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आंधी-तूफान में क्यों उखड़ जाते हैं पेड़? मानसून से पहले कैसे करें सुरक्षित

Trees Uprooted: आंधी-तूफान के साथ हुई मूसलाधार बारिश के चलते कई पेड़ गिर जाते हैं और उनकी वजह से बिजली के खंभे, सड़क, वाहन इत्यादि चीजों को नुकसान का सामना करना पड़ता है। इसके बाद पेड़-पौधों को सड़कों से हटाकर यातायात को बहाल किया जाता है। इसको लेकर पर्यावरणविद्, उद्यान विशेषज्ञ सहित अन्य लोग चिंतित हैं।

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तूफान में उखड़ गए पेड़ (सांकेतिक तस्वीर)

Photo : iStock

Trees Uprooted: गर्मी, बारिश या फिर ठंड चाहे कोई भी मौसम हो अगर आंधी-तूफान आया तो पेड़ पौधों को काफी नुकसान पहुंचता है। हालही में मानसून ने केरल और पूर्वोत्तर क्षेत्र में समय से पहले दस्तक दे दी है, लेकिन मानसून के साथ ही हादसों का खतरा भी बढ़ गया है। आमतौर पर देखा गया है कि मानसूनी बारिश होते ही पेड़-पौधों के टूटने और उखड़ने की घटनाएं बढ़ जाती है। हालांकि, आंधी-तूफान में सभी पेड़ उखड़ जाएं ऐसे नहीं होता है, बल्कि मजबूत जड़, अनुकूल मिट्टी और संतुलिल विकास वाले पेड़-पौधे तूफान का सामना कर जाते हैं, लेकिन टूटकर बिखरने वाले कई पेड़-पौधे दुख दे जाते हैं।

आंधी-तूफान के साथ हुई मूसलाधार बारिश के चलते कई पेड़ गिर जाते हैं और उनकी वजह से बिजली के खंभे, सड़क, वाहन इत्यादि चीजों को नुकसान का सामना करना पड़ता है। इसके बाद पेड़-पौधों को सड़कों से हटाकर यातायात को बहाल किया जाता है। तो चलिए आज चर्चा करेंगे

आखिर क्यों आंधी-तूफान में उखड़ जाते हैं पेड़-पौधे?

मानसून व अन्य मौसमों में गिरते पेड़ों की लगातार बढ़ रही संख्या से पर्यावरणविद्, उद्यान विशेषज्ञ सहित अन्य लोग चिंतित हैं और इन लोगों को लगता है कि पेड़ों की कमजोर जड़ों, तूफान की तीव्रता, कटाई-छटाई इत्यादि की वजह से पेड़ असंतुलित होकर गिर जाते हैं।

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टूटे हुए पेड़ (सांकेतिक तस्वीर)

क्रमांकक्यों उखड़ जाते हैं पेड़?
1कमजोर जड़ें
2तूफान की तीव्रता
3मिट्टी

कमजोर जड़ें

मानसून व अन्य मौसमों में शहरी क्षेत्रों से पेड़ गिरने की अधिक सूचना आती है। इसके पीछे की असल वजह पेड़ की जड़ों का कमजोर होना है। ऐसा इसलिए भी है, क्योंकि यहां पर पेड़ का कम जगह में लगाता जाता है। जिसकी वजह से वह पूरी तरह से विकसित नहीं हो पाते। ऊपर से क्रंकीट और डामर जैसी सतहों की वजह से पेड़ों को पानी और ऑक्सीजन दोनों मिलने में परेशानी होती है। इसी वजह से पेड़ की जड़ें कमजोर हो जाती हैं।

पेड़ वातावरण के हिसाब से विकसित होते हैं। उनकी शाखाएं जितनी ज्यादा बाहर दिखाई देती हैं उतनी ही ज्यादा जड़े जमीन के भीतर भी फैलती हैं और वह जड़ें मिट्टी को जकड़कर रखने का काम भी करती हैं। पेड़ की शाखाएं और जड़ें ही उसे संतुलन प्रदान करती हैं। अगर कटाई-छटाई हुई या फिर चबूतरे के नाम पर कंक्रीट का ठोस काम करा दिया तो पेड़ असंतुलित हो जाते हैं। वहीं, पेड़ों को जरूरत से ज्यादा पानी देना भी उन्हें कमजोर बनाता है।

तूफान की तीव्रता

चक्रवाती तूफान या फिर बहुत तेज चल रही हवाएं भी अच्छे से अच्छे पेड़ को उखाड़ सकती हैं, चाहे उस पेड़ की जड़ें कितनी भी मजबूत क्यों न हों। चक्रवाती तूफान ने कई बार भारी मात्रा में पेड़ों को नुकसान पहुंचाया है। इसके अलावा बहुत पुराना पेड़ भी तेज हवाओं के सामने टिक नहीं पाता है।

मिट्टी

पेड़ की सेहत में मिट्टी का भरपूर योगदान होता है, लेकिन रेतीली मिट्टी की वजह से पेड़ की जड़ें सूख सकती हैं और पेड़ कमजोर हो सकता है। ऐसा इसलिए है, क्योंकि रेतीली मिट्टी पानी को बरकरार रखने सक्षम नहीं होती है। वहीं, भारी मिट्टी की वजह से पेड़ों को प्रॉपर ऑक्सीजन नहीं मिल पाती है।

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टूटे हुए पेड़ (सांकेतिक तस्वीर)

आंधी तूफान से पेड़ों को कैसे बचाएं

आंधी तूफान के पूर्वानुमान से पहले पेड़ों की सूखी और क्षतिग्रस्त शाखाओं की कटाई करें। इसके अलावा पेड़ पौधों की देखभाल करें। नियमित रूप से पानी दें। जरूरी खाद का इस्तेमाल करें। नए नवेले पेड़ों को जरूरी सपोर्ट दें। हो सकता है आंधी तूफान में नए नवेले पेड़ टूट जाएं या फिर झुक जाएं। ऐसे में उन्हें रस्सी के सहारे बांध दें।

Anurag Gupta
अनुराग गुप्ताauthor

अनुराग गुप्ता टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और मीडिया में 9 वर्षों का अनुभव रखते हैं। जर्नलिज़्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से ही वे न्यूजरूम के विभिन्न आयामों—कॉपी एडिटिंग, कंटेंट क्यूरेशन और रियल-टाइम न्यूज मॉनिटरिंग में दक्षता के साथ काम कर रहे हैं। राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और ब्रेकिंग न्यूज पर उनकी मजबूत पकड़ है। अनुराग खबरों की बारीकियों को समझने, फैक्ट चेकिंग और स्टोरी के अहम पहलुओं को पाठकों तक सरल भाषा में पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने अब तक 10 हजार से अधिक खबरें प्रकाशित की हैं, जिनमें ब्रेकिंग अपडेट्स, एनालिटिकल कंटेंट, स्पेशल स्टोरीज और न्यूज एक्सप्लेनर्स शामिल हैं।

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