तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय करूर पहुंचकर पिछले साल सितंबर में हुई भगदड़ से पीड़ित 32 परिवारों को शुक्रवार को कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच नियुक्ति पत्र सौंपा। मई में मुख्यमंत्री का पदभार संभालने के बाद विजय का करूर का यह पहला आधिकारिक दौरा था। विजय, 27 सितंबर 2025 को तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) की एक रैली के दौरान हुई भगदड़ में जान गंवाने वाले 41 लोगों के परिजनों से भी मिले और उन्हें सांत्वना दिया। वह भी इस रैली में शामिल थे।
पेरंबालूर पुलिस को लेकर क्या बोले विजय?
वहीं, करूर की इस त्रासदी को दर्दनाक बताते हुए मुख्यमंत्री विजय भावुक हो गए। उन्होंने कहा, "पेरंबालूर पुलिस ने हमें जानकारी दी था कि भीड़ बहुत बढ़ रही है, लेकिन करूर पुलिस ने हमें ऐसी कोई सूचना नहीं दी। वे खुद हमें घटनास्थल पर ले गए और मैंने उनकी बात पर विश्वास किया। करूर में इस दुखद घटना की याद में एक स्मारक बनाया जाएगा ताकि आने वाली पीढ़ियां इसे कभी न भूलें।"
41 निर्दोष लोगों के सम्मान में भव्य स्मारक का निर्माण होगा
उन्होंने करूर की जनता से एक बड़ा वादा करते हुए ऐलान करते हुए कहा, 'करूर की यह घटना एक ऐसा जख्म है जो मेरे दिल और यादों में हमेशा रहेगा। करूर मेरे दिल से कभी नहीं निकल सकता। इस हादसे में जान गंवाने वाले 41 निर्दोष लोगों के सम्मान में TVK करूर जिले में एक भव्य और स्थायी स्मारक (Memorial) का निर्माण करेगी। यह स्मारक उन पीड़ितों को हमारी तरफ से एक सच्ची और स्थायी श्रद्धांजलि होगा।'
काले कपड़े पहनकर पहुंचे विजय ने इसे 41 मृतकों के प्रति श्रद्धांजलि और उनके परिवारों के प्रति एकजुटता का प्रतीक बताया। पीड़ित परिवारों से मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री विजय ने करूर भगदड़ को "ऐसी घटना जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता" बताते हुए पुलिस और विपक्षी डीएमके पर तीखा हमला बोला।
