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SIR पर बंगाल में बढ़ा विरोध, कोलकाता में EC दफ्तर के बाहर जुटे प्रदर्शनकारी, तनाव बढ़ता देख पुलिस ने सुरक्षा बढ़ाई

बंगाल में चल रही SIR प्रक्रिया के खिलाफ अपना विरोध जताने के लिए प्रदर्शनकारी सोमवार-मंलगवार की दरम्यानी रात कोलकाता में चुनाव आयोग के कार्यालय के बाहर जमा हुए। इससे आयोग के कार्यालय के बाहर तनाव बढ़ गया। हालात को देखते और प्रदर्शनकारियों को दूर रखने के लिए पुलिस ने कार्यालय से बाहर बैरिकेडिंग की।

Bengal SIR

बंगाल में चल रही है SIR की प्रक्रिया। तस्वीर-ANI

SIRKolkata Protest: मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर पश्चिम बंगाल में विरोध बढ़ता जा रहा है। इसी क्रम में बंगाल में चल रही SIR प्रक्रिया के खिलाफ अपना विरोध जताने के लिए प्रदर्शनकारी सोमवार-मंलगवार की दरम्यानी रात कोलकाता में चुनाव आयोग के कार्यालय के बाहर जमा हुए। इससे आयोग के कार्यालय के बाहर तनाव बढ़ गया। हालात को देखते और प्रदर्शनकारियों को दूर रखने के लिए पुलिस ने कार्यालय से बाहर बैरिकेडिंग की। प्रदर्शनकारियों ने कार्यालय को चारों तरफ से घेर लिया और एसआईआर पर स्पष्टीकरण देने की की मांग की। शिक्षक सहित कई प्रदर्शनकारियों ने तेजी से एसआईआर कराने पर चिंता जाहिर की।

'हम चुनाव आयोग से SIR पर स्पष्टीकरण चाहते हैं'

समाचार एजेंसी एएनआई के साथ बातचीत में एक प्रदर्शनकारी ने कहा, 'मैं एक शिक्षक हूं और मैं मुर्शिदाबाद से हू। एसआईआर की प्रक्रिया जिसे कराने में पश्चिम बंगाल में सामान्य रूप दो साल का वक्त लगता है, उसे दो महीने में कराया जा रहा है। बिहार में करोड़ों मतदाताओं को वोटर लिस्ट से हटा दिया गया। यही साजिश बंगाल में भी की जा रही है। यहां हजारों की संख्या में बीएलओ आए हैं। हम कल फिर आएंगे। जब तक हमें जवाब नहीं मिलता तब तक हम यहां से जाएंगे नहीं।'

प्रदर्शनकारियों में शामिल हैं टीएमसी के गुंडे-भाजपा

एक अन्य प्रदर्शनकारी ने कहा, 'मैं एक शिक्षक हूं लेकिन बीएलओ नहीं हूं। हम यहां बीएलओ के समर्थन मनें आए हैं। हम चुनाव आयोग के अधिकारियों से मिलना चाहते हैं। हमारे प्रतिनिधि कार्यालय के अंदर हैं। जब तक अधिकारी हमसे मिलते नहीं तब तक यहां हमारा प्रदर्शन चलता रहेगा।' वहीं, उत्तर कोलकाता जिला के भारतीय जनता पार्टी अध्यक्ष तमोघना घोष ने आरोप लगाते हुए कहा कि टीएमसी के कुछ 'गुंडे' कार्यालय में दाखिल होना चाहते हैं। इनका इरादा यहां हंगामा खड़ा करना है।

दरअसल, बिहार के बाद बंगाल सहित 11 राज्यों में इस समय एसआईआर की प्रक्रिया चल रही है। बंगाल में मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन सात फरवरी, 2026 को होगा।

'प्रणालीगत खामियों' का दावा करते हुए मार्च निकाल रहे BLO

बीएलओ कथित रूप से काम के अत्यधिक दबाव और प्रक्रिया में 'प्रणालीगत खामियों' का दावा करते हुए मार्च निकाल रहे हैं। बीएलओ अधिकार रक्षा समिति के सदस्यों ने बताया कि वे निर्वाचन आयोग को अपनी शिकायत सौंपेंगे। समिति ने आरोप लगाया कि एसआईआर की शुरुआत के बाद से पूरे राज्य में बूथ स्तरीय अधिकारी "अभूतपूर्व और अमानवीय दबाव" में काम कर रहे हैं। समिति ने कहा कि वह उत्तर कोलकाता के कॉलेज चौक से शहर के मध्य भाग में स्थित मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) के कार्यालय तक मार्च निकालेगी और निर्वाचन आयोग से तत्काल हस्तक्षेप और सुधारात्मक कदम उठाने की मांग करेगी। समिति ने यह भी कहा कि पैरा-टीचर्स, कॉलेज प्रोफेसर और विभिन्न संगठनों के शिक्षक इस प्रदर्शन में समर्थन के लिए शामिल होंगे।

...तो विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा

एसआईआर के तहत घर-घर गिनती चार नवंबर से शुरू होकर चार दिसंबर तक चलेगी और मसौदा सूची नौ दिसंबर को प्रकाशित होगी। समिति के एक अन्य सदस्य ने चेतावनी दी कि यदि निर्वाचन आयोग समय-सीमा नहीं बढ़ाता है या बीएलओ द्वारा उठाई गई चिंताओं का समाधान नहीं करता है, तो विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। एक अन्य संगठन, बीएलओ ओइक्या मंच ने भी गणना प्रपत्रों के डिजिटलीकरण से संबंधित मुद्दों को उठाया है तथा अतिरिक्त सहायता स्टाफ की मांग की है।

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आलोक कुमार राव
आलोक कुमार राव Author

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारो... और देखें

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