बतौर चीफ कॉफी एडिटर कार्यरत हैं। उनकी हेल्थ और लाइफस्टाइल की खबरों पर अच्छी पकड़ है। यहां वो एक्सप्लेनर और लाइफस्टाइल की ट्रेंडिंग खबरों को लोगों के लिए परोसने का काम करते हैं। उनकी फूड, पैरेंटिंग, ब्यूटी पर अच्छी पकड़ है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत डिजिटल मीडिया से की। वो बिहार के मुजफ्फरपुर जिले से ताल्लुक रखते हैं। ऋतु राज ने पिछले 6 सालों में एनडीटीवी, जनसत्ता जैसे बड़े संस्थानों में अलग अलग बीट्स पर काम किया है। हालांकि उनकी खास रूची न्यूज, लाइफस्टाइल और एंटरटेनमेंट में रही है। ऋतु राज एक वॉयस ओवर आर्टिस्ट भी रहे हैं। उन्होंने एनडीटीवी में वॉयस ओवर आर्टिस्ट के तौर पर भी काम किया है। यहां उन्होंने लोकसभा चुनाव 2019 को भी कवर किया और खबरों को धार देना सीखा। साल 2021 में एनडीटीवी से इस्तीफा देने के बाद ऋतुराज ने जनसत्ता के साथ जुड़े और यहां वेब स्टोरीज पर अपनी रफ्तार बनाई और अलग अलग एंगल से खबरों को बनाना सीखा।</p>

और पढ़ें
End of Article