अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अंतरिक्ष के क्षेत्र में अमेरिका के बढ़ते कदमों को और मजबूती देते हुए एक नई 'सैन्य अंतरिक्ष एकेडमी' (Military Space Academy) बनाने की घोषणा की है। उन्होंने यह ऐतिहासिक घोषणा ह्यूस्टन स्थित नासा (NASA) के प्रसिद्ध 'जॉनसन स्पेस सेंटर' (Johnson Space Center) के मिशन नियंत्रण केंद्र के अपने दौरे के दौरान की।
इस दौरे के समय राष्ट्रपति ट्रंप ने अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पर मौजूद 'एक्सपिडिशन 75' (Expedition 75) के अंतरिक्ष यात्रियों से फोन पर सीधी बातचीत भी की।
महान अमेरिकी और बहादुर देशभक्त: डोनाल्ड ट्रंप
ओवल ऑफिस और नासा के बीच हुए इस विशेष संवाद में राष्ट्रपति ट्रंप ने आईएसएस पर मौजूद अंतरिक्ष यात्रियों के साहस और योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा: "यह बहुत बड़े सम्मान की बात है, आपके साथ होना बहुत बड़ा सम्मान है और मैं बस जेसिका, अनिल तथा जैक का धन्यवाद व्यक्त करना चाहता हूं- ये महान अमेरिकी, महान देशभक्त और बेहद बहादुर लोग हैं।"
राष्ट्रपति ट्रंप ने अंतरिक्ष खोज और अनुसंधानों के लिए इन अंतरिक्ष यात्रियों को "अग्रदूतों का समूह" करार दिया।
एक्सपिडिशन 75 और अनिल मेनन
अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर मौजूद इस विशेष दल में भारतीय मूल के नासा अंतरिक्ष यात्री अनिल मेनन के साथ-साथ जैक हैथवे और जेसिका मीर शामिल हैं। यह सभी अंतरिक्ष यात्री नासा के 'एक्सपिडिशन 75' मिशन के तहत अंतरिक्ष में महत्वपूर्ण वैज्ञानिक अनुसंधान और प्रयोगों में जुटे हुए हैं। अनिल मेनन की इस उपलब्धि पर भारत और अमेरिकी-भारतीय समुदाय में भी काफी गर्व महसूस किया जा रहा है।
सैन्य अंतरिक्ष एकेडमी का निर्माण
राष्ट्रपति ट्रंप ने अंतरिक्ष सुरक्षा और रक्षा क्षेत्र में अमेरिका की बढ़त को बनाए रखने के लिए नई सैन्य अंतरिक्ष एकेडमी की स्थापना का निर्णय लिया है। इस कदम को अमेरिकी स्पेस फोर्स को और अधिक मजबूत करने तथा अंतरिक्ष अभियानों में सैन्य रणनीति एवं प्रशिक्षण को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
