Jammu Kashmir: सरकार का बड़ा एक्शन, आतंकियों का समर्थन करने पर 3 सरकारी कर्मचारियों को किया बर्खास्त

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated May 13, 2022, 01:53 PM IST

KU के प्रोफेसर Altaf Hussain, शिक्षक Mohammad Maqbool Hajjam और कॉन्स्टेबल Ghulam Rasool उन कर्मचारियों में शामिल हैं जिन पर आतंकवादियों को समर्थन देने का आरोप है।

Jammu Kashmir में आतंकियों के खिलाफ सरकार ने बड़ा एक्शन लिया है, 3 सरकारी कर्मचारियों को बर्खास्त किया गया है। कश्मीर विश्वविद्यालय के रसायन विज्ञान के प्रोफेसर अल्ताफ हुसैन पंडित उन 3 सरकारी कर्मचारियों में शामिल हैं, जिन्हें जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने सक्रिय रूप से आतंकवाद का समर्थन करने के लिए बर्खास्त कर दिया है। दो अन्य स्कूल शिक्षा विभाग के शिक्षक मोहम्मद मकबूल हाजम और जम्मू कश्मीर पुलिस के सिपाही गुलाम रसूल हैं।

सरकार में बैठकर आतंकियों का समर्थन

हाल ही पता चला था कि सिस्टम के भीतर से भी कई लोग ऐसे हैं जो आतंकवादियों का समर्थन करते हैं। सरकार के मुताबिक, आतंकवादियों का पता लगाने की कोशिश की जा रही है जो सरकारी सिस्टम में काम करते हैं और पिछली सरकारों में किसी तरह सिस्टम के भीतर घुसने में कामयाब रहे। कश्मीर विश्वविद्यालय के रसायन विज्ञान के प्रोफेसर अल्ताफ हुसैन पंडित जमात-ए-इस्लाम (JeI) से सक्रिय रूप से जुड़ा रहा। वह आतंकी प्रशिक्षण के लिए पाकिस्तान चला गया था। 1993 में किसी समय सुरक्षा बलों द्वारा गिरफ्तारी से पहले वह तीन साल तक जेकेएलएफ का सक्रिय आतंकवादी बना रहा।

करता था छात्रों का ब्रेनवॉश

अल्ताफ हुसैन जेईआई का सक्रिय कैडर बना रहा और एक आतंकी भर्ती के रूप में काम करता था। उसने 2011 और 2014 में आतंकवादियों की हत्या पर पथराव, हिंसक विरोध प्रदर्शन आयोजित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। 2015 में, अल्ताफ हुसैन कश्मीर विश्वविद्यालय शिक्षक संघ का कार्यकारी सदस्य बना और छात्रों के बीच अलगाववाद का प्रचार करने के लिए अपने पद का इस्तेमाल किया। यह भी पता चला है कि अल्ताफ हुसैन ने कश्मीर विश्वविद्यालय के तीन छात्रों को आतंकी रैंक में शामिल होने के लिए प्रेरित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

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