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छूट गया है पुराने दोस्तों का साथ, एक्सपर्ट्स से जानिए री-कनेक्ट करने के 5 बेहतरीन तरीके

सच्ची दोस्ती कभी पुरानी नहीं होती, बस उस पर समय की थोड़ी धूल जम जाती है। एक्सपर्ट्स के इन आसान तरीकों को अपनाकर आप बिना किसी झिझक के अपने पुराने दोस्तों से फिर से दिल का रिश्ता जोड़ सकते हैं।

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फिर से खिल उठेगी पुरानी दोस्ती, आजमा कर देखें ये तरीके (Photo: iStock)

अपनी पर्सनल और प्रोफेशनल लाइफ की मजबूरियों के कारण कई बार दोस्तों से लगातार मिलना जुलना नहीं हो पाता है। दोस्तों ना मिलना धीरे-धीरे दोस्ती के टूटने ये दोस्तों से दूर होने का सबसे बड़ा कारण बनता है। कई बार हमारे मन में आता है कि क्यों ना किसी पुराने दोस्त से मिला जाए। फिर से उससे बात की जाए। हालांकि एक अजीब सी हिचकिचाहट के चलते हम अपने कदम पीछे खींच लेते हैं।

बहुत से रिलेशनशिप कोच और एक्सपर्ट्स ने पुराने दोस्तों के करीब जाने के कई आसान तरीके सुझाए हैं। इन तरीकों पर अमल कर आप बिना झिझक अपने पुराने दोस्त संग बातचीत की नई शुरुआत कर सकते हैं:

पुरानी यादों को ताजा करें

जब अपने पुराने दोस्त से लंबे समय बाद बात करें तो शुरुआत अपनी किसी पुरानी याद के साथ करें। उसे याद दिलाएं कि कैसे हम पहले ढेर सारी मस्ती किया करते थे। पुरानी यादों से जब हम बात शुरु करते हैं तो सामने वाला भी उसी उत्साह के साथ दोस्ती में दो कदम आगे बढ़ाता है। यह तरीका बातचीत को तुरंत सहज बना देता है।

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सीधे और ईमानदार रहें

बातचीत में बहुत ज्यादा औपचारिकता की जरूरत नहीं है। अपनी व्यस्तता और इतने समय तक संपर्क में न रहने की वजह को ईमानदारी से स्वीकार करें। आप खुलकर लिख सकते हैं- जिंदगी की भागदौड़ में काफी समय बीत गया और हम बात नहीं कर पाए, लेकिन मैं तुम्हें मिस कर रहा था। सोचा आज तुमसे हाल-चाल पूछ लूं।

कम दबाव वाले मैसेज भेजें

सामने वाले पर तुरंत जवाब देने या मिलने का दबाव न बनाएं। ऐसा मैसेज भेजें जिससे उन्हें जवाब देने की जल्दी महसूस न हो। जैसे मुझे पता है तुम काफी बिज़ी होगे, इसलिए जवाब देने की कोई जल्दबाजी नहीं है। बस तुम्हारा हाल-चाल जानना चाहता था। इससे दोस्त को बिना किसी दबाव के अपनी सुविधा अनुसार जवाब देने का मौका मिलता है।

छोटी बातचीत से शुरुआत करें

दोबारा जुड़ते ही लंबी-चौड़ी बातें करने या सीधे मिलने का प्लान बनाने के बजाय बातचीत की शुरुआत बहुत हल्की-फुल्की रखें। एक छोटा सा टेक्स्ट मैसेज या सोशल मीडिया पर उनकी किसी पोस्ट पर सकारात्मक टिप्पणी बातचीत का दरवाजा खोलने के लिए काफी है। जब एक बार झिझक टूट जाए, तो धीरे-धीरे बातचीत को आगे बढ़ाया जा सकता है।

रिजेक्शन का डर छोड़ दें

यह समझना बहुत जरूरी है कि अगर कोई तुरंत जवाब नहीं देता, तो इसका मतलब यह नहीं कि वह आपसे नाराज है। हो सकता है कि वह अपनी जिंदगी में किसी तनाव या व्यस्तता से गुजर रहा हो। इसलिए मन में यह डर न रखें कि सामने वाला क्या सोचेगा। सकारात्मक सोच के साथ हाथ बढ़ाएं; ज़्यादातर मामलों में लोग पुराने दोस्तों का मैसेज पाकर खुश ही होते हैं।

सच्ची दोस्ती कभी पुरानी नहीं होती, बस उस पर समय की थोड़ी धूल जम जाती है। एक्सपर्ट्स के इन आसान तरीकों को अपनाकर आप बिना किसी झिझक के अपने पुराने दोस्तों से फिर से दिल का रिश्ता जोड़ सकते हैं।

Suneet Singh
सुनीत सिंहauthor

सुनीत सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में डिप्टी न्यूज एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और लाइफस्टाइल सेक्शन में स्पेशल स्टोरीज प्रोजेक्ट का नेतृत्व कर रहे हैं। टीवी और डिजिटल पत्रकारिता में 13 वर्षों के अनुभव के साथ, सुनीत उन बहुमुखी पत्रकारों में शामिल हैं जिन्होंने न्यूजरूम और फील्ड—दोनों मोर्चों पर खुद को साबित किया है। माइक, कैमरा और एडिटिंग डेस्क तीनों से उनकी सहज जुगलबंदी ने उन्हें एक संतुलित और विश्वसनीय मीडिया प्रोफेशनल के रूप में स्थापित किया है। पिछले 10 वर्षों से सुनीत लाइफस्टाइल, लिटरेचर, सिनेमा और संस्कृति से जुड़ी गहन व विश्लेषणात्मक स्टोरीज लिखते रहे हैं और अबतक 12,000 से अधिक आर्टिकल पब्लिश कर चुके हैं। उनकी लेखन शैली गहराई, मौलिक दृष्टिकोण और रिसर्च-आधारित प्रस्तुति से पहचानी जाती है। वे विषयों की बारीकियों को पकड़कर उन्हें सरल, प्रभावी और पाठकों से जुड़ने वाली भाषा में ढालने में दक्ष हैं।

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