Breath Analyser: आप लोगों ने कई बार ऐसे सीन जरूर देखे होंगे जब पुलिसकर्मी या अन्य अधिकारी एक डिवाइस की मदद से वाहन चालक या अन्य किसी व्यक्ति के नशे में होने की जांच करता है। जिस डिवाइस की मदद से अल्कोहल टेस्टिंग की जाती है उसे ब्रेथ एनालाइजर (Breath Analyser) कहा जाता है।
ब्रेथ एनालाइजर कैसे काम करता है? इसकी कीमत क्या है? अल्कोहल की मात्रा की जानकारी कैसे मिलती है? इस तरह के सवाल अक्सर सभी को परेशान करते हैं। ऐसे में आज हम इन तमाम सवालों पर विस्तार से इस ऑर्टिकल में बात करेंगे।
ब्रेथ एनालाइजर क्या है ?
ब्रेथ एनालाइजर एक प्रकार का डिवाइस है, जो शरीर के भीतर मौजूद अल्कोहल का पता लगाता है। यह डिवाइस मुंह से निकलने वाली हवा के जरिए ब्लड में मौजूद अल्कोहल की जांच करता है। इस मशीन में महज फूंक मारकर शराब की औसत का पता लगाया जा सकता है। इस डिवाइस में एक डिस्प्ले भी लगा होता है।

ब्रेथ एनालाइजर क्या है
कैसे काम करता है ब्रेथ एनालाइजर?
ब्रेथ एनालाइजर में ब्लो करके अल्कोहल का पता लगाया जाता है। दरअसल, अल्कोहल रक्त वहिकाओं के जरिए हमारे खून में मिल जाती है और जब हम सांस छोड़ते हैं तो हमारे मुंह और नाक से बदबू आती है। ऐसे में ब्रेथ एनालाइजर मुंह से निकलने वाली हवा से ब्लड में मौजूद शराब का पता लगाता है।
कैसे पकड़े जाते हैं शराब पीकर वाहन चलाने वाले?
अगर किसी व्यक्ति या ड्राइवर ने शराब पी रखी है और वह वाहन चला रहा है तो ब्रेथ एनालाइजर के जरिए उसका पता चल सकता है। अल्कोहल टेस्टिंग मशीन में तीन अलग-अलग तरह की लाइट्स होती हैं- ग्रीन, येलो और रेड। ग्रीन लाइट का मतलब है कि आप वाहन चला सकते हैं, जबकि येलो और रेड का मतलब होता है कि आप नशे में हैं। हालांकि, जरूरी नहीं है कि ब्रेथ एनालाइजर में लाइट्स हो हीं।

ब्रेथ एनालाइजर
कब हुआ था पहली बार इस्तेमाल?
ब्रेथ एनालाइजर को 1967 में पहली बार इस्तेमाल किया गया था। ब्रिटेन के श्रॉपशायर में इसका उपयोग देखने को मिला था। अगर ब्रेथ एनालाइजर की कीमत की बात करें तो यह बाजार में हजार रुपये की शुरुआती कीमत से उपलब्ध हैं और यह कई प्रकार के आते हैं।
