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मंगल पर दिखी 'जेलीफिश' जैसी रहस्यमयी आकृति, 13 सेकंड बाद कहा हो गई गायब! क्या NASA ने खोज लिया एलियन?

NASA Mysterious Image: धरती से लगभग 22.5 करोड़ किलोमीटर दूर मंगल पर नासा के क्यूरियोसिटी रोवर ने एक रहस्यमयी तस्वीर कैप्चर की है, जो देखने में एकदम 'जेलीफिश' जैसी प्रतीत हो रही है।

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मंगल पर दिखी 'जेलीफिश' जैसी रहस्यमयी आकृति (फोटो साभार: NASA/JPL-Caltech)
Edited by: Anurag Gupta
Updated Aug 29, 2026, 19:32 IST
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  • NASA Mysterious Image: अनंत ब्रह्मांड की असंख्य आकाशगंगाओं में से एक मिल्की वे में मौजूद मंगल ने खगोलविदों को सबसे ज्यादा प्रभावित किया है। तभी तो धरती से लगभग 22.5 करोड़ किलोमीटर दूर स्थित रेड प्लैनेट को लेकर कई वैज्ञानिक मिशन चल रहे हैं। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (NASA) के रोवर क्यूरियोसिटी और पर्सिवरेंस रोवर ने मंगल ग्रह की सतह पर कुछ विचित्र या कहें रहस्यमयी वस्तुओं की तस्वीरें कैद की हैं, जिसको लेकर चौतरफा चर्चाएं हो रही हैं।
  • विचित्र आकृत्तियां

    मंगल ग्रह की तस्वीरों में अक्सर अजीबोगरीब आकृतियां दिखाई देती रही हैं, जिन्हें देखकर पहली नजर में एलियन या किसी रहस्यमयी जीव की मौजूदगी का सवाल उठने लगता है, लेकिन कई बार सच्चाई इससे उलट होती है। नासा के रोवर ने कई ऐसी संरचनाओं की तस्वीरें कैद की हैं, जो कभी इंसानी सिर, हड्डी, मशरूम, राजमा या पिरामिड जैसी नजर आईं। हालांकि, बाद में जब उन तस्वीरों का विश्लेषण किया गया तो उनमें से ज्यादातर महज वहां मौजूद असामान्य आकार की चट्टानों से ज्यादा कुछ और नहीं थीं।

    हालांकि, क्यूरियोसिटी की साल 2023 की एक तस्वीर ने सभी को चौंका दिया। उस तस्वीर में एक रहस्यमयी धब्बा नजर आया, जो थोड़ा अलग है। यह तस्वीर हाल ही में सोशल मीडिया पर एक बार फिर सामने आई, जो 'जेलीफिश' या किसी तैरते हुए जीव जैसी प्रतीत हो हुई।

    क्या है तस्वीर का सच?

    'जेलीफिश' जैसी दिखने वाली रहस्यमयी तस्वीर 20 अगस्त, 2023 को क्यूरियोसिटी रोवर द्वारा कैप्चर की गई। तस्वीर के सबसे बाएं हिस्से में एक गहरा धब्बा नजर आता है। इसका आकार कुछ ऐसा है कि यह मंगल की सतह के ऊपर मंडराती हुई जेलीफिश जैसी आकृति लगती है, जिसके नीचे टेंटेकल जैसे हिस्से दिखाई दे रहे हैं।

    मंगल पर क्या कोई जीव है?

    इस तस्वीर के सामने आने के बाद एक बार फिर सवाल उठने लगा कि क्या यह वास्तव में मंगल पर कोई जीव है? तो जवाब संभवत: नहीं है।

    क्या है रहस्यमयी जेलीफिश?

    साइंस अलर्ट ने खगोलविदों के हवाले से बताया कि तस्वीर में दिखाई दे रही संरचना मंगल की सतह पर मौजूद कोई वस्तु नहीं, बल्कि कैमरे में आई एक आर्टिफैक्ट या गड़बड़ी हो सकती है। इसकी एक संभावित वजह कॉस्मिक रे यानी अंतरिक्ष से आने वाला बेहद ऊर्जावान आवेशित कण है। ऐसा कण क्यूरियोसिटी के कैमरे के सेंसर से टकराता है तो तस्वीर में एक असामान्य चमकीला या गहरा निशान बन सकता है। पहले भी क्यूरियोसिटी मिशन में ऐसे कॉस्मिक-रे आर्टिफैक्ट देखे जा चुके हैं।

    पहले की तस्वीरों में क्यों नहीं दिखी 'जेलीफिश'

    रोवर जब किसी इलाके का आंकलन करता है तो वह कुछ ही सेकंड के अंतराल में एक से ज्यादा तस्वीरें कैप्चर करता है। जिस तस्वीर में 'जेलीफिश' जैसी आकृति दिखाई दे रही है, वह 20 अगस्त 2023 को 22:27:46 UTC पर ली गई थी, जबकि रोवर ने 13 सेकंड और 25 सेकंड पहले भी तस्वीर कैप्चर की थी। सबसे दिलचस्प बात तो यह है कि उन दोनों तस्वीरों में यह रहस्यमयी आकृति दिखाई नहीं देती।

    Mars mysterious jellyfish

    Mars mysterious jellyfish

    यही वजह है कि वैज्ञानिकों को लगता है कि यह आकृति मंगल की सतह पर मौजूद कोई स्थायी वस्तु नहीं, बल्कि तस्वीर लेते समय कैमरे के सेंसर में पैदा हुआ क्षणिक प्रभाव हो सकती है।

    मंगल पर कॉस्मिक रे का असर ज्यादा क्यों?

    पृथ्वी का वातावरण और चुबंकीय क्षेत्र अंतरिक्ष से आने वाले कई ऊर्जावान कणों से हमारी रक्षा करते हैं, लेकिन मंगल की स्थिति हमने से थोड़ी अलग है। रेड प्लैनेट के पास पृथ्वी जैसा चुंबकीय क्षेत्र नहीं है और वातावरण भी पृथ्वी की तुलना में बेहद पतला है। तभी तो मंगल की सतह पर मौजूद रोवर के कैमरे के सेंसर से जब कण टकराते हैं तो तस्वीर में अलग-अलग तरह के निशान बनने की संभावना होती है।

    क्यूरियोसिटी की हजारों तस्वीरों में कॉस्मिक रे के कारण बने आर्टिफैक्ट पहले भी देखे जा चुके हैं। नासा के इमेजिंग वैज्ञानिक और सिस्टम इंजीनियर जस्टिन माकी ने 2014 में बताया था कि क्यूरियोसिटी से मिलने वाली तस्वीरों में लगभग हर सप्ताह चमकीले धब्बों वाली तस्वीरें दिखाई देती हैं। मौजूदा आकलन के आधार पर यह कहा जा सकता है कि मंगल की सतह पर तैरती हुई 'जेलीफिश' मिलने के कोई पुख्ता साक्ष्य नहीं है, बल्कि यह कैमरा की गड़बड़ी हो सकती है।

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