Chhatron Ki Goonj: कांग्रेस का 'छात्रों की गूंज' अभियान अब मध्य प्रदेश पहुंच गया है। राहुल गांधी इंदौर में छात्रों के साथ संवाद करेंगे।कार्यक्रम को लेकर कांग्रेस ने बड़े स्तर पर तैयारियां की हैं। पार्टी का दावा है कि इस कार्यक्रम में करीब एक लाख विद्यार्थी शामिल हो सकते हैं।
कांग्रेस नेताओं के मुताबिक, कार्यक्रम से पहले प्रदेश के अलग-अलग इलाकों में छात्रों से संपर्क किया गया। कॉलेजों और अन्य शिक्षण संस्थानों में संवाद के साथ बारकोड के जरिए छात्रों का पंजीयन भी कराया गया है। पार्टी का कहना है कि रजिस्ट्रेशन को छात्रों की ओर से अच्छी प्रतिक्रिया मिली है।
शिक्षा, परीक्षा और रोजगार पर रहेगा फोकस
'छात्रों की गूंज' में छात्रों से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है। इनमें शिक्षा व्यवस्था, प्रतियोगी परीक्षाएं, पेपर लीक, सरकारी भर्तियां और रोजगार प्रमुख हैं।
कांग्रेस का कहना है कि उच्च शिक्षा संस्थानों में एकेडमिक कैलेंडर तय समय के अनुसार लागू होना चाहिए और परीक्षाएं भी निर्धारित समय पर होनी चाहिए। पार्टी का यह भी कहना है कि पढ़ाई पूरी करने वाले युवाओं के लिए रोजगार के पर्याप्त अवसर उपलब्ध होने चाहिए।
मध्य प्रदेश में प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर छात्रों की समस्याओं को भी कार्यक्रम में उठाने की तैयारी है। व्यापम, MPPSC और दूसरी प्रतियोगी परीक्षाओं में परीक्षा प्रक्रिया, भर्ती और परिणाम में देरी जैसे मुद्दों पर कांग्रेस छात्रों की आवाज उठाने की बात कह रही है।
युवा मतदाताओं तक पहुंच बनाने की कोशिश
कांग्रेस 'छात्रों की गूंज' को सिर्फ एक छात्र संवाद कार्यक्रम के तौर पर नहीं देख रही है। शिक्षा से जुड़े मुद्दों के साथ परीक्षा और रोजगार के सवालों को उठाकर पार्टी युवाओं के बीच अपनी बात रखने की कोशिश कर रही है।
कांग्रेस के अनुसार, मध्य प्रदेश में 29 वर्ष तक की उम्र के एक करोड़ 30 लाख से ज्यादा मतदाता हैं। ऐसे में युवाओं और पहली बार मतदान करने वाले मतदाताओं से संपर्क पार्टी के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
राहुल गांधी के कार्यक्रम से पहले मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी अलग-अलग कॉलेजों और क्षेत्रों में छात्रों के बीच पहुंच रहे हैं। पार्टी की ओर से ज्यादा से ज्यादा विद्यार्थियों को कार्यक्रम से जोड़ने की कोशिश की जा रही है।
इंदौर और आसपास के कोचिंग संस्थानों से भी बड़ी संख्या में छात्रों को कार्यक्रम में लाने की तैयारी है। कांग्रेस नेताओं के मुताबिक, करीब 25 हजार छात्रों को कोचिंग सेंटरों के जरिए जोड़ने की योजना है।
झाबुआ क्षेत्र के आदिवासी छात्रों की भी भागीदारी
कार्यक्रम में आदिवासी छात्रों की मौजूदगी भी कांग्रेस के लिए महत्वपूर्ण होगी। पार्टी सूत्रों का दावा है कि झाबुआ क्षेत्र से करीब 24 हजार आदिवासी छात्र इंदौर पहुंच सकते हैं।
पुणे में 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम के दौरान राहुल गांधी ने आदिवासी छात्रावास में कथित भेदभाव का मुद्दा उठाया था। इसके बाद उन्होंने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र भी लिखा था। इंदौर में भी आदिवासी छात्रों से जुड़े मुद्दों को जगह मिलने की संभावना है।
उत्तर प्रदेश और देहरादून में पेपर लीक और परीक्षा व्यवस्था के मुद्दे उठाए गए। पुणे में राहुल गांधी ने केंद्र सरकार, भाजपा और आरएसएस से जुड़े मुद्दों पर भी हमला बोला था। ऐसे में इंदौर के कार्यक्रम में भी छात्रों से जुड़े मुद्दों के साथ राजनीतिक मुद्दे उठने की संभावना है।
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कांग्रेस के लिए इंदौर कार्यक्रम इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि पार्टी यहां बड़े छात्र जुटान की तैयारी कर रही है। इंदौर और आसपास के क्षेत्रों में कॉलेजों, कोचिंग संस्थानों और छात्रों के बीच संपर्क अभियान चलाया गया है।
पुणे कार्यक्रम में जहां छात्राओं की बड़ी भागीदारी रही थी, वहीं इंदौर में छात्र और छात्राएं दोनों शामिल होंगे। कांग्रेस नेताओं का दावा है कि रजिस्ट्रेशन और जमीनी संपर्क को देखते हुए कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों के पहुंचने की उम्मीद है।
DU छात्रसंघ चुनाव के नतीजों पर भी नजर
इंदौर में राहुल गांधी के कार्यक्रम के साथ दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव के नतीजे भी राजनीतिक चर्चा का हिस्सा रहेंगे। शनिवार को आने वाले नतीजों के बाद छात्र राजनीति को लेकर कांग्रेस और भाजपा के बीच बयानबाजी तेज हो सकती है। ऐसे में इंदौर का कार्यक्रम कांग्रेस के लिए युवाओं के मुद्दों को सामने रखने के साथ-साथ अपने छात्र संपर्क अभियान को आगे बढ़ाने का एक बड़ा मंच होगा।
कांग्रेस की कोशिश शिक्षा, परीक्षा, भर्ती और रोजगार जैसे सीधे छात्रों से जुड़े मुद्दों के जरिए युवाओं के बीच संवाद बढ़ाने की है। अब इंदौर में राहुल गांधी के कार्यक्रम के जरिए यह अभियान मध्य प्रदेश में किस स्तर तक पहुंच बनाता है, इस पर नजर रहेगी।
