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'आफ्टरशॉक' से कांप रहा वानुअतु, अभी और झटकों के लिए रहें तैयार; जानिए इसके पीछे का पूरा विज्ञान

Vanuatu Earthquake: वानुअतु में भूकंप आने के बाद से मृतकों की संख्या लगातार बढ़ रही है। भूकंप और उसके बाद आए झटकों से प्रभावित लोगों की मदद के लिए अंतरराष्ट्रीय खोज और बचाव अभियान जारी हैं। बीते दिनों आए भूकंप की तीव्रता 7.2 थी, जिसे बड़ा भूकंप माना जा रहा है। एक ही क्षेत्र में 5 तीव्रता के कई झटके आफ्टरशॉक के लक्षण होते हैं।

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वानुअतु भूकंप

Photo : AP

Vanuatu Earthquake: वानुअतु में भूकंप आने के बाद से मृतकों की संख्या लगातार बढ़ रही है। भूकंप और उसके बाद आए झटकों से प्रभावित लोगों की मदद के लिए अंतरराष्ट्रीय खोज और बचाव अभियान जारी हैं। मंगलवार दोपहर को प्रशांत महासागर में स्थित वानुअतु में आए 7.2 तीव्रता के भूकंप के कारण पोर्ट विला में कई इमारतें क्षतिग्रस्त हो गईं और दर्जनों लोग घायल हो गए। भूकंप का केंद्र भूमि से मात्र 50 किलोमीटर की गहराई में था।

फिर लगे भूकंप के झटके

तब से लगभग उसी स्थान पर अनेक झटके आ चुके हैं, जिसमें बुधवार सुबह आया 5.5 तीव्रता का झटका भी शामिल है, जिससे तबाही और क्षति में इजाफा हुआ है। तो चलिए ऐसे में पिछले अनुभव के आधार पर यह समझते हैं कि वानुअतु में आगे क्या हो सकता है।

कब तक जारी रहेंगे ये झटके?

बीते दिनों आए भूकंप की तीव्रता 7.2 थी, जिसे बड़ा भूकंप माना जा रहा है। एक ही क्षेत्र में 5 तीव्रता के कई झटके आफ्टरशॉक के लक्षण होते हैं। 'आफ्टरशॉक' एक के बाद एक आने वाले छोटे भूकंपों को कहा जाता है, जो बड़े भूकंप के बाद आते हैं।

वास्तव में, 7 से अधिक तीव्रता वाले इस भूकंप के बाद हो सकता है कि 6 तीव्रता के भूकंप के झटके भी आएं। बड़े भूकंप के बाद 10 बार 5 तीव्रता के, जबकि 10 बार 4 तीव्रता के भूकंप 'आफ्टरशॉक' आ सकते हैं। ऐसा कई सप्ताहों से लेकर कई महीनों तक या इससे भी अधिक समय तक जारी रह सकता है, तथा भूकंप की तीव्रता और आवृत्ति आमतौर पर समय के साथ कम होती जाती है।

क्या इससे भी बड़ा भूकंप आ सकता है?

इस बात की बहुत कम आशंका है कि कल आए 7.2 से भी बड़ा भूकंप आ सकता है। इस मामले में कल का भूकंप 'फोरशॉक' रहा होगा यानी बड़े भूकंप से पहले आया छोटा भूकंप। हालांकि, यह बहुत आम नहीं है। केवल 5 प्रतिशत मामलों में ही ऐसा होता है।

क्या 'रिंग ऑफ फायर' यानी भूकंप की सबसे अधिक आशंका वाले क्षेत्रों का इससे कोई लेना-देना है?

वानुअतु 'रिंग ऑफ फायर' में स्थित है। इसका नाम ज्वालामुखी के किनारों पर होने वाली क्रिया 'सबडक्शन' से जुड़ा हुआ है। सबडक्शन तब होता है जब एक 'टेक्टोनिक प्लेट' दूसरी के नीचे चली जाती है। 'सबडक्शन' के कारण भूकंप की आशंका वाले क्षेत्रों में 8 से अधिक तीव्रता वाले भूकंप आना संभव है। हालांकि, वानुअतु क्षेत्र के ऐतिहासिक अभिलेखों के अनुसार इस तीव्रता से अधिक कोई भूकंप नहीं आया है।

यद्यपि कल के भूकंप के बाद भी झटके आते रहेंगे, लेकिन ये झटके मुख्य भूकंप केंद्र के आसपास ही आएंगे। बिल्कुल, भूकंप प्रभावित क्षेत्र में झटके आना हमेशा संभव है, लेकिन ये दूरवर्ती घटनाएं कल के भूकंप के परिणामस्वरूप नहीं होंगी।

वानुअतु में भूकंप कितनी बार आते हैं?

'रिंग ऑफ फायर' के कारण वानुअतु में भूकंप आना आम बात है। 1990 से लेकर अब तक कल के भूकंप स्थल के 200 किलोमीटर दायरे में 7 से ज़्यादा तीव्रता वाले 11 भूकंप आ चुके हैं।

(इनपुट: भाषा)

Anurag Gupta
अनुराग गुप्ताauthor

अनुराग गुप्ता टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और मीडिया में 9 वर्षों का अनुभव रखते हैं। जर्नलिज़्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से ही वे न्यूजरूम के विभिन्न आयामों—कॉपी एडिटिंग, कंटेंट क्यूरेशन और रियल-टाइम न्यूज मॉनिटरिंग में दक्षता के साथ काम कर रहे हैं। राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और ब्रेकिंग न्यूज पर उनकी मजबूत पकड़ है। अनुराग खबरों की बारीकियों को समझने, फैक्ट चेकिंग और स्टोरी के अहम पहलुओं को पाठकों तक सरल भाषा में पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने अब तक 10 हजार से अधिक खबरें प्रकाशित की हैं, जिनमें ब्रेकिंग अपडेट्स, एनालिटिकल कंटेंट, स्पेशल स्टोरीज और न्यूज एक्सप्लेनर्स शामिल हैं।

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