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NASA का सबसे महंगा मिशन फेल! स्विफ्ट टेलीस्कोप को अब राख होने से कोई नहीं बचा सकता, Hubble का भविष्य भी अंधकारमय

NASA का स्विफ्ट स्पेस टेलीस्कोप (Swift Space Telescope) को बचाने का मिशन फेल हो गया है। नासा ने इसके लिए 30 मिलियन डॉलर खर्च किए थे, लेकिन यह मिशन सफल नहीं हो सका।

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नासा का स्विफ्ट टेलीस्कोप को बचाना का मिशन फेल (फोटो-NASA)

नासा (NASA) का सबसे अंतरिक्ष में सबसे बड़ा रेस्क्यू मिशन फेल हो गया है। 30 मिलियन डॉलर (2,86,82,55,000 रुपये) का यह मिशन अब नासा के लिए किसी काम का नहीं रह गया है और स्विफ्ट दूरबीन (Swift Space Telescope) को बचाना असंभव हो गया है। जिसके कारण स्विफ्ट दूरबी आज नहीं तो कल जलकर राख हो जाएगा। इसी साल 3 जुलाई को नासा ने यह रेस्क्यू मिशन लॉन्च किया था, इसके लिए एक निजी कंपनी की मदद ली गई थी।

नासा ने स्विफ्ट को बचाने की कोशिश की बंद

अमेरिकी एजेंसी नासा की अंतरिक्ष में स्थापित स्विफ्ट दूरबीन को उच्च कक्षा में पहुंचाकर बचाने की कोशिशें बुधवार को बंद कर दी गई, जिससे इस साल के आखिर में इस दूरबीन के गिरने और वायुमंडल में घर्षण की वजह से राख होने का खतरा पैदा हो गया है। नासा और कैटलिस्ट स्पेस टेक्नॉलोजिस ने यह खबर स्टार्टअप ’लिंक’ के रॉकेट को दूरबीन को बचाने के लिए प्रक्षेपित किये जाने के करीब एक महीने बाद दी है।

कैसे फेल हो गया नासा का मिशन?

कैटलिस्ट ने कहा कि ’लिंक’ के अंतरिक्ष यान को नियंत्रित करने में आ रही मुश्किलों की वजह से वह ’स्विफ्ट दूरबीन’ को उच्च कक्षा में पहुंचाने की कोशिश नहीं करेगा। नासा ने कहा कि इसका मतलब है कि ब्रह्मांड में गामा-रे बर्स्ट और तारों के विस्फोट जैसे कुछ सबसे बड़ी खगोलीय घटनाओं पर 20 साल से अधिक समय तक नजर रखने के बाद यह दूरबीन वापस पृथ्वी की ओर गिरेगी और वायुमंडल में घर्षण की वजह से जलकर खाक हो जाएगी।

2004 में अंतरिक्ष में गया था स्विफ्ट टेलीस्कोप

स्विफ्ट दूरबीन को 2004 में कक्षा में भेजा गया था और इसके वैज्ञानिक उपकरणों को इस साल की शुरुआत में बंद कर दिया गया था ताकि इसके नीचे आने की रफ्तार को धीमा किया जा सके। पिछले हफ्ते तक यह पृथ्वी से 347 किलोमीटर की ऊंचाई पर चक्कर लगा रही थी।

हबल स्पेस टेलीस्कोप पर भी खतरा

कुछ सालों में NASA का हबल स्पेस टेलीस्कोप भी इसी तरह से राख हो सकता है। पहले नासा की तैयारी थी कि इस बचाव अभियान के सफल होने के बाद हबल के लिए भी ऐसा ही मिशन लॉन्त किया जाएगा, लेकिन अब हबल का भविष्य भी अंधकारमय दिख रहा है। सूरज की गतिविधियों की वजह से वायुमंडल का खिंचाव बढ़ गया है, जिससे टेलीस्कोप की ऊंचाई भी कम हो रही है

Shishupal Kumar
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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