Tsunami: दक्षिण प्रशांत द्वीप देश वानुआतू और टोंगा में भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए हैं, लेकिन इससे सुनामी आने का अभी कोई खतरा नहीं हैं। इस सुनामी शब्द को सुनते ही लोगों की जान हलक में आ जाती है, क्योंकि सुनामी का अर्थ भीषण तबाही है।
तटील इलाकों में अक्सर भूकंप के बाद सुनामी का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में हम आपको आज विस्तार से बताएंगे कि सुनामी का अलर्ट कैसे जारी होता है? और भूकंप के बाद सुनामी आएगी या फिर नहीं?
सुनामी क्या है? (What is Tsunami)
समुद्र में अचानक आने वाली ऊंची और विनाशकारी लहरों को सुनामी कहा जाता है। इस शब्द की उत्पत्ति जापान के मछुआरों ने की थी, क्योंकि कई बार समुद्र में ज्यादा हलचल न होने के बावजूद बंदरगाह तबाह हो जाते थे। ऐसे में मछुआरों ने इन घटनाओं को 'सुनामी' नाम दिया।
सुनामी जापानी भाषा का शब्द है। यह 'सु' और 'नामी' से मिलकर बना है। सु का अर्थ- बंदरगाह और नामी का अर्थ- तरंग है। ऐसे में बंदरगाह की तरंगों को सुनामी कहा जाता है।

सुनामी कैसे आती है?
आमतौर पर देखा गया है कि भूकंप की वजह से सुनामी का अलर्ट जारी होता है, लेकिन सिर्फ भूकंप की वजह से ही सुनामी आती है, यह कहना सही नहीं होगा। ज्वालामुखी विस्फोट या कोई अन्य किसी बड़े विस्फोट की वजह से भी सुनामी की स्थिति पैदा हो सकती है।
सुनामी का अलर्ट कैसे होता है जारी?
महासागरों में ज्यादा तीव्रता वाले भूकंप आने के बाद सुनामी वार्निंग सिस्टम (Tsunami Warning System) एक्टिवेट हो जाता है। इसके बाद इस बात का मूल्यांकन किया जाता है कि सुनामी आएगी या नहीं? दुनियाभर में सुनामी के अलर्ट को लेकर अलग-अलग तरह की व्यवस्थाएं हैं।
- प्रशांत महासागर- प्रशांत महासागर में सुनामी का अलर्ट अमेरिका जारी करता है।
- हिंद महासागर- हिंद महासागर में भारत, जापान और इंडोनेशिया जैसे देशों की सुनामी जैसी गतिविधियों पर नजर रखने की जिम्मेदारी है।

सुनामी अलर्ट सिस्टम
अंतरराष्ट्रीय सुनामी चेतावनी प्रणाली
अलास्का में आई सुनामी के बाद अमेरिका के नेशनल ओशनिक एंड एटमोस्फेयरिक एडमिनिस्ट्रेशन (NOAA) द्वारा 1965 में सुनामी चेतावनी प्रणाली (TWS) की स्थापना की गई थी। टीडब्ल्यूएस का सेंटर हवाई द्वीप में है।
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क्या विनाशकारी हो सकती है सुनामी?
जी हां, सुनामी विनाशकारी हो सकती है। विगत अनुभवों के आधार पर सुनामी को विनाशकारी कहना गलत नहीं होगा। इससे जानमाल को भारी नुकसान हो सकता है। सबसे ज्यादा तटीय इलाकों में सुनामी से हाहाकार मचता है। ऐसे में सुनामी की चेतावनी जारी होते ही जरूरी दिशा-निर्देशों का पालन करें।

सुनामी का अलर्ट कैसे होता है जारी?
भारत में कैसे होती है निगरानी?
भारत के पास अत्याधुनिक सुनामी अलर्ट सिस्टम मौजूद है। भारतीय राष्ट्रीय सागरीय सूचना प्रणाली केंद्र (INCOIS) भारतीय सुनामी प्रारंभिक चेतावनी केंद्र (ITEWC) के जरिए सुनामी, समुद्र में उठने वाली लहरों इत्यादि की निगरानी करता है। साल 2004 में आई सुनामी के बाद ITEWC की 2007 में स्थापना की गई।
