देश

28 भारतीय जहाजों की सुरक्षा पर भारत सक्रिय, जयशंकर ने ईरानी समकक्ष से की बात

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने गुरुवार रात फोन पर ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची से बातचीत की। पश्चिम एशिया में संकट शुरू होने के बाद दोनों नेताओं के बीच यह चौथी बातचीत है। चर्चा ऐसे समय में हुई जब भारत होर्मुज जलडमरूमध्य के दोनों ओर खड़े भारतीय ध्वज वाले 28 व्यापारिक जहाजों के लिए सुरक्षित मार्ग सुनिश्चित करने के प्रयास तेज कर रहा है।

Image

विदेश मंत्री एस जयशंकर (फाइल फोटो- PTI)

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने गुरुवार रात टेलीफोन पर अपने ईरानी समकक्ष सैयद अब्बास अराघची से बात की। पश्चिम एशिया संकट शुरू होने के बाद से दोनों नेताओं के बीच यह चौथी बातचीत है, जो ऐसे समय हुई है जब भारत होर्मुज जलडमरूमध्य के दोनों ओर खड़े 28 व्यापारिक जहाजों के लिए सुरक्षित मार्ग सुनिश्चित करने के प्रयासों को तेज कर रहा है। अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान पर हमला किए जाने के तुरंत बाद जयशंकर और अराघची ने 28 फरवरी को बातचीत की थी। इसके बाद उन्होंने 5 मार्च और 10 मार्च को भी बात की थी।

किन मुद्दों पर हुई बात?

बीती रात फोन पर बातचीत ऐसे समय में हुई जब भारत ने होर्मुज जलडमरूमध्य के रणनीतिक जहाजरानी मार्ग से भारतीय ध्वज वाले व्यापारिक जहाजों के लिए सुरक्षित मार्ग सुनिश्चित करने के प्रयासों को तेज कर दिया है। इस समुद्री मार्ग को अमेरिका-इजराइल के साथ संघर्ष बढ़ने के बाद ईरान ने आंशिक रूप से अवरुद्ध कर दिया है। जयशंकर ने सोशल मीडिया पर कहा, ’’बीती रात ईरानी विदेश मंत्री अराघची से एक और बातचीत हुई। द्विपक्षीय मामलों के साथ-साथ ब्रिक्स से संबंधित मुद्दों पर भी चर्चा हुई।’’

ईरान ने क्या कहा?

ईरान की ओर से जारी एक बयान में कहा गया कि अराघची ने अपने भारतीय समकक्ष को अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान के खिलाफ किए गए ’’हमलों और अपराधों’’ के परिणामस्वरूप उत्पन्न हुई नवीनतम स्थिति और क्षेत्र तथा विश्व की स्थिरता एवं सुरक्षा पर इसके परिणामों के बारे में जानकारी दी। इसमें कहा गया कि ईरानी विदेश मंत्री ने जयशंकर के साथ बातचीत के दौरान आत्मरक्षा के वैध अधिकार का प्रयोग करने के लिए तेहरान की दृढ़ इच्छाशक्ति पर जोर दिया। बयान में कहा गया, ’’अराघची ने ईरान के खिलाफ सैन्य आक्रामकता की निंदा करने के लिए अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय मंचों तथा संगठनों की आवश्यकता पर जोर दिया।’’

ब्रिक्स की भूमिका और स्थिति के महत्व पर बात

इसमें कहा गया, ’’बहुपक्षीय सहयोग विकसित करने के मंच के रूप में ब्रिक्स की भूमिका और स्थिति के महत्व का उल्लेख करते हुए, उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में इस संस्था के लिए क्षेत्र और विश्व में स्थिरता एवं सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए रचनात्मक भूमिका निभाना आवश्यक है।’’

बयान में कहा गया कि अराघची ने क्षेत्र में स्थिरता और सतत सुरक्षा स्थिति को मजबूत करने का तरीका खोजने के महत्व पर जोर दिया और इसे ’’सामूहिक आवश्यकता’’ बताया।

इनपुट- भाषा

Shishupal Kumar
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

और पढ़ें
End of Article