High Security Registration Plate: हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट (HSRP) यह हर किसी के वाहनों का हर अंग बन चुका है, क्योंकि यह वो प्लेट है जिसमें आपके वाहन की पूरी जानकारी उपलब्ध रहती है। इस नंबर प्लेट को वाहन चोरी, जालसाजी और अवैध गतिविधियों पर लगाम लगाने के इरादे से डिजाइन किया गया है। यह पारंपरिक नंबर प्लेटों की तुलना में अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त होती है। जिसके जरिये वाहन के बारे में पता लगाया जा सकता है।
होलोग्राम में होता है पूरा ब्यौरा
हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट में एक होलोग्राम होता है। अगर नंबर प्लेट को आप ध्यान से देखेंगे तो उसमें होलोग्राम आपको दिखाई देगा। जिसके भीतर वाहन का पूरा ब्यौरा मौजूद होता है। हर वाहन के लिए एक स्पेशल कोड होता है, जिसे आसानी से हटाया या बदला नहीं जा सकता है। ऐसा नहीं है कि सिर्फ नए वाहनों में ही हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट (High Security Number Plate) का इस्तेमाल किया जाता है, बल्कि इसे पुराने वाहनों में भी लगाना अनिवार्य है।
हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट
क्यों जरूरी है HSRP?
हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट जरूरी क्यों है? यह सवाल अक्सर लोगों के जहन में आते हैं तो इसे आप कुछ इस तरह से समझ सकते हैं कि यदि कोई वाहन हादसे का शिकार हो गया तो उस वाहन की हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट की मदद से वाहन मालिक के बारे में पूरा ब्यौरा आसानी से मिल सकता है। ऐसे में वाहन मालिक के परिजनों को हादसे की जानकारी दी जा सकती है।
कई बार हादसे के दौरान हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट टूट जाती है। ऐसी स्थिति में नंबर प्लेट को जोड़ा नहीं जा सकता है और ही बाजार से उसकी डुप्लीकेट नंबर बनवानी चाहिए। यूं तो कोई भी हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट की डुप्लीकेट नहीं बना सकता है। जिसकी वजह से आपका वाहन सुरक्षित रहता है।
क्या कहते हैं नियम?
सेंट्रल मोटर व्हीकल एक्ट 1989 के नियम 50 के मुताबिक, वाहन में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट बेहद जरूरी है। अगर कोई भी वाहन चेकिंग के दौरान हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट के बगैर पकड़ा गया तो उस पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा। जुर्माने की राशि 5,000 रुपये से लेकर 10,000 रुपये तक होगी, लेकिन यह जुर्माना अलग-अलग स्थितियों पर अलग होगा। जैसे पहली बार हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट के बगौर पकड़े जाने पर 5,000 रुपये का चालान कटेगा, जबकि दूसरी बार में 10,000 रुपये का और अगर तीसरी बार ऐसा हुआ तो वाहन जब्त भी हो सकता है।
HS_Number_Plate.
क्या हैं फायदे?
- HSRP सड़कों पर सुरक्षा और कानून व्यवस्था को बेहतर बनाने में मददगार साबित हुआ है।
- ट्रैफिक पुलिस HSRP की बदौलत नियमों का उल्लंघन करने वालों की आसानी से पहचान कर पाती है।
- HSRP की बदौलत वाहन की विश्वसनीयता बढ़ती है।
कैसे बनवाएं HSRP?
हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट (High Security Registration Plate) बनवाना बेहद आसान है। आप अपने नजदीकी आरटीओ ऑफिस से ऑनलाइन या फिर ऑफलाइन आवेदन कर सकते हैं या फिर आप सरकार द्वारा अधिकृत पोर्टल https://bookmyhsrp.com/पर जाकर अप्लाई कर सकते हैं। कुछ आसान स्टेप्स को फॉलो कर आप वाहन का रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट, ड्राइविंग लाइसेंस जैसे दस्तावेज अपडेट कर अपना नंबर प्लेट हासिल कर सकते हैं।पोर्टल के माध्यम से हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट प्राप्त करने के लिए जैसे ही आप फॉर्म को सबमिट करेंगे। आपके रजिस्टर मोबाइल नंबर पर एक यूजर आईडी और पासवर्ड आएगा। जिसके बाद आप यूजर आईडी और पासवर्ड की बदौलत लॉगिन करें और पेमेंट कर दें। पेमेंट करने के बाद आपको रिसिप्ट मिलेगी। जिसके तीन-चार दिनों बाद आपकी नंबर प्लेट तैयार हो जाएगी और आपके रजिस्टर मोबाइल नंबर पर मैसेज के जरिए जानकारी मिल जाएगी।
