Uttarakhand UCC: उत्तराखंड कैबिनेट ने समान नागरिक संहिता के मसौदे को मंजूरी दे दी है। जिसके बाद अब धामी सरकार इसे विधानसभा में पेश करेगी। जहां से पास होने के बाद यह कानून बन जाएगा। यूसीसी के तहत प्रदेश में सभी नागरिकों के लिए एकसमान विवाह, तलाक, जमीन, संपत्ति और उत्तराधिकार के कानून लागू होंगे चाहे वे किसी भी धर्म को मानने वाले हों।
6 फरवरी को विधानसभा में होगा पेश
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व वाली उत्तराखंड कैबिनेट ने रविवार को उच्च स्तरीय सरकार द्वारा नियुक्त समिति द्वारा की गई सिफारिशों के बाद समान नागरिक संहिता विधेयक पारित कर दिया। मिली जानकारी के अनुसार 6 फरवरी को यह विधेयक विधानसभा में पेश किया जाएगा। यह विधेयक धामी की अध्यक्षता में देहरादून में उनके आवास पर हुई कैबिनेट बैठक के दौरान पारित किया गया।
उत्तराखंड बन जाएगा पहला राज्य
सुप्रीम कोर्ट की सेवानिवृत्त न्यायाधीश रंजना प्रकाश देसाई की अगुवाई वाली यूसीसी मसौदा समिति ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को मसौदा सौंपा था। यूसीसी राज्य में सभी समुदायों के लिए समान नागरिक कानून का प्रस्ताव करता है। इसके लागू होते ही उत्तराखंड आजादी के बाद यूसीसी अपनाने वाला पहला भारतीय राज्य बन जाएगा।
भाजपा का था चुनावी वादा
यूसीसी पर अधिनियम बनाकर उसे प्रदेश में लागू करना 2022 में हुए विधानसभा चुनावों के दौरान भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) द्वारा जनता से किए गए प्रमुख वादों में से एक था। वर्ष 2000 में अस्तित्व में आए उत्तराखंड में लगातार दूसरी बार जीत दर्ज कर इतिहास रचने के बाद भाजपा ने मार्च 2022 में सरकार गठन के तत्काल बाद मंत्रिमंडल की पहली बैठक में ही यूसीसी का मसौदा तैयार करने के लिए विशेषज्ञ समिति के गठन को मंजूरी दे दी थी ।
