Weather Update: सुबह-सुबह दिल्ली-एनसीआर में मौसम का मिजाज बदल गया है। यूं कहिए कई दिनों की उमस भरी गर्मी से राहत मिली है। नोएडा, गाजियाबाद और दिल्ली के कुछ इलाकों में बारिश हो रही है। भारतीय मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक यहां आसमान में बादल छाए रहने की भविष्यवाणी की है। आईएमडी ने शहर के कुछ हिस्सों में शनिवार को हल्की बारिश होने की संभावना जतायी है और अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस के आस-पास रहने की उम्मीद है। दिल्ली के कुछ हिस्सों में शुक्रवार को भी हल्की से मध्यम वर्षा हुई। आईएमडी के मुताबिक राजधानी में शुक्रवार को न्यूनतम तापमान 26.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है जबकि अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम विभाग ने 6 अगस्त तक दिल्ली में हल्की बारिश की भविष्यवाणी की है। उसके बाद कुछ दिनों तक बादल छाए रहेंगे। उमस बढ़ सकता है। 10 अगस्त से फिर बारिश हो सकती है। उधर देश भर के कई राज्यों में भी बारिश का अनुमान है। आईएमडी ने मध्य प्रदेश के आठ जिलों में अत्यधिक बारिश के लिए रेड अलर्ट और आठ जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। उधर हिमाचल में बारिश से भारी नुकसान हुआ है। आईएमडी ने शनिवार तक कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश की भविष्यवाणी की है। 2-5 अगस्त तक पूर्वी उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार के कुछ हिस्सों में, 2-3 अगस्त को ओडिशा में, 2 अगस्त को पश्चिम बंगाल और झारखंड में, और 2-4 अगस्त से उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भारी से बहुत भारी वर्षा की भविष्यवाणी की गई है।
दिल्ली-एनसीआर के इन इलाकों में बारिश
भारत मौसम विज्ञान विभाग या आईएमडी ने शनिवार को शहर के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश की भविष्यवाणी की है और अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस तक रहने की संभावना है। मौसम कार्यालय ने करावल नगर, सिविल लाइंस, दिलशाद गार्डन, सीमापुरी, सीलमपुर, शहादरा, विवेक विहार, लाल किला, प्रीत विहार, राजीव चौक सहित दिल्ली के कुछ स्थानों और आसपास के इलाकों में हल्की से मध्यम तीव्रता की बारिश के साथ तूफान की भविष्यवाणी की है। शनिवार को आईटीओ, इंडिया गेट, अक्षरधाम, लोदी रोड, नेहरू स्टेडियम, डिफेंस कॉलोनी, लाजपत नगर, मालवीय नगर, कालकाजी और तुगलकाबाद। लोनी देहात, हिंडन एयरफोर्स स्टेशन, गाजियाबाद, इंदिरापुरम, छपरौला, नोएडा, दादरी, ग्रेटर नोएडा, पानीपत, गोहाना, गन्नौर, सोनीपत, भिवानी, शामली, कांधला, बड़ौत, बागपत, खेकड़ा, मोदीनगर, पिलखुआ में भी बारिश का अनुमान है। शनिवार को लक्ष्मणगढ़, महवा, महंदीपुर बालाजी, बयाना।
मध्य प्रदेश में बारिश का रेड अलर्ट
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने मध्य प्रदेश के आठ जिलों में अत्यधिक बारिश के लिए ‘रेड’ अलर्ट और आठ जिलों में ‘ऑरेंज’ अलर्ट जारी किया है। वहीं, मध्य प्रदेश के अधिकांश हिस्सों खासकर पूर्वी हिस्से में भारी बारिश हुई, जिसके कारण राज्य के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का दमोह जिले का शुक्रवार का दौरा रद्द हो गया। अधिकारियों को भारी बारिश के चलते लबालब भरे बांधों से पानी निकालने के लिए बरगी सहित कुछ बांधों के गेट भी खोलने पड़े। आईएमडी ने मध्य प्रदेश के आठ जिलों पन्ना, दमोह, निवाड़ी, दतिया, भिंड, मुरैना, विदिशा और रायसेन में अगले 24 घंटों में (शुक्रवार सुबह साढ़े आठ बजे से शनिवार सुबह साढ़े आठ बजे तक) कहीं-कहीं पर अतिभारी बारिश (115.6 मिलीमीटर से 204.4 मिलीमीटर तक) के लिए ‘रेड’ अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा, आईएमडी ने इस दौरान राज्य के आठ जिलों सीहोर, नर्मदापुरम, अशोक नगर, शिवपुरी, नरसिंहपुर, सागर, छतरपुर और टीकमगढ़ में कहीं-कहीं पर अतिभारी वर्षा (64.5 मिलीमीटर से 150 मिलीमीटर तक) के लिए ‘ऑरेंज’ अलर्ट भी जारी किया है। इसके अतिरिक्त आईएमडी ने इस दौरान राज्य के भोपाल एवं इंदौर जिलों सहित 22 जिलों में कहीं-कहीं पर मध्यम से भारी वर्षा (50 मिलीमीटर से 90 मिलीमीटर तक) के लिए ‘यलो’ अलर्ट भी जारी किया है। मौसम विभाग के मुताबिक, पिछले 24 घंटे में (गुरुवार सुबह साढ़े8 बजे से शुक्रवार सुबह साढ़े 8 बजे तक) मध्य प्रदेश के जबेरा में 28 सेंटीमीटर वर्षा दर्ज की गई, जबकि अजयगढ़ एवं भांडेर में 22-22 सेंटीमीटर, नरसिंहपुर में 18 सेंटीमीटर, ओरछा, सेंवढ़ा एवं पिपरिया में 17-17 सेंटमीटर और तमिया, गाडरवारा एवं उदयपुर में 16-16 सेंटीमीटर पानी बरसा।अधिकारियों ने बताया कि जबलपुर में बरगी बांध के 21 फाटक में से 17 खोल दिए गए हैं। पानी छोड़ने के लिए कुछ अन्य बांधों के फाटक भी खोल दिए गए हैं।
हिमाचल में बारिश की वजह से अब तक 200 लोगों की मौत
हिमाचल प्रदेश में 24 जून से मानसून की शुरुआत होने के बाद से बारिश से संबंधित घटनाओं और सड़क दुर्घटनाओं में मरने वाले लोगों की संख्या 200 हो गई है और राज्य को 6,650 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र ने यह जानकारी दी। केंद्र द्वारा जारी हालिया आंकड़ों के अनुसार, बारिश से संबंधित घटनाओं में कम से कम 238 लोग घायल हुए हैं जबकि 32 लोग लापता हैं। केंद्र के मुताबिक, मानसून के दौरान जान गंवाने वाले 200 लोगों में से 76 की मौत सड़क दुर्घटनाओं में, 39 की मौत भूस्खलन में, 27 लोगों की मौत ऊंचाई से गिरने पर, 18 की मौत बाढ़ में, 17 की मौत दुर्घटनावश डूबने से, एक व्यक्ति की मौत बादल फटने से, नौ लोगों की मौत करंट लगने से और 13 की मौत अन्य कारणों से हुई है।आंकड़ों के मुताबिक, मानसून के दौरान 832 मकान पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए और 7401 मकानों को आंशिक रूप से नुकसान पहुंचा है।
