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वरिष्ठ पत्रकार मार्क टली का निधन, 90 वर्ष की उम्र में ली अंतिम सांस; पीएम मोदी ने जताया दुख

वरिष्ठ पत्रकार और प्रसिद्ध लेखक मार्क टली का रविवार को दिल्ली के एक अस्पताल में 90 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। वे लंबे समय से अस्वस्थ थे और पिछले एक सप्ताह से अस्पताल में भर्ती थे।

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वरिष्ठ पत्रकार मार्क टली का निधन

वरिष्ठ पत्रकार और प्रसिद्ध लेखक मार्क टली का रविवार को दिल्ली के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया। वे 90 वर्ष के थे। उनके निधन की पुष्टि FCC South Asia and IAPC ने की। मार्क टली पिछले कुछ समय से अस्वस्थ थे और बीते एक सप्ताह से साकेत स्थित मैक्स अस्पताल में भर्ती थे, जहां रविवार दोपहर उन्होंने अंतिम सांस ली।

वरिष्ठ पत्रकार मार्क टली का निधन

FCC South Asia and IAPC ने उनके निधन पर कहा- "बहुत दुख और गहरे शोक के साथ, हम आपको हमारे संस्थापक सदस्य, मार्क टली के निधन की सूचना दे रहे हैं, जिनका आज, 25 जनवरी 2025 को निधन हो गया। हम मार्क टली के निधन पर शोक व्यक्त करते हैं - जो रेडियो पत्रकारिता के एक सच्चे दिग्गज और FCC साउथ एशिया के संस्थापक स्तंभ थे। पच्चीस साल से भी ज्यादा समय तक, उनकी आवाज भारत में सबसे भरोसेमंद और पहचानी जाने वाली आवाजों में से एक थी, जिसने लाखों लोगों को उन पलों में मार्गदर्शन दिया जिन्होंने देश के आधुनिक इतिहास को आकार दिया। BBC के लिए उनकी रिपोर्टिंग दुर्लभ ईमानदारी, असाधारण गहराई और सच्चाई के प्रति अटूट प्रतिबद्धता के लिए जानी जाती थी।

पीएम मोदी ने जताया दुख

उनके निधन पर प्रधानमंत्री मोदी ने दुख जताया है। पीएम नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट कर कहा कि पत्रकारिता की दुनिया की एक बड़ी हस्ती सर मार्क टली के निधन से दुख हुआ। भारत और हमारे देश के लोगों के साथ उनका जुड़ाव उनके काम में झलकता था। उनकी रिपोर्टिंग और सोच ने पब्लिक बातचीत पर एक गहरी छाप छोड़ी है। उनके परिवार, दोस्तों और कई चाहने वालों के प्रति संवेदनाएं।

मार्क टली का कोलकाता में हुआ था जन्म

24 अक्टूबर 1935 को तत्कालीन कलकत्ता (अब कोलकाता) में जन्मे मार्क टली ने पत्रकारिता की दुनिया में एक विशिष्ट पहचान बनाई। उन्होंने भारत को न सिर्फ करीब से देखा, बल्कि उसे समझा और दुनिया के सामने बेहद संवेदनशील और संतुलित नजरिए से प्रस्तुत किया। वे करीब 22 वर्षों तक बीबीसी के नई दिल्ली ब्यूरो प्रमुख रहे और इस दौरान भारत की राजनीति, समाज और संस्कृति पर उनकी रिपोर्टिंग को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया।

कई किताबों के लेखक

पत्रकार होने के साथ-साथ मार्क टली एक प्रख्यात लेखक भी थे। भारत पर आधारित उनकी किताबें आज भी संदर्भ ग्रंथ मानी जाती हैं। ‘नो फुल स्टॉप्स इन इंडिया’, ‘इंडिया इन स्लो मोशन’ और ‘द हार्ट ऑफ इंडिया’ जैसी रचनाओं के जरिए उन्होंने भारतीय समाज की जटिलताओं, विरोधाभासों और आत्मा को बेहद सहज भाषा में दुनिया के सामने रखा।

मार्क टली को पद्म भूषण से किया गया था सम्मानित

इसके अलावा वे बीबीसी रेडियो-4 के लोकप्रिय कार्यक्रम ‘समथिंग अंडरस्टूड’ के प्रस्तोता भी रहे। उनके योगदान को देखते हुए उन्हें वर्ष 2002 में ब्रिटेन की ओर से ‘नाइट’ की उपाधि प्रदान की गई, जबकि भारत सरकार ने उन्हें 2005 में पद्म भूषण से सम्मानित किया। मार्क टली का निधन पत्रकारिता और साहित्य जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है। भारत के प्रति उनकी गहरी समझ, निष्पक्ष दृष्टि और मानवीय संवेदनाएं उन्हें हमेशा एक विशिष्ट पत्रकार और लेखक के रूप में यादगार बनाए रखेंगी।

Shishupal Kumar
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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